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Rewari News: रेवाड़ी हादसा... बॉयलर फटने से मौतें 14, गिरफ्तारी शून्य
Mon, 25 Mar 2024 01:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 25 Mar 2024 01:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। धारूहेड़ा स्थित ऑटो पार्ट्स कंपनी में बॉयलर फटने से झुलसे श्रमिकों की एक के बाद मौतें हो रही हैं। अब तक 14 श्रमिक जान गंवा चुके हैं, लेकिन एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस यह तक पता नहीं लगा सकी है कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार हैं? इस बीच शनिवार रात एक और श्रमिक ने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के गांव गोकुलपुर (रूपहेड़िया) निवासी नीरज (26) पुत्र बलराम के रूप में हुई है। अभी 4-5 श्रमिकों की हालत गंभीर बनी हुई है।
ऑटो पार्ट्स कंपनी लाइफ लॉन्ग में 16 मार्च को डस्ट कलेक्टर का बॉयलर फटा था। इस हादसे में 39 श्रमिक झुलसे थे। अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती अब तक 14 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। कार्रवाई के नाम पर पुलिस पिछले आठ दिन से केस में सिर्फ धाराएं बदल रही है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है? मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? जबकि श्रमिकों ने पुलिस में जो रिपोर्ट दर्ज कराई है उसमें कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार की लापरवाही का साफ-साफ जिक्र है।
राज्य सरकार ने भी नहीं की ठोस कार्रवाई
पूरे प्रकरण में प्रशासन का सुस्त रवैया उजागर हुआ है। दूसरी तरफ राज्य सरकार की तरफ से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार ने जो रिपोर्ट मांगी थी, वो जिलास्तर पर सौंप दी गई है। रिपोर्ट में औद्योगिक विशेषज्ञों से जांच करवाने की मांग की गई थी। औद्योगिक विशेषज्ञ कब जांच करेंगे? कब रिपोर्ट देंगे? यह भविष्य बताएगा।
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खुद होली पर नहीं जा सके अब शव पहुंच रहे घर
होली से पहले कई श्रमिकों को अपने घर जाना था। कई श्रमिकों ने टिकट भी बुक करा लिया था। परिवार के सदस्य होली पर उनके घर आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन होनी को शायद कुछ और ही मंजूर था। अब घर पर श्रमिकों के पार्थिव शरीर पहुंच रहे हैं। 14 श्रमिकों के घरों पर होली पर मातम छा गया है।
नाइट्रिक एसिड से तो नहीं जा रही जानें?
जानकारी मिली है कि कपंनी में नाइट्रिक एसिड का इस्तेमाल होता था। यह एसिड इतना खतरनाक है कि शरीर के जिस हिस्से पर गिरे वह हिस्सा गला देता है। लगातार हो रही श्रमिकोंं की माैतों का कारण नाइटि्रक एसिड को भी माना जा रहा है। हालांकि यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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वर्जन
-पुलिस अपनी जांच कर रही है। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
-जगदीश चंद्र, प्रभारी, धारूहेड़ा थाना ।
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रेवाड़ी। धारूहेड़ा स्थित ऑटो पार्ट्स कंपनी में बॉयलर फटने से झुलसे श्रमिकों की एक के बाद मौतें हो रही हैं। अब तक 14 श्रमिक जान गंवा चुके हैं, लेकिन एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस यह तक पता नहीं लगा सकी है कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार हैं? इस बीच शनिवार रात एक और श्रमिक ने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के गांव गोकुलपुर (रूपहेड़िया) निवासी नीरज (26) पुत्र बलराम के रूप में हुई है। अभी 4-5 श्रमिकों की हालत गंभीर बनी हुई है।
ऑटो पार्ट्स कंपनी लाइफ लॉन्ग में 16 मार्च को डस्ट कलेक्टर का बॉयलर फटा था। इस हादसे में 39 श्रमिक झुलसे थे। अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती अब तक 14 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। कार्रवाई के नाम पर पुलिस पिछले आठ दिन से केस में सिर्फ धाराएं बदल रही है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है? मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? जबकि श्रमिकों ने पुलिस में जो रिपोर्ट दर्ज कराई है उसमें कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार की लापरवाही का साफ-साफ जिक्र है।
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राज्य सरकार ने भी नहीं की ठोस कार्रवाई
पूरे प्रकरण में प्रशासन का सुस्त रवैया उजागर हुआ है। दूसरी तरफ राज्य सरकार की तरफ से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार ने जो रिपोर्ट मांगी थी, वो जिलास्तर पर सौंप दी गई है। रिपोर्ट में औद्योगिक विशेषज्ञों से जांच करवाने की मांग की गई थी। औद्योगिक विशेषज्ञ कब जांच करेंगे? कब रिपोर्ट देंगे? यह भविष्य बताएगा।
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खुद होली पर नहीं जा सके अब शव पहुंच रहे घर
होली से पहले कई श्रमिकों को अपने घर जाना था। कई श्रमिकों ने टिकट भी बुक करा लिया था। परिवार के सदस्य होली पर उनके घर आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन होनी को शायद कुछ और ही मंजूर था। अब घर पर श्रमिकों के पार्थिव शरीर पहुंच रहे हैं। 14 श्रमिकों के घरों पर होली पर मातम छा गया है।
नाइट्रिक एसिड से तो नहीं जा रही जानें?
जानकारी मिली है कि कपंनी में नाइट्रिक एसिड का इस्तेमाल होता था। यह एसिड इतना खतरनाक है कि शरीर के जिस हिस्से पर गिरे वह हिस्सा गला देता है। लगातार हो रही श्रमिकोंं की माैतों का कारण नाइटि्रक एसिड को भी माना जा रहा है। हालांकि यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
वर्जन
-पुलिस अपनी जांच कर रही है। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
-जगदीश चंद्र, प्रभारी, धारूहेड़ा थाना ।