{"_id":"68c072ae55e2fc7d740168c6","slug":"there-is-a-shortage-of-rooms-in-the-government-model-sanskriti-school-classes-are-being-held-in-two-shifts-rewari-news-c-198-1-fth1001-225431-2025-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय में कमरों की कमी, दो शिफ्टों में लग रहीं कक्षाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय में कमरों की कमी, दो शिफ्टों में लग रहीं कक्षाएं
Wed, 10 Sep 2025 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 10 Sep 2025 12:02 AM IST
विज्ञापन
फोटो : 12स्कूल की लैब में पढ़ाई कर बच्चे। संवाद
रेवाड़ी। गांव ततारपुर इस्तमुरार स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय में कमरों की कमी के चलते डेढ़ साल से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कक्षों की संख्या कम है। इसके चलते स्थिति यह है कि विद्यालय प्रशासन को दो शिफ्टों में कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। पहले शिफ्ट में सुबह 9 बजे से साढ़े 12 बजे तक कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है।
दूसरे शिफ्ट में दोपहर 1 बजे से शाम सवा 6 बजे तक पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को पढ़ाया जाता है। इस व्यवस्था से न सिर्फ विद्यार्थियों को कठिनाई हो रही है बल्कि शिक्षकों को भी अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ रहा है।
वर्तमान स्कूल में 26 कमरों की जगह केवल 14 कमरे ही उपलब्ध हैं। कमरों की कमी के कारण कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं को अस्थायी कक्षा में बदलना पड़ा है। बच्चों को न तो प्रयोगशालाओं की सुविधा समय पर मिल पा रही है और न ही कंप्यूटर शिक्षा सुचारू रूप से संचालित हो पा रही है। वहीं, विद्यालय भवन का निर्माण ठप पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
--
डेढ़ वर्ष से ठप पड़ा है 22 कमरों का निर्माण
विद्यालय परिसर में 22 कमरों का निर्माण कार्य पिछले डेढ़ साल से ठप पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि समय पर भवन का निर्माण कार्य पूरा हो जाता तो बच्चों को आज इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। कुल मिलाकर, मॉडल स्कूल का दर्जा मिलने के बावजूद संसाधनों की कमी से उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। एक ओर जहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की घोषणाएं की जाती है, दूसरी ओर वास्तविकता यह है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त कमरे तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
विद्यार्थियों ने बताया कि दो शिफ्टों में पढ़ाई से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। सुबह पढ़ने वाले छात्रों को सीमित समय में पाठ्यक्रम पूरा करना पड़ता है। वहीं दोपहर की शिफ्ट में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को देर शाम तक स्कूल में रहना मुश्किल लगता है। गर्मियों में यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण साबित होती है। आने वाले दिनों में ठंड का मौसम शुरू हो जाएगा। ऐसे में छोटे बच्चों का देर शाम तक स्कूल में रहना उचित नहीं होगा। अगर शिक्षा विभाग ने जल्द व्यवस्था ठीक नहीं कराई तो काफी समस्या हो सकती है। इसे लेकर स्कूल के शिक्षक अभी से चिंतित हैं।
वर्जन :
कमरों की कमी की वजह से अभी दो शिफ्टों में कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। फिर भी जैसे तैसे पढ़ाई करवाई जा रही है। मौजूदा स्थिति से उच्च अधिकारियों को हमने अवगत कराया हुआ है।-विनोद मेहता, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय, ततारपुर इस्तमुरार
विज्ञापन
दूसरे शिफ्ट में दोपहर 1 बजे से शाम सवा 6 बजे तक पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को पढ़ाया जाता है। इस व्यवस्था से न सिर्फ विद्यार्थियों को कठिनाई हो रही है बल्कि शिक्षकों को भी अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वर्तमान स्कूल में 26 कमरों की जगह केवल 14 कमरे ही उपलब्ध हैं। कमरों की कमी के कारण कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं को अस्थायी कक्षा में बदलना पड़ा है। बच्चों को न तो प्रयोगशालाओं की सुविधा समय पर मिल पा रही है और न ही कंप्यूटर शिक्षा सुचारू रूप से संचालित हो पा रही है। वहीं, विद्यालय भवन का निर्माण ठप पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
डेढ़ वर्ष से ठप पड़ा है 22 कमरों का निर्माण
विद्यालय परिसर में 22 कमरों का निर्माण कार्य पिछले डेढ़ साल से ठप पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि समय पर भवन का निर्माण कार्य पूरा हो जाता तो बच्चों को आज इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। कुल मिलाकर, मॉडल स्कूल का दर्जा मिलने के बावजूद संसाधनों की कमी से उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। एक ओर जहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की घोषणाएं की जाती है, दूसरी ओर वास्तविकता यह है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त कमरे तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
विद्यार्थियों ने बताया कि दो शिफ्टों में पढ़ाई से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। सुबह पढ़ने वाले छात्रों को सीमित समय में पाठ्यक्रम पूरा करना पड़ता है। वहीं दोपहर की शिफ्ट में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को देर शाम तक स्कूल में रहना मुश्किल लगता है। गर्मियों में यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण साबित होती है। आने वाले दिनों में ठंड का मौसम शुरू हो जाएगा। ऐसे में छोटे बच्चों का देर शाम तक स्कूल में रहना उचित नहीं होगा। अगर शिक्षा विभाग ने जल्द व्यवस्था ठीक नहीं कराई तो काफी समस्या हो सकती है। इसे लेकर स्कूल के शिक्षक अभी से चिंतित हैं।
वर्जन :
कमरों की कमी की वजह से अभी दो शिफ्टों में कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। फिर भी जैसे तैसे पढ़ाई करवाई जा रही है। मौजूदा स्थिति से उच्च अधिकारियों को हमने अवगत कराया हुआ है।-विनोद मेहता, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय, ततारपुर इस्तमुरार