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Rewari News: झाबुआ के जंगल में सुबह नजर आया बाघ
Sat, 24 Aug 2024 02:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Aug 2024 02:13 AM IST
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फोटो: 20रेवाड़ी। कैमरे में कैद हुआ बाघ। स्रोत: विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल (रेवाड़ी)। सरिस्का के जंगल से निकल कर जिले के गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचा बाध तीसरी बार शुक्रवार की सुबह फिर नजर आया। बाघ की गतिविधि को लेकर गांव के लोगों में भय है। वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के प्रयास में लगी है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश होने के कारण बाघ 2 दिन से एक ही जगह पर बैठा हुआ था। बारिश में बाघ ज्यादा हलचल नहीं करते हैं। अब बारिश नहीं हो रही है तो बाघ ने फिर से हलचल शुरू कर दी है। शुक्रवार की सुबब दोबारा से बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद होने के बाद वन विभाग की टीम फिर से सतर्क हो गई है और बाघ को पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने की लगातार प्रयास कर रही है लेकिन अभी तक बाघ पकड़ में नहीं आया है।
गांव झाबुआ में बाघ के दस्तक देने के बाद से ही लोग खौफ में हैं। लोगों की दिनचर्या भी अब पहले जैसी नहीं रही। जहां लोग सुबह के समय जल्दी उठकर खेतों में जाया करते थे या सैर के लिए निकलते थे, अब ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। अगर लोग खेतों में भी जा रहे हैं तो वह भी दिन के समय में डरे सहमें घर से निकल रहे हैं। फिलहाल जब तक बाघ नहीं पकड़ा जाता तब तक गांव में स्थिति इसी प्रकार की रहेगी।
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सरिस्का से गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ की पहली तस्वीर सोमवार को सामने आई थी। बाघ 2 दिन से मोर एवं चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छुपा हुआ था। पूरा जंगल 750 एकड़ में बना हुआ है। फोटो सुबह के समय वन विभाग के ट्रैप कैमरों द्वारा ली गई थी। दरअसल, वन विभाग की टीम ने जंगल में 10 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। यह ट्रैप कैमरे किसी भी प्रकार की मूवमेंट को तुरंत कैद कर लेते हैं। दूसरी तरफ वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी तैयार किया हुआ है। सरिस्का से 20 और रेवाड़ी वन विभाग से करीब 15 कर्मचारी बाघ को पकड़ने में जुटे हुए हैं।
वर्जन:
शुक्रवार को सुबह के समय बाघ कैमरे में कैद हुआ है। रेवाड़ी और सरिस्का वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने की लगातार कोशिश कर रही है।
प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल
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बावल (रेवाड़ी)। सरिस्का के जंगल से निकल कर जिले के गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचा बाध तीसरी बार शुक्रवार की सुबह फिर नजर आया। बाघ की गतिविधि को लेकर गांव के लोगों में भय है। वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के प्रयास में लगी है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश होने के कारण बाघ 2 दिन से एक ही जगह पर बैठा हुआ था। बारिश में बाघ ज्यादा हलचल नहीं करते हैं। अब बारिश नहीं हो रही है तो बाघ ने फिर से हलचल शुरू कर दी है। शुक्रवार की सुबब दोबारा से बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद होने के बाद वन विभाग की टीम फिर से सतर्क हो गई है और बाघ को पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने की लगातार प्रयास कर रही है लेकिन अभी तक बाघ पकड़ में नहीं आया है।
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गांव झाबुआ में बाघ के दस्तक देने के बाद से ही लोग खौफ में हैं। लोगों की दिनचर्या भी अब पहले जैसी नहीं रही। जहां लोग सुबह के समय जल्दी उठकर खेतों में जाया करते थे या सैर के लिए निकलते थे, अब ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। अगर लोग खेतों में भी जा रहे हैं तो वह भी दिन के समय में डरे सहमें घर से निकल रहे हैं। फिलहाल जब तक बाघ नहीं पकड़ा जाता तब तक गांव में स्थिति इसी प्रकार की रहेगी।
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सरिस्का से गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ की पहली तस्वीर सोमवार को सामने आई थी। बाघ 2 दिन से मोर एवं चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छुपा हुआ था। पूरा जंगल 750 एकड़ में बना हुआ है। फोटो सुबह के समय वन विभाग के ट्रैप कैमरों द्वारा ली गई थी। दरअसल, वन विभाग की टीम ने जंगल में 10 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। यह ट्रैप कैमरे किसी भी प्रकार की मूवमेंट को तुरंत कैद कर लेते हैं। दूसरी तरफ वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी तैयार किया हुआ है। सरिस्का से 20 और रेवाड़ी वन विभाग से करीब 15 कर्मचारी बाघ को पकड़ने में जुटे हुए हैं।
वर्जन:
शुक्रवार को सुबह के समय बाघ कैमरे में कैद हुआ है। रेवाड़ी और सरिस्का वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने की लगातार कोशिश कर रही है।
प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल