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Rewari News: गीजर का गैस रिसाव होने से छात्र की मौत
Sun, 16 Feb 2025 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 16 Feb 2025 12:23 AM IST
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मृतक, यथार्थ
- फोटो : mathura
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर की इम्प्लाइज कॉलोनी में गीजर का गैस रिसाव होने से 15 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार की शाम हुई। बेहोशी की हालत में छात्र यथार्थ को अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
नगर के गढ़ी बोलनी रोड स्थित इम्प्लाइज कॉलोनी निवासी यथार्थ एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा का विद्यार्थी था। यथार्थ की मां एक निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। वह शुक्रवार को स्कूल गई थीं। इसी बीच यथार्थ बाथरूम में गया और गीजर चालू कर दिया। गीजर का गैस रिसने के कारण उसका दम घुट गया और वह बेहोश हो गया। जब वह शाम को घर पहुंचीं और यथार्थ को आवाज लगाई लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। बाद में उन्होंने देखा कि बाथरूम की कुंडी बाहर से लगी थी। बाथरूम का दरवाजा खोलने पर यथार्थ बेसुध पड़ा मिला। पड़ोसियों की मदद से यथार्थ को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बाद में शव को परिजनों के सुपर्द कर दिया गया। शनिवार को यथार्थ का अंतिम संस्कार किया गया।
वर्जन:
प्रथम दृष्टया बाथरूम में गीजर के गैस रिसाव से यथार्थ की मौत की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कुछ कहा जा सकता है।-विद्यासागर, प्रभारी, थाना मॉडल टाउन
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जनवरी में गीजर के गैस से पिता और बच्ची हुई थी बेहोश
जनवरी के पहले सप्ताह में शहर में एक महिला वार्ड पार्षद के पति और छोटी बच्ची गीजर से गैस निकलने की वजह से बेहोश हो गए थे। आनन फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वार्ड नंबर 26 की पार्षद मोनिका यादव ने बताया कि उनके पति मृत्युंजय और उनकी छोटी बच्ची 2 दिन पहले गैस गीजर चलाकर नहा रहे थे। इसी दौरान अचानक से दोनों बेहोश हो गए। आनन-फानन में उन्हें इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इन कारणों से बनती है गैस
गीजर में जब एलपीजी जलती है, तो उसे ऑक्सीजन की जरूरत होती है। बाथरूम में गैस गीजर चालू रखने से ऑक्सीजन खत्म हो जाती है। ईंधन को जलने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने से कार्बन मोनोऑक्साइड व नाइट्रो ऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है। यह गैस सांस के साथ शरीर में प्रवेश करती है। शरीर को ऑक्सीजन न मिलने व जहरीली गैस मिलने के कारण मौत हो जाती है। यह प्रक्रिया उसी तरह होती है, जैसे बंद कमरे में अंगीठी जलाने से होती है। गीजर के गैस से होने वाले खतरों से लोग अंजान हैं। बेहोशी की हालत में समय रहते ऑक्सीजन मिल जाए तो जान बच सकती है। ज्यादा देर होने पर जान पर बन आती है। यदि आपके घर में मिर्गी, पार्किंसंस या दौरे के मरीज हैं तो बंद बाथरूम में गैस गीजर का इस्तेमाल करने में बहुत ही सावधानी जरूरी है।
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बरते ये सावधानियां
बाथरूम के बाहर गैस गीजर लगाएं।
बाथरूम के अंदर केवल गीजर से सप्लाई हो रहे पानी की पाइप ही होनी चाहिए।
गैस गीजर ऐसे स्थान पर लगा हो जहां वेंटीलेशन की अच्छी व्यवस्था हो।
गैस का सिलेंडर बाथरूम के बाहर ही लगाएं।
बाथरूम में जालीदार खिड़की है तो उसे ढंके नहीं ऐसे रखें कि हवा आती-जाती रहे।
बेहतर तो यही रहेगा की गैस गीजर से पहले पानी भर लें।
बाल्टी या टब भर जाने के बाद इसे बंद कर दें। इसके बाद अंदर नहाने जाएं। इससे जान को खतरा ही नहीं रहेगा।
बंद बाथरूम में गैस गीजर के इस्तेमाल के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड गैस पैदा होती है।
शुरुआत में इसकी गंध अधिक महसूस नहीं होती, लेकिन देखते ही देखते इससे दम घुटने लगता है।
नहाने के समय अगर आपने गैस गीजर चलाया है और सांस लेने में परेशानी हो रही है तो इसे सामान्य न लें, तत्काल बाथरूम की कुंडी खोलें।
बाथरूम के दो दरवाजे होने चाहिए। यदि नहीं हैं तो बाथरूम का दरवाजा बाहर की तरफ खुलना चाहिए।
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रेवाड़ी। शहर की इम्प्लाइज कॉलोनी में गीजर का गैस रिसाव होने से 15 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार की शाम हुई। बेहोशी की हालत में छात्र यथार्थ को अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
नगर के गढ़ी बोलनी रोड स्थित इम्प्लाइज कॉलोनी निवासी यथार्थ एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा का विद्यार्थी था। यथार्थ की मां एक निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। वह शुक्रवार को स्कूल गई थीं। इसी बीच यथार्थ बाथरूम में गया और गीजर चालू कर दिया। गीजर का गैस रिसने के कारण उसका दम घुट गया और वह बेहोश हो गया। जब वह शाम को घर पहुंचीं और यथार्थ को आवाज लगाई लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। बाद में उन्होंने देखा कि बाथरूम की कुंडी बाहर से लगी थी। बाथरूम का दरवाजा खोलने पर यथार्थ बेसुध पड़ा मिला। पड़ोसियों की मदद से यथार्थ को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बाद में शव को परिजनों के सुपर्द कर दिया गया। शनिवार को यथार्थ का अंतिम संस्कार किया गया।
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वर्जन:
प्रथम दृष्टया बाथरूम में गीजर के गैस रिसाव से यथार्थ की मौत की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कुछ कहा जा सकता है।-विद्यासागर, प्रभारी, थाना मॉडल टाउन
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जनवरी में गीजर के गैस से पिता और बच्ची हुई थी बेहोश
जनवरी के पहले सप्ताह में शहर में एक महिला वार्ड पार्षद के पति और छोटी बच्ची गीजर से गैस निकलने की वजह से बेहोश हो गए थे। आनन फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वार्ड नंबर 26 की पार्षद मोनिका यादव ने बताया कि उनके पति मृत्युंजय और उनकी छोटी बच्ची 2 दिन पहले गैस गीजर चलाकर नहा रहे थे। इसी दौरान अचानक से दोनों बेहोश हो गए। आनन-फानन में उन्हें इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इन कारणों से बनती है गैस
गीजर में जब एलपीजी जलती है, तो उसे ऑक्सीजन की जरूरत होती है। बाथरूम में गैस गीजर चालू रखने से ऑक्सीजन खत्म हो जाती है। ईंधन को जलने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने से कार्बन मोनोऑक्साइड व नाइट्रो ऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है। यह गैस सांस के साथ शरीर में प्रवेश करती है। शरीर को ऑक्सीजन न मिलने व जहरीली गैस मिलने के कारण मौत हो जाती है। यह प्रक्रिया उसी तरह होती है, जैसे बंद कमरे में अंगीठी जलाने से होती है। गीजर के गैस से होने वाले खतरों से लोग अंजान हैं। बेहोशी की हालत में समय रहते ऑक्सीजन मिल जाए तो जान बच सकती है। ज्यादा देर होने पर जान पर बन आती है। यदि आपके घर में मिर्गी, पार्किंसंस या दौरे के मरीज हैं तो बंद बाथरूम में गैस गीजर का इस्तेमाल करने में बहुत ही सावधानी जरूरी है।
बरते ये सावधानियां
बाथरूम के बाहर गैस गीजर लगाएं।
बाथरूम के अंदर केवल गीजर से सप्लाई हो रहे पानी की पाइप ही होनी चाहिए।
गैस गीजर ऐसे स्थान पर लगा हो जहां वेंटीलेशन की अच्छी व्यवस्था हो।
गैस का सिलेंडर बाथरूम के बाहर ही लगाएं।
बाथरूम में जालीदार खिड़की है तो उसे ढंके नहीं ऐसे रखें कि हवा आती-जाती रहे।
बेहतर तो यही रहेगा की गैस गीजर से पहले पानी भर लें।
बाल्टी या टब भर जाने के बाद इसे बंद कर दें। इसके बाद अंदर नहाने जाएं। इससे जान को खतरा ही नहीं रहेगा।
बंद बाथरूम में गैस गीजर के इस्तेमाल के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड गैस पैदा होती है।
शुरुआत में इसकी गंध अधिक महसूस नहीं होती, लेकिन देखते ही देखते इससे दम घुटने लगता है।
नहाने के समय अगर आपने गैस गीजर चलाया है और सांस लेने में परेशानी हो रही है तो इसे सामान्य न लें, तत्काल बाथरूम की कुंडी खोलें।
बाथरूम के दो दरवाजे होने चाहिए। यदि नहीं हैं तो बाथरूम का दरवाजा बाहर की तरफ खुलना चाहिए।