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Rewari News: फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रति एकड़ मिलेंगे एक हजार रुपये
Thu, 17 Oct 2024 01:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 17 Oct 2024 01:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। धान उत्पादक किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दे रही है।
उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि किसान धान की कटाई के बाद अपने खेत में आग ना लगाएं। आग लगाने से वायु प्रदूषण होता है और मिट्टी के पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। सरकार फसल अवशेष प्रबंधन योजना 2024-25 के तहत अवशेषों को मशीनों की सहायता से मिट्टी में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि धान अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी तथा वातावरण को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी। जिला के किसान हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रिवर्सेबल एमबी प्लॉव व जीरो टिल सीड ड्रील की सहायता से धान अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदक किसान को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान को विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर तीस नवंबर तक आवेदन करना होगा। ग्राम स्तरीय कमेटी (वीएलसी) से सत्यापन होने के बाद पात्र किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ दे दिया जाएगा।
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रेवाड़ी। धान उत्पादक किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दे रही है।
उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि किसान धान की कटाई के बाद अपने खेत में आग ना लगाएं। आग लगाने से वायु प्रदूषण होता है और मिट्टी के पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। सरकार फसल अवशेष प्रबंधन योजना 2024-25 के तहत अवशेषों को मशीनों की सहायता से मिट्टी में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि धान अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी तथा वातावरण को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी। जिला के किसान हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रिवर्सेबल एमबी प्लॉव व जीरो टिल सीड ड्रील की सहायता से धान अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदक किसान को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान को विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर तीस नवंबर तक आवेदन करना होगा। ग्राम स्तरीय कमेटी (वीएलसी) से सत्यापन होने के बाद पात्र किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ दे दिया जाएगा।