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Rewari News: पूरे दिन बारिश में भीगता रहा अनाज मंडी में खुले में पड़ा बाजरा

Thu, 29 Oct 2026 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 29 Oct 2026 11:55 PM IST
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Pearl millet, left out in the open at the grain market, remained soaked in the rain all day long.
अनाज मंडी में खुले में पड़ी बारिश में भीग रही फसल। संवाद
रेवाड़ी। जिले में वीरवार की सुबह से रुक-रूक कर होती रही बारिश से 10 हजार मीट्रिक टन बाजरा भीगने की आशंका जताई जताई जा रही है। बारिश का अनुमान होने के बाद भी रेवाड़ी अनाज मंडी में खुले में पड़े बाजरे को बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं किए गए थे।
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मंडी में खुले में पड़े बाजरे की गुणवत्ता खराब होने और किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। मंडी में अब तक करीब 48 हजार मीट्रिक टन बाजरे की आवक हो चुकी है।
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इसमें से लगभग 50 प्रतिशत बाजरे का उठान अभी बाकी है। ऐसे में बड़ी मात्रा में अनाज खुले में पड़ा होने के कारण बारिश से नुकसान का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद मंडी में फसल को सुरक्षित रखने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए जाने से व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
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मौसम बदलने के साथ ही बारिश की संभावना को देखते हुए मंडी में बाजरे को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इससे बाजरे की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उसकी बिक्री और निर्धारित मानकों पर खरा उतरने को लेकर भी परेशानी खड़ी हो सकती है।
बाजरे की फसल तैयार करने के लिए किसानों को पूरे सीजन मेहनत करनी पड़ती है। कटाई के बाद फसल को मंडी तक पहुंचाने के बाद भी खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाने की व्यवस्था नहीं होती जिससे किसानों को परेशानी होती है।
बारिश में भीगने से अनाज में नमी बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे उसकी गुणवत्ता और भंडारण पर असर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन फसल की स्थिति और नमी की जांच के बाद ही हो सकेगा।

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उठान में तेजी और तिरपाल की व्यवस्था जरूरी
किसान वेदपाल ने बताया कि मंडी में बड़ी मात्रा में बाजरा खुले में पड़ा होने के कारण बारिश से बचाव के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। शेष बाजरे का उठान जल्द कराने के साथ खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढकने की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही मंडी परिसर में अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने और बारिश के पानी की निकासी के प्रबंध भी जरूरी हैं। किसान रामवीर ने बताया कि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो मौसम खराब होने की स्थिति में किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
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तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं : राजू
मंडी में काम करने वाले श्रमिक राजू ने बताया कि तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बाजरे की आवक इतनी अधिक हो चुकी है कि पूरी फसल को ढकना लगभग नामुमकिन है। इसके लिए बड़ी संख्या में तिरपाल की जरूरत है। वहीं, श्रमिक सुरेश ने बताया कि बारिश होते ही खुले में रखा बाजरा भीग जाता है। तिरपाल की कमी के कारण फसल को बचाना मुश्किल है। बाद में फसल को संभालने और व्यवस्थित करने के लिए श्रमिकों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है।

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वर्जन
अनाज मंडी में बाजरा को तिरपाल से ढकने के निर्देश आढ़तियों को दिए गए हैं। बारिश के समय विशेष प्रबंध करने को कहा गया है। -नरेंद्र, सचिव, मार्केट कमेटी।
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