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Rewari News: नर्सरी में पहलवानों की पौध हो रही तैयार, कुश्ती के दांव सीख रहे 70 बच्चे

Fri, 03 Jan 2025 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 03 Jan 2025 11:26 PM IST
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Saplings of wrestlers are getting ready in the nursery, 70 children are learning wrestling moves.
फोटो: 7रेवाड़ी। गांव खेड़ा मुरार ​स्थित राजकीय स्कूल की कुश्ती नर्सरी में प्रै​क्टिस करते ब
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। गांव खेड़ा मुरार स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में चलाई जा रही कुश्ती नर्सरी में पहलवान तैयार हो रहे हैं। यहां सुबह-शाम 70 से ज्यादा खिलाड़ी कुश्ती के दांव-पेंच सीख रहे हैं।
करीब 6 माह से चल रही इस नर्सरी में 8 से लेकर 19 साल तक के खिलाड़ी मैट पर पसीना बहा रहे हैं। 6 माह में ही खिलाड़ी कुश्ती के दांव-पेंच और भाषा को समझने लगे हैं। नर्सरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 25 बच्चों को खेल विभाग की तरफ से खुराक भत्ता भी मिल रहा है। नर्सरी के संचालन में ग्रामीणों का बड़ा योगदान है। मैट भी ग्राम पंचायत ने अपने स्तर पर पटियाला से मंगवाकर लगवाई है। बच्चों को कुश्ती को प्रशिक्षण रोहतक के गांव कटेसर निवासी इंटरनेशनल रेसलर पूनम की ओर से दिया जा रहा है।
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बच्चों ने बहुत कम समय में मेहनत के दम पर जिला अखाड़ा प्रतियोगिता में कई मेडल जीते हैं। इसके बाद स्टेट स्तर की प्रतियोगिता में भी भाग लिया है। भले ही बच्चों को स्टेट स्तर की स्पर्धा में मेडल नहीं मिला है, लेकिन भविष्य में मेडल मिलने की पूरी उम्मीद है। कोच पूनम ने कहा कि बच्चे मेडल के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं। ग्रामीणों का भी अच्छा सहयोग है। सरपंच सतबीर सिंह, सूबेदार पूर्ण सिंह, नंबरदार ओमप्रकाश व जयनारायण का सहयोग मिलता है।
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70 बच्चों में 35 से ज्यादा लड़कियां
नर्सरी में 70 बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें 35 से अधिक लड़कियां हैं। हॉल में प्रशिक्षण लेते समय ये पता नहीं लगता है कि इनमें लड़की कौन है और लड़का कौन है। बड़े ही शिद्दत से बच्चों को ट्रेनिंग लेते हुए देखा जा सकता है। कोचिंग का समय सुबह 5.30 बजे से 7.30 बजे तक और शाम को 4 बजे से 7 बजे तक रखा गया है।

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वर्जन
गांवों में ऐसी नर्सरी का संचालन करना अच्छा प्रयास है। नर्सरी में 70 बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। नर्सरियों को बढ़ावा देने के लिए सभी को आगे आना चाहिए, ताकि गांवों से अच्छे पहलवान निकल सकें। इस नर्सरी से आने वाले समय में अच्छे परिणाम आएंगे। - पूनम, इंटरनेशनल रेसलर।
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