{"_id":"65245d9e3870ce3cfd08c327","slug":"peoples-wishes-were-dashed-the-contractor-filled-it-with-soil-rewari-news-c-198-1-rew1003-5406-2023-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: धूमिल हो गए लोगों के अरमान, ठेकेदार कर गया मिट्टी का भरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: धूमिल हो गए लोगों के अरमान, ठेकेदार कर गया मिट्टी का भरान
विज्ञापन
रेवाड़ी। शहर के पॉश इलाके सेक्टर-3 और 4 में बनाई गई नई सड़कें सवालों के घेरे में आ गई हैं। आरडब्ल्यूए के दो सेक्टर के प्रधानों ने सड़कों के निर्माण में नगर परिषद की ओर से अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने इससे संबंधित एक शिकायत जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) को दी है। उनका कहना है कि कुछ जगह नई सड़कों से रोड़ियां भी निकलनी शुरू हो गई हैं। शिकायत में डीएमसी से सड़क निर्माण में लगाई गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग उठाई है। वहीं नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि सड़कों को चेक करवाया जाएगा। अगर कहीं कोई लापरवाही मिली तो कार्रवाई भी की जाएगी।
एक सप्ताह पहले शुरू हुआ काम
शहर के सेक्टर-4 में 44 लाख रुपये की लागत से सड़क बनवाई जा रही है। यहां काफी लंबे समय से सड़कों की हालत खराब थी। एक सप्ताह पहले नगर परिषद की ओर से तीन सड़कों का निर्माण करवाया गया है, लेकिन तारकोल से बनाई गई इन सड़कों को लेकर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने सड़कों के निर्माण में काफी अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सड़कों को बनाने से पहले गड्ढों को सही से नहीं भरा गया। इन गड्ढों को सिर्फ मिट्टी से ही भर दिया गया। सड़कों के निर्माण से पहले पुरानी सड़कों पर पड़ी मिट्टी को अच्छे तरीके से साफ नहीं किया गया और कई जगह तो मिट्टी पर ही तारकोल का छिड़काव किए बगैर ही सड़क बना दी गई।
डीएमसी ने एक्सईएन से मांगी रिपोर्ट
आरडब्ल्यूए के शिकायत करने के बाद नगर परिषद के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। डीएमसी ने एक्सईएन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। एक्सईएन बुधवार को रेवाड़ी आते ही मामले की जांच कराएंगे। इनमें जो भी दोषी होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सेक्टर तीन में भी हालात खराब
सेक्टर तीन में नगर परिषद की ओर से इसी तरह का कारनामा किया हुआ है। यहां कई वर्षों के बाद सड़कों का निर्माण हुआ। आरसीसी की गलियां बनाई गई, लेकिन यह गलियां भी जल्दबाजी में बना दी गई। ठेकेदार के काम की अधिकारियों ने मॉनिटरिंग तक नहीं की। यहां कई गलियां सीसी बनाई गई है। जो बनते ही उखड़ने लगी है। इन पर दोबारा से पैचवर्क कराया गया है। इसके अलावा सीसी सड़क बनाते समय साइड बर्म नहीं लगाए गए। इनको कच्चा ही छोड़ दिया गया है। सड़कों का लेवल ठीक नहीं है।
-- -- -- -- --
सड़कों का लेवल ही ठीक नहीं
सेक्टर-4 आरडब्ल्यूए प्रधान अजय यादव ने कहा कि सेक्टर-4 में बनवाई गई सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। यहां नई बनाई गई सड़कों का लेवल तक ठीक नहीं है। सड़कों की ऊपरी सतह पर काफी गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। सड़कों की चौड़ाई भी पूरी नहीं ली गई है। नियम से रोड बर्म से एक फिट छोड़कर सड़कों का निर्माण करना था, लेकिन काफी जगह रोड बर्म से 3-3 फीट अंदर सड़कें बनाई गई हैं, जिससे सड़कों की चौड़ाई काफी कम हो गई है। गुणवत्ता और काम में लापरवाही के चलते ये सड़कें जल्द ही दोबारा टूट सकती है। कुछ जगह तो अभी से रोड़ी निकलने लग गई है। ठेकेदार के काम की जांच होनी चाहिए।
अभी से उखड़ने लगी सड़कें
सेक्टर-3 आरडब्ल्यूए के प्रधान अधिवक्ता प्रताप सिंह का कहना है कि सेक्टर-3 में हाल ही में सीसी की नई सड़कें बनवाई गई हैं, लेकिन साइड के बर्म को टाइल लगाकर पक्का नहीं किया गया है। गलियों का लेवल सही नहीं है और निर्माण सामग्री भी बेकार लगाया गया है। कुछ सड़क तो अभी से उखड़ने लगी हैं। इसकी शिकायत डीएमसी को की है।
विज्ञापन
एक सप्ताह पहले शुरू हुआ काम
शहर के सेक्टर-4 में 44 लाख रुपये की लागत से सड़क बनवाई जा रही है। यहां काफी लंबे समय से सड़कों की हालत खराब थी। एक सप्ताह पहले नगर परिषद की ओर से तीन सड़कों का निर्माण करवाया गया है, लेकिन तारकोल से बनाई गई इन सड़कों को लेकर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने सड़कों के निर्माण में काफी अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सड़कों को बनाने से पहले गड्ढों को सही से नहीं भरा गया। इन गड्ढों को सिर्फ मिट्टी से ही भर दिया गया। सड़कों के निर्माण से पहले पुरानी सड़कों पर पड़ी मिट्टी को अच्छे तरीके से साफ नहीं किया गया और कई जगह तो मिट्टी पर ही तारकोल का छिड़काव किए बगैर ही सड़क बना दी गई।
विज्ञापन
डीएमसी ने एक्सईएन से मांगी रिपोर्ट
आरडब्ल्यूए के शिकायत करने के बाद नगर परिषद के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। डीएमसी ने एक्सईएन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। एक्सईएन बुधवार को रेवाड़ी आते ही मामले की जांच कराएंगे। इनमें जो भी दोषी होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सेक्टर तीन में भी हालात खराब
सेक्टर तीन में नगर परिषद की ओर से इसी तरह का कारनामा किया हुआ है। यहां कई वर्षों के बाद सड़कों का निर्माण हुआ। आरसीसी की गलियां बनाई गई, लेकिन यह गलियां भी जल्दबाजी में बना दी गई। ठेकेदार के काम की अधिकारियों ने मॉनिटरिंग तक नहीं की। यहां कई गलियां सीसी बनाई गई है। जो बनते ही उखड़ने लगी है। इन पर दोबारा से पैचवर्क कराया गया है। इसके अलावा सीसी सड़क बनाते समय साइड बर्म नहीं लगाए गए। इनको कच्चा ही छोड़ दिया गया है। सड़कों का लेवल ठीक नहीं है।
सड़कों का लेवल ही ठीक नहीं
सेक्टर-4 आरडब्ल्यूए प्रधान अजय यादव ने कहा कि सेक्टर-4 में बनवाई गई सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। यहां नई बनाई गई सड़कों का लेवल तक ठीक नहीं है। सड़कों की ऊपरी सतह पर काफी गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। सड़कों की चौड़ाई भी पूरी नहीं ली गई है। नियम से रोड बर्म से एक फिट छोड़कर सड़कों का निर्माण करना था, लेकिन काफी जगह रोड बर्म से 3-3 फीट अंदर सड़कें बनाई गई हैं, जिससे सड़कों की चौड़ाई काफी कम हो गई है। गुणवत्ता और काम में लापरवाही के चलते ये सड़कें जल्द ही दोबारा टूट सकती है। कुछ जगह तो अभी से रोड़ी निकलने लग गई है। ठेकेदार के काम की जांच होनी चाहिए।
अभी से उखड़ने लगी सड़कें
सेक्टर-3 आरडब्ल्यूए के प्रधान अधिवक्ता प्रताप सिंह का कहना है कि सेक्टर-3 में हाल ही में सीसी की नई सड़कें बनवाई गई हैं, लेकिन साइड के बर्म को टाइल लगाकर पक्का नहीं किया गया है। गलियों का लेवल सही नहीं है और निर्माण सामग्री भी बेकार लगाया गया है। कुछ सड़क तो अभी से उखड़ने लगी हैं। इसकी शिकायत डीएमसी को की है।