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Rewari News: शोधार्थी देवानंद सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से सम्मानित
Wed, 30 Oct 2024 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 30 Oct 2024 12:19 AM IST
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शोधार्थी देवानंद। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में जीवन विज्ञान की डीन और पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुमन नागपाल के मार्गदर्शन में पीएचडी कर रहे शोधार्थी देवानंद को राष्ट्रीय स्तर की शोध प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज रोहतक में भारतीय शिक्षण मंडल, युवा आयाम, प्रांत हरियाणा द्वारा विकसित भारत के लिए विजन (विविभा) 2024, विषय पर राष्ट्रीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई। इसका मुख्य उद्देश्य विकसित भारत की नींव स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी और परिवर्तनकारी एजेंडे पर केंद्रित था।
शोधार्थी देवानंद ने ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशकों का पता लगाने और हटाने के लिए उन्नत दृष्टिकोण पारंपरिक तरीकों और नैनो प्रौद्योगिकी को एकीकृत करना, शीर्षक शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए राज्य स्तर पर तीसरा पुरस्कार जीता और अगले दौर के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुए। पीएचडी शोधार्थी का शोध पत्र ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशकों का पता लगाने और हटाने के लिए पोर्टेबल, कुशल और स्केलेबल सिस्टम बनाने में नैनो टेक्नोलॉजी की बढ़ती क्षमता पर प्रकाश डालता है।
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पर्यावरणीय जोखिमों को कम करने के लिए फील्ड तैनाती और स्केलेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भविष्य के शोध की आवश्यकता पर जोर देता है। डॉ. सुमन नागपाल ने कहा कि शोधार्थियों की कड़ी मेहनत के द्वारा ही शोध कार्यों में निरंतर प्रगति की जा रही है। विश्वविद्यालय के लिए बड़े ही गौरव की बात है। विभाग के सभी शिक्षकों एवं सभी विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने देवानंद को शुभकामनाएं दी।
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गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज रोहतक में भारतीय शिक्षण मंडल, युवा आयाम, प्रांत हरियाणा द्वारा विकसित भारत के लिए विजन (विविभा) 2024, विषय पर राष्ट्रीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई। इसका मुख्य उद्देश्य विकसित भारत की नींव स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी और परिवर्तनकारी एजेंडे पर केंद्रित था।
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शोधार्थी देवानंद ने ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशकों का पता लगाने और हटाने के लिए उन्नत दृष्टिकोण पारंपरिक तरीकों और नैनो प्रौद्योगिकी को एकीकृत करना, शीर्षक शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए राज्य स्तर पर तीसरा पुरस्कार जीता और अगले दौर के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुए। पीएचडी शोधार्थी का शोध पत्र ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशकों का पता लगाने और हटाने के लिए पोर्टेबल, कुशल और स्केलेबल सिस्टम बनाने में नैनो टेक्नोलॉजी की बढ़ती क्षमता पर प्रकाश डालता है।
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पर्यावरणीय जोखिमों को कम करने के लिए फील्ड तैनाती और स्केलेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भविष्य के शोध की आवश्यकता पर जोर देता है। डॉ. सुमन नागपाल ने कहा कि शोधार्थियों की कड़ी मेहनत के द्वारा ही शोध कार्यों में निरंतर प्रगति की जा रही है। विश्वविद्यालय के लिए बड़े ही गौरव की बात है। विभाग के सभी शिक्षकों एवं सभी विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने देवानंद को शुभकामनाएं दी।