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पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहनों पर छह माह में स्टीकर लगवाना जरूरी
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एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से सभी वाहनों पर ईंधन के अनुसार होलोग्राम आधारित रंगीन स्टीकर लगाए जाएंगे। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण सचिव एवं अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विभाग ने सभी वाहनों पर ईंधन के अनुसार होलोग्राम आधारित स्टीकर लगवाने का फैसला किया है। कलर स्टीकर की कीमत 59 रुपये तय की गई है। पंजीकरण के दस दिन के अंदर वाहन मालिक को कलर स्टीकर मिल जाएगा। वाहन चालकों को छह माह के अंदर स्टीकर लगवाना जरूरी है।
एक अप्रैल 2019 से पहले के वाहनों पर लगेंगे कलर स्टीकर
एडीसी ने कहा होलोग्राम वाले ये स्टीकर वाहन की विंड स्क्रीन पर लगेंगे। इसमें वाहन से संबंधित सारी डिटेल रहेगी। जैसे की वाहन के इंजन की क्षमता कितनी है, कहां से रजिस्टर्ड है, कौन सा ईंधन प्रयोग होता है आदि। फिलहाल विभाग की ओर से तय किया गया है कि 1 अप्रैल 2019 से पहले के पुराने पंजीकृत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी आधारित वाहनों पर कलर कैटेगरी में इन स्टीकरों को लगाया जाएगा। रंगीन स्टीकर में वाहन का पूरा ब्योरा होगा। वाहन कितना पुराना है और किस ईंधन से चलता है। इसकी पूरी जानकारी इस पर होगी। इससे जांच के दौरान चालक अब पुलिस को गुमराह नहीं कर पाएंगे।
वाहनों पर स्टीकर लगाने के लिए छह माह की डेडलाइन तय
एडीसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में परिवहन विभाग जिले के सभी वाहनों पर ईंधन के अनुसार अलग-अलग रंगों के होलोग्राम आधारित स्टीकर लगाएगा। एक अप्रैल 2019 से पहले के पुराने पंजीकृत पैट्रोल व सीएनजी आधारित वाहनों पर नीले रंग का स्टीकर, डीजल वाहनों पर संतरी रंग का स्टीकर व अन्य वाहनों पर ग्रे रंग का स्टीकर लगाया जाएगा। कलर स्टीकर वाहन के विंड शील्ड पर लगाए जाएंगे। इसके लिए एक प्राइवेट कंपनी को अधिकृत किया गया है। इसके लिए अदालत द्वारा 6 महीने का समय निर्धारित किया गया है। इसमें दोपहिया वाहनों को छूट दी गई है।
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एक अप्रैल 2019 से पहले के वाहनों पर लगेंगे कलर स्टीकर
एडीसी ने कहा होलोग्राम वाले ये स्टीकर वाहन की विंड स्क्रीन पर लगेंगे। इसमें वाहन से संबंधित सारी डिटेल रहेगी। जैसे की वाहन के इंजन की क्षमता कितनी है, कहां से रजिस्टर्ड है, कौन सा ईंधन प्रयोग होता है आदि। फिलहाल विभाग की ओर से तय किया गया है कि 1 अप्रैल 2019 से पहले के पुराने पंजीकृत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी आधारित वाहनों पर कलर कैटेगरी में इन स्टीकरों को लगाया जाएगा। रंगीन स्टीकर में वाहन का पूरा ब्योरा होगा। वाहन कितना पुराना है और किस ईंधन से चलता है। इसकी पूरी जानकारी इस पर होगी। इससे जांच के दौरान चालक अब पुलिस को गुमराह नहीं कर पाएंगे।
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वाहनों पर स्टीकर लगाने के लिए छह माह की डेडलाइन तय
एडीसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में परिवहन विभाग जिले के सभी वाहनों पर ईंधन के अनुसार अलग-अलग रंगों के होलोग्राम आधारित स्टीकर लगाएगा। एक अप्रैल 2019 से पहले के पुराने पंजीकृत पैट्रोल व सीएनजी आधारित वाहनों पर नीले रंग का स्टीकर, डीजल वाहनों पर संतरी रंग का स्टीकर व अन्य वाहनों पर ग्रे रंग का स्टीकर लगाया जाएगा। कलर स्टीकर वाहन के विंड शील्ड पर लगाए जाएंगे। इसके लिए एक प्राइवेट कंपनी को अधिकृत किया गया है। इसके लिए अदालत द्वारा 6 महीने का समय निर्धारित किया गया है। इसमें दोपहिया वाहनों को छूट दी गई है।
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