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Rewari News: स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को दुनिया में विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में हैं मनाते
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फोटो : 12आईजीयू में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते वक्ता। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय एवं विवेकानंद केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं से प्रेरित होकर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
11 सितंबर 1893 को शिकागो धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को दुनिया भर में हर साल विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसमें उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम् की भावना का प्रचार किया।
कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद पीठ एवं छात्र कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली से डॉ. अमरेंद्र कुमार आर्य उपस्थित रहे।
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कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने मुख्य वक्ता का फूलों के गुलदस्ते से स्वागत किया। विवेकानंद केंद्र के नगर प्रमुख महेश शर्मा ने ओम उच्चारण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं गीत गाकर सभी युवा विद्यार्थियों को देशभक्ति के प्रति प्रोत्साहित किया।
मुख्य वक्ता डॉ. अमरेंद्र कुमार आर्य ने सभी युवा विद्यार्थियों को विश्व बंधुत्व दिवस की बधाई देते हुए स्वामी विवेकानंद के शिकागो धर्म महासभा के भाषण को उद्धृत करते हुए कहा, मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों...इन शब्दों के साथ स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व में एकता, भाईचारे और सद्भाव का प्रचार किया।
दर्शकों में उत्साह की एक बड़ी लहर दौड़ गई। वे लगातार दो मिनट तक तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अपने पैरों पर खड़े हो गए। अपने भाषण में उन्होंने धार्मिक सहिष्णुता और सद्भाव का प्रचार किया।
अमेरिकन प्रेस ने स्वामी विवेकानंद की भारत से आए चक्रवाती भिक्षु के रूप में प्रशंसा की और उनके उदात्त आदर्शों पर प्रकाश डाला, जिसने न केवल स्वामी विवेकानंद के नाम और प्रसिद्धि को रखा, बल्कि भारत और हिंदू धर्म को भी दुनिया के शीर्ष पर रखा।
उन्होंने बताया कि शिकागो धर्म संसद में उनका भाषण भारत और सनातन धर्म को वैश्विक मानचित्र पर लाने, भारत को पश्चिम से परिचित कराने और भारत और सनातन धर्म के बारे में पश्चिमी लोगों द्वारा की गई झूठी छवि को तोड़ने में महत्वपूर्ण था।
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11 सितंबर 1893 को शिकागो धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को दुनिया भर में हर साल विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसमें उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम् की भावना का प्रचार किया।
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कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद पीठ एवं छात्र कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली से डॉ. अमरेंद्र कुमार आर्य उपस्थित रहे।
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कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने मुख्य वक्ता का फूलों के गुलदस्ते से स्वागत किया। विवेकानंद केंद्र के नगर प्रमुख महेश शर्मा ने ओम उच्चारण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं गीत गाकर सभी युवा विद्यार्थियों को देशभक्ति के प्रति प्रोत्साहित किया।
मुख्य वक्ता डॉ. अमरेंद्र कुमार आर्य ने सभी युवा विद्यार्थियों को विश्व बंधुत्व दिवस की बधाई देते हुए स्वामी विवेकानंद के शिकागो धर्म महासभा के भाषण को उद्धृत करते हुए कहा, मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों...इन शब्दों के साथ स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व में एकता, भाईचारे और सद्भाव का प्रचार किया।
दर्शकों में उत्साह की एक बड़ी लहर दौड़ गई। वे लगातार दो मिनट तक तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अपने पैरों पर खड़े हो गए। अपने भाषण में उन्होंने धार्मिक सहिष्णुता और सद्भाव का प्रचार किया।
अमेरिकन प्रेस ने स्वामी विवेकानंद की भारत से आए चक्रवाती भिक्षु के रूप में प्रशंसा की और उनके उदात्त आदर्शों पर प्रकाश डाला, जिसने न केवल स्वामी विवेकानंद के नाम और प्रसिद्धि को रखा, बल्कि भारत और हिंदू धर्म को भी दुनिया के शीर्ष पर रखा।
उन्होंने बताया कि शिकागो धर्म संसद में उनका भाषण भारत और सनातन धर्म को वैश्विक मानचित्र पर लाने, भारत को पश्चिम से परिचित कराने और भारत और सनातन धर्म के बारे में पश्चिमी लोगों द्वारा की गई झूठी छवि को तोड़ने में महत्वपूर्ण था।