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Rewari News: साहब! मेरी रेहड़ी मत तोड़ो, इससे ही होता है गुजारा...
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रेवाड़ी। शुक्रवार की दोपहर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से बड़ी कार्रवाई की गई। बावल रोड पर कोर्ट कॉम्प्लेक्स के पीछे एचएसवीपी की जमीन पर झोपड़ी डालकर रह रहे गाड़िया लुहारों के आशियाने पर बुलडोजर चलाया गया। बावल रोड पर सड़क किनारे दोनों तरफ पर कई झुग्गी-झोपड़ी बनी हुई थी। इन सभी को हटा दिया गया। इस दौरान झोपड़ी में रहने वाली महिलाओं व अन्य लोग हाथ जोड़कर रहम की भीख भी मांगते दिखे। कार्रवाई के दौरान झोपड़ी में रखा घर का सामान तक तहस-नहस हो गया। प्रशासन में झुग्गी-झोपड़ी वालों को बर्तन तक उठाने का भी समय नहीं दिया। इस दौरान जब बुलडोजर चला तो लोग बर्तन, बिस्तर, चारपाई लेकर इधर-उधर भागने लगे। कई झुग्गियों में तो बुलडोजर सीधे ही चला दिया गया। झोपड़ी में रखे खाने पीने का सामान भी निकालने तक का समय नहीं दिया। जबकि इन सभी सामान को उठाने के लिए प्रशासन से रहम की गुहार भी लगाई, मगर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई जारी रखी।
जेई ने बुजुर्ग महिला को मारा धक्का
आईओसी चौक के पास जब प्रशासन बुलडोजर के माध्यम से कार्रवाई कर रहा था, तभी एक बुजुर्ग दंपति हाथ जोड़कर बुलडोजर के सामने आ गए। बुलडोजर चलने ही वाला था। बुजुर्ग महिला हाथ जोड़कर बुलडोजर ना चलाने की दुहाई देती रही। दरअसल, बुजुर्ग दंपति एक रेहडी लगाकर सामान आदि बेचने का कार्य करते हैं। वह रेहड़ी लेकर जा रहे थे। मगर मौके पर हुडा विभाग का जेई रेहड़ी तोड़ने पर अड़ गया। इस दौरान जेई द्वारा बुजुर्ग महिला को पकड़ कर धक्का मारने की भी कोशिश की गई। मौके पर महिला पुलिस भी तैनात थी। बुजुर्ग महिला भी रेहड़ी बचाने को लेकर अड़ी रही। आसपास से गुजर रहे लोगों ने जब इस मंजर को देखा तो किसी तरह से रोते गाते दंपति को देखकर प्रशासन से रेहड़ी को नहीं तोड़ने की मांग की। फिर जाकर कहीं प्रशासन ने रेहड़ी को लेकर जाने की अनुमति दी।
मिट्टी के बर्तनों को भी प्रशासन ने तोड़ा
बता दें कि सड़क के दोनों तरफ एचएसवीपी की जगह पर कई परिवार झोपड़ी डालकर लंबे समय से रहते आ रहे थे। यहीं पर सड़क किनारे मिट्टी के बर्तनों का भी काम किया हुआ है। झुग्गी झोपड़ी वालों का कहना है कि मिट्टी के बर्तनों को भी तोड़ दिया गया। जबकि वह बर्तनों को उठाकर अन्य जगह लेकर जाने को भी कह रहे थे।
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8 महीने पहले भी की थी कार्रवाई
एचएसवीपी की तरफ से करीब 8 महीने पहले भी रोड से कब्जा हटाया गया था। इसके बाद फिर से सड़क किनारे झोपड़ी डालकर गाड़ियां लुहार समाज के लोग रहने लग गए। इसके बारे में पता चलते ही शुक्रवार को पुलिस बल की मौजूदगी में सड़क के दोनों तरफ से जगह को खाली करा दिया गया। हालांकि विभाग की कार्रवाई पर इसलिए सवाल खड़ा हुआ कि गरीब परिवारों को झोपड़ी से बाहर सामान तक निकालने का मौका नहीं दिया गया।
अब रातें कहां गुजारे
इस कार्रवाई पर झुग्गी झोपड़ी वालों का कहना है कि यह बात ठीक है कि हम अवैध रूप से रह रहे थे। मगर हमें सामान तक लेकर जाने का समय नहीं दिया गया। हमारा सामान भी तोड़ा गया। खाने-पीने का जो सामान था। उससे भी नष्ट किया गया। थोड़ा समय चाहिए था जोकि प्रशासन ने नहीं दिया। रात के समय ठंड भी ज्यादा है। काफी मुश्किलें होने वाली है।
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विभाग की तरफ से उन लोगों पर कार्रवाई की गई है जो लंबे समय से झुग्गी झोपड़ी डालकर रह रहे थे। फिलहाल कब्जा हटवा दिया गया है।
अमित वशिष्ट, जेई, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण
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जेई ने बुजुर्ग महिला को मारा धक्का
आईओसी चौक के पास जब प्रशासन बुलडोजर के माध्यम से कार्रवाई कर रहा था, तभी एक बुजुर्ग दंपति हाथ जोड़कर बुलडोजर के सामने आ गए। बुलडोजर चलने ही वाला था। बुजुर्ग महिला हाथ जोड़कर बुलडोजर ना चलाने की दुहाई देती रही। दरअसल, बुजुर्ग दंपति एक रेहडी लगाकर सामान आदि बेचने का कार्य करते हैं। वह रेहड़ी लेकर जा रहे थे। मगर मौके पर हुडा विभाग का जेई रेहड़ी तोड़ने पर अड़ गया। इस दौरान जेई द्वारा बुजुर्ग महिला को पकड़ कर धक्का मारने की भी कोशिश की गई। मौके पर महिला पुलिस भी तैनात थी। बुजुर्ग महिला भी रेहड़ी बचाने को लेकर अड़ी रही। आसपास से गुजर रहे लोगों ने जब इस मंजर को देखा तो किसी तरह से रोते गाते दंपति को देखकर प्रशासन से रेहड़ी को नहीं तोड़ने की मांग की। फिर जाकर कहीं प्रशासन ने रेहड़ी को लेकर जाने की अनुमति दी।
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मिट्टी के बर्तनों को भी प्रशासन ने तोड़ा
बता दें कि सड़क के दोनों तरफ एचएसवीपी की जगह पर कई परिवार झोपड़ी डालकर लंबे समय से रहते आ रहे थे। यहीं पर सड़क किनारे मिट्टी के बर्तनों का भी काम किया हुआ है। झुग्गी झोपड़ी वालों का कहना है कि मिट्टी के बर्तनों को भी तोड़ दिया गया। जबकि वह बर्तनों को उठाकर अन्य जगह लेकर जाने को भी कह रहे थे।
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8 महीने पहले भी की थी कार्रवाई
एचएसवीपी की तरफ से करीब 8 महीने पहले भी रोड से कब्जा हटाया गया था। इसके बाद फिर से सड़क किनारे झोपड़ी डालकर गाड़ियां लुहार समाज के लोग रहने लग गए। इसके बारे में पता चलते ही शुक्रवार को पुलिस बल की मौजूदगी में सड़क के दोनों तरफ से जगह को खाली करा दिया गया। हालांकि विभाग की कार्रवाई पर इसलिए सवाल खड़ा हुआ कि गरीब परिवारों को झोपड़ी से बाहर सामान तक निकालने का मौका नहीं दिया गया।
अब रातें कहां गुजारे
इस कार्रवाई पर झुग्गी झोपड़ी वालों का कहना है कि यह बात ठीक है कि हम अवैध रूप से रह रहे थे। मगर हमें सामान तक लेकर जाने का समय नहीं दिया गया। हमारा सामान भी तोड़ा गया। खाने-पीने का जो सामान था। उससे भी नष्ट किया गया। थोड़ा समय चाहिए था जोकि प्रशासन ने नहीं दिया। रात के समय ठंड भी ज्यादा है। काफी मुश्किलें होने वाली है।
विभाग की तरफ से उन लोगों पर कार्रवाई की गई है जो लंबे समय से झुग्गी झोपड़ी डालकर रह रहे थे। फिलहाल कब्जा हटवा दिया गया है।
अमित वशिष्ट, जेई, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण