{"_id":"69c02e8b4543a312030a94cc","slug":"the-voice-of-patriotism-resonated-in-the-program-mera-rang-de-basanti-chola-rewari-news-c-198-1-rew1001-235450-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: मेरा रंग दे बसंती चोला कार्यक्रम में गूंजा देशभक्ति का स्वर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: मेरा रंग दे बसंती चोला कार्यक्रम में गूंजा देशभक्ति का स्वर
विज्ञापन
पंजाबी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते लोग। स्रोत : संस्था
- फोटो : टूंडला में भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा में नृत्य करतीं महिलाएं संवाद
रेवाड़ी। हमारा परिवार संस्था के तत्वावधान में भगत सिंह के बलिदानी दिवस के उपलक्ष्य में पंजाबी धर्मशाला में मेरा रंग दे बसंती चोला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था के संयोजक दिनेश कपूर ने कहा कि मात्र 11 वर्ष की आयु में भगत सिंह ने जलियांवाला बाग हत्याकांड का दर्दनाक दृश्य देखा था जिसने उनके जीवन की दिशा तय कर दी।
उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी से देश को आजाद कराने का संकल्प लिया और आगे चलकर लाहौर असेंबली में बम फेंककर अंग्रेजी हुकूमत को सीधी चुनौती दी। बाद में उन्होंने स्वयं गिरफ्तारी देकर अदालत में ब्रिटिश शासन के अत्याचारों को उजागर किया।
समाजसेवी भारत कालड़ा, डॉ. बलबीर अग्रवाल, राजेंद्र सिंह यादव, दीपेश भार्गव और अरुण गुप्ता ने कहा कि भगत सिंह के बढ़ते प्रभाव से घबराकर अंग्रेज सरकार ने उन्हें और उनके साथियों को निर्धारित समय से पहले ही फांसी दे दी। पूर्व नगर प्रधान सरोज भारद्वाज, पार्षद सुचित्रा चांदना, मधु गुप्ता और निशा सीकरी ने कहा कि उनके अंतिम शब्दों में भी देशभक्ति की झलक थी।
विज्ञापन
इस दौरान योग शिक्षक दयाराम आर्य ने आसन व प्राणायाम का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. दीपक यादव, प्रमुख शिक्षाविद प्रो. सीएल सोनी मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी से देश को आजाद कराने का संकल्प लिया और आगे चलकर लाहौर असेंबली में बम फेंककर अंग्रेजी हुकूमत को सीधी चुनौती दी। बाद में उन्होंने स्वयं गिरफ्तारी देकर अदालत में ब्रिटिश शासन के अत्याचारों को उजागर किया।
विज्ञापन
समाजसेवी भारत कालड़ा, डॉ. बलबीर अग्रवाल, राजेंद्र सिंह यादव, दीपेश भार्गव और अरुण गुप्ता ने कहा कि भगत सिंह के बढ़ते प्रभाव से घबराकर अंग्रेज सरकार ने उन्हें और उनके साथियों को निर्धारित समय से पहले ही फांसी दे दी। पूर्व नगर प्रधान सरोज भारद्वाज, पार्षद सुचित्रा चांदना, मधु गुप्ता और निशा सीकरी ने कहा कि उनके अंतिम शब्दों में भी देशभक्ति की झलक थी।
विज्ञापन
इस दौरान योग शिक्षक दयाराम आर्य ने आसन व प्राणायाम का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. दीपक यादव, प्रमुख शिक्षाविद प्रो. सीएल सोनी मौजूद रहे।