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Rewari News: 72 घंटे का वादा, 10 दिन बाद भी निराशा
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कोसली अनाज मंडी में सरसों को समेटता श्रमिक।
कोसली। क्षेत्र की अनाज मंडी में गेहूं और सरसों की खरीद का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। खरीद के साथ खाते में पैसे पहुंचाने का दावा भी प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। कोसल अनाज मंडी में फसल तो किसान बेचकर जा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका पैसा नहीं आया है, जबकि 72 घंटे में फसल बेचने के बाद पैसा खाते में डालने का दावा अकसर किसानों से किया जाता रहा है। कई किसानों को 10 से 15 दिन बीत चुके हैं, फिर भी पैसा किसानों के खाते में नहीं पहुंच रहा है। पैसे नहीं पहुंचने की वजह से किसान भी काफी परेशान हैं। मौजूदा समय में उन्हें आगामी सीजन की फसल का भी कार्य करना है, जिस पर काफी खर्च होता है, जिन किसानों ने जमीन पट्टे पर ली है, उसका भी किराया देना है। पैसा नहीं मिलने के कारण किसान दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस विषय में किसान जगदीश, विश्वेंद्र, मंदीप ने बताया कि उन्होंने सरसों व गेहूं मंडी में दस दिन पहले बेचने के बाद भी अभी तक उनकी बेची फसल का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बार बार संपर्क करने पर एक ही जवाब मिलता है कि एक दो दिन में भुगतान हो जाएगा। इस तरह दस दिन बीत चुके हैं।
उठान प्रक्रिया धीमी होने की वजह से फंसा पैसा
आढ़तियों का कहना है कि जब तक उठान होकर गोदाम में सरसों नहीं पहुंच जाता तब तक सरकार भुगतान नहीं कर रही है। समय पर पैसे न मिलने का मुख्य कारण उठान प्रक्रिया का धीमा होना बताया जा रहा है। आढ़तियों के मुताबिक अगर समय पर उठान होता और फसल गोदाम में पहुंचती तो किसानों को पैसा भी मिल जाता। अधिकारियों के मुताबिक सभी गोदाम फुल होने के कारण दूसरे जिलों में सरसों भेजी जा रही है इसलिए आने जाने में समय लग रहा है। उठान धीमा होने का यही कारण है।
11 अप्रैल को गेहूं मंडी में बेचा था, लेकिन आज तक उसकी पेमेंट नहीं हो पाई है, जबकि सरकार और प्रशासन बार-बार 72 घंटे में किसानों की पेमेंट करने का दावा किया जाता है। उसके बावजूद पेमेंट नहीं की जा रही है। किसानों को पैसे की काफी जरूरत है क्योंकि फसल बेचने के बाद अन्य भी कई प्रकार के खर्च होते हैं।
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थावर सिंह, किसान
पहले तो किसानों को अपने नंबर का इंतजार करना पड़ता है। फिर उसका नंबर आता है तो वह मंडी में सरसों बेचने के 15 दिन बाद भी उसकी सरसों की पेमेंट नहीं होती है। मौजूदा समय में किसानों को पैसे की जरूरत है क्योंकि आगामी सीजन की फसल का भी कार्य करना है, लेकिन किसान प्रशासनिक अव्यवस्था की वजह से परेशान हैं।
महावीर, किसान
सरकार की और से 72 घंटों में पैसा खाते में आने कही बात करके लोगों को आश्वस्त किया जा रहा है, जबकि कोसली मंडी में 15 दिन पहले खरीद की गई सरसों की भी पेमेंट नहीं हो सकी है। बार-बार संपर्क करने पर एक ही जवाब मिलता है कि उठान प्रक्रिया धीमी है। जब तक किसान कि सरसों गोदाम में नही पहुंच जाती तब तक सरकार पेमेंट नहीं की जा रही है, चाहे महीना हो जाए। किसानों को 72 घंटे में पेमेंट होनी चाहिए।
सुरेंद्र, किसान
किसानों कि सरसों और गेहूं खरीद व उसकी पेमेंट के बारे लाख दावे प्रशासन करे, लेकिन दावे केवल हवा हवाई हैं। किसानों को दस से 15 दिन पहले पेमेंट नहीं हो पा रही है। किसान काफी परेशान चल रहे हैं। समस्या का समाधान जल्द होनी चाहिए। किसानों के पेमेंट टाइम पर होनी चाहिए।
आनंद, किसान
अधिकतर किसानों की पेमेंट की जा चुकी है जो किसान फसल बेच चुके हैं, उनकी भी पेमेंट जल्द पहुंच जाएगी।
नवल सिंह, खरीद अधिकारी, कोसली अनाज मंडी
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उठान प्रक्रिया धीमी होने की वजह से फंसा पैसा
आढ़तियों का कहना है कि जब तक उठान होकर गोदाम में सरसों नहीं पहुंच जाता तब तक सरकार भुगतान नहीं कर रही है। समय पर पैसे न मिलने का मुख्य कारण उठान प्रक्रिया का धीमा होना बताया जा रहा है। आढ़तियों के मुताबिक अगर समय पर उठान होता और फसल गोदाम में पहुंचती तो किसानों को पैसा भी मिल जाता। अधिकारियों के मुताबिक सभी गोदाम फुल होने के कारण दूसरे जिलों में सरसों भेजी जा रही है इसलिए आने जाने में समय लग रहा है। उठान धीमा होने का यही कारण है।
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11 अप्रैल को गेहूं मंडी में बेचा था, लेकिन आज तक उसकी पेमेंट नहीं हो पाई है, जबकि सरकार और प्रशासन बार-बार 72 घंटे में किसानों की पेमेंट करने का दावा किया जाता है। उसके बावजूद पेमेंट नहीं की जा रही है। किसानों को पैसे की काफी जरूरत है क्योंकि फसल बेचने के बाद अन्य भी कई प्रकार के खर्च होते हैं।
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थावर सिंह, किसान
पहले तो किसानों को अपने नंबर का इंतजार करना पड़ता है। फिर उसका नंबर आता है तो वह मंडी में सरसों बेचने के 15 दिन बाद भी उसकी सरसों की पेमेंट नहीं होती है। मौजूदा समय में किसानों को पैसे की जरूरत है क्योंकि आगामी सीजन की फसल का भी कार्य करना है, लेकिन किसान प्रशासनिक अव्यवस्था की वजह से परेशान हैं।
महावीर, किसान
सरकार की और से 72 घंटों में पैसा खाते में आने कही बात करके लोगों को आश्वस्त किया जा रहा है, जबकि कोसली मंडी में 15 दिन पहले खरीद की गई सरसों की भी पेमेंट नहीं हो सकी है। बार-बार संपर्क करने पर एक ही जवाब मिलता है कि उठान प्रक्रिया धीमी है। जब तक किसान कि सरसों गोदाम में नही पहुंच जाती तब तक सरकार पेमेंट नहीं की जा रही है, चाहे महीना हो जाए। किसानों को 72 घंटे में पेमेंट होनी चाहिए।
सुरेंद्र, किसान
किसानों कि सरसों और गेहूं खरीद व उसकी पेमेंट के बारे लाख दावे प्रशासन करे, लेकिन दावे केवल हवा हवाई हैं। किसानों को दस से 15 दिन पहले पेमेंट नहीं हो पा रही है। किसान काफी परेशान चल रहे हैं। समस्या का समाधान जल्द होनी चाहिए। किसानों के पेमेंट टाइम पर होनी चाहिए।
आनंद, किसान
अधिकतर किसानों की पेमेंट की जा चुकी है जो किसान फसल बेच चुके हैं, उनकी भी पेमेंट जल्द पहुंच जाएगी।
नवल सिंह, खरीद अधिकारी, कोसली अनाज मंडी