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Rewari News: वरिष्ठ साहित्यकार रत्नकुमार सांभरिया को मिलेगा सेठ सूरजमल मोहता साहित्य पुरस्कार
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साहित्यकार रत्नकुमार सांभरिया
- फोटो : बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में भ्रमण करते पुलिस व एससबी के जवान ।
रेवाड़ी। साहित्य समिति राजगढ़ (चूरू) के तत्वावधान में प्रतिवर्ष दिया जाने वाला सेठ सूरजमल मोहता साहित्य पुरस्कार इस वर्ष भाड़ावास गांव में जन्मे वरिष्ठ साहित्यकार रत्नकुमार सांभरिया को दिया जाएगा।
समिति की ग्यारह सदस्यीय बैठक डॉ. रामकुमार घोटड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है। समिति के मंत्री अनिल शास्त्री ने बताया कि मोहता ट्रस्ट की ओर से सांभरिया को पचास हजार रुपये की राशि, शॉल और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
रत्नकुमार सांभरिया राजस्थान साहित्य अकादमी के सर्वोच्च सम्मान मीरा पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। उनकी साहित्यिक उपलब्धियों में सांप और नटनी उपन्यास, पांच कहानी संग्रह, आठ नाटक, दो लघुकथा संग्रह और एक आलोचना पुस्तक प्रमुख हैं।
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उनके लेखन पर अब तक तीन दर्जन से अधिक पीएचडी और एमफिल शोध कार्य संपन्न हो चुके हैं या प्रगति पर हैं। उनके साहित्यिक योगदान को देखते हुए उनकी कहानियां, नाटक, लघुकथाएं और उपन्यास देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में शामिल किए गए हैं।
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समिति की ग्यारह सदस्यीय बैठक डॉ. रामकुमार घोटड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है। समिति के मंत्री अनिल शास्त्री ने बताया कि मोहता ट्रस्ट की ओर से सांभरिया को पचास हजार रुपये की राशि, शॉल और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
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रत्नकुमार सांभरिया राजस्थान साहित्य अकादमी के सर्वोच्च सम्मान मीरा पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। उनकी साहित्यिक उपलब्धियों में सांप और नटनी उपन्यास, पांच कहानी संग्रह, आठ नाटक, दो लघुकथा संग्रह और एक आलोचना पुस्तक प्रमुख हैं।
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उनके लेखन पर अब तक तीन दर्जन से अधिक पीएचडी और एमफिल शोध कार्य संपन्न हो चुके हैं या प्रगति पर हैं। उनके साहित्यिक योगदान को देखते हुए उनकी कहानियां, नाटक, लघुकथाएं और उपन्यास देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में शामिल किए गए हैं।