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Rewari News: अतिरिक्त वाटर टैंक की उम्मीद पर फिरा पानी, एक लाख आबादी की सांसत में जिंदगानी
Tue, 28 Feb 2023 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 28 Feb 2023 11:54 PM IST
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रेवाड़ी। शहर की करीब एक लाख से अधिक की आबादी को पेयजल संकट से राहत दिलाने की प्रक्रिया को एक बार फिर से झटका लग सकता है। शहर के निकटवर्ती चांदावास गांव में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त वाटर टैंक की जमीन देने से ग्राम पंचायत ने मना कर दिया है। पंचायत का कहना है कि ग्राम सभा कर ग्रामीणों की सहमति के बाद ही जमीन विभाग को दी जाएगी, अन्यथा नहीं। वहीं, दूसरी ओर जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने वाटर टैंक के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। इससे पहले गांव गोकलगढ़ की ग्राम पंचायत भी अतिरिक्त वाटर टैंक के लिए लिए प्रस्तावित जमीन देने से इन्कार कर चुकी है।
वर्ष 2015 में रेवाड़ी शहर को ठीक जलापूर्ति करने के लिए अतिरिक्त वाटर टैंक निर्माण की घोषणा की गई थी। विभाग की ओर से करीब 50 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए, लेकिन स्थानीय प्रशासन आज तक जमीन तलाशने में भी फेल रहा है। सिंचाई के लिए ही नहीं पेयजल के लिए भी पूरी तरह जवाहर लाल नेहरू कैनाल से आने वाले यमुना के पानी पर निर्भर है। नहरी पानी का शोधन कर सप्लाई के लिए रेवाड़ी के कालका गांव में 5 वाटर टैंक व लिसाना में दो वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन्हीं 7 वाटर टैंक से रेवाड़ी शहर की दो लाख से अधिक की आबादी को पेयजल आपूर्ति की जाती है। बीते कुछ सालों में आबादी बढ़ती गई, लेकिन जरूरत के मुताबिक वाटर टैंक का निर्माण नहीं किया गया। ताकि अतिरिक्त वाटर टैंक का भंडारण किया जा सके। ऐसे में वर्ष 2015 में केंद्रीय राज्यमंत्री की ओर से आयोजित बैठक में अतिरिक्त वाटर टैंक बनाने की मांग को हरी झंडी मिली थी, लेकिन 8 साल बाद भी आज तक अतिरिक्त वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पाया। इसके चलते नहरी पानी का पूरी तरह से भंडारण नहीं हो पाता और रेवाड़ी शहर के लोगों को एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल की सप्लाई की जाती है।
जिले को मिलता है महज 510 क्यूसेक पानी
पानीपत स्थित खूबडू से रेवाड़ी तक जवाहरलाल नेहरू कैनाल के माध्यम से पानी पहुंचता है। इस दौरान नहरी पानी को 18 बार लिफ्ट करना पड़ता है। रेवाड़ी में नहरी पानी की मात्रा करीब 770 क्यूसेक निर्धारित की गई है, लेकिन जिले को महज 510 क्यूसेक पानी ही मिल पाता है। वहीं दूसरी ओर नहरी पानी रेवाड़ी में महज 15 दिन ही चल पाता है।
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वर्तमान पंचायत की ओर से जमीन के लिए प्रस्ताव नहीं
गांव चांदवास में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से वाट टैंक का निर्माण कराया जाना है, लेकिन पंचायत की ओर से अभी तक जमीन की चिह्नित नहीं गई है। पिछली पंचायत की ओर से प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन वर्तमान पंचायत की ओर से जमीन के लिए प्रस्ताव नहीं दिया गया है। इससे वाटर टैंक का निर्माण एक बार फिर अधर में लटक गया।
-विनय चौहान, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, रेवाड़ी।
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ग्रामीणों के इन्कार पर नहीं मिलेगी जमीन
ग्राम सभा करने के बाद ग्रामीणों की सहमति पर ही वाटर टैंक के निर्माण के लिए जमीन दी जाएगी। अगर ग्रामीण इन्कार करेंगे तो पंचायत कैसे जमीन दे सकती है।
-सुनील कुमार, सरपंच ग्राम पंचायत चांदावास
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वर्ष 2015 में रेवाड़ी शहर को ठीक जलापूर्ति करने के लिए अतिरिक्त वाटर टैंक निर्माण की घोषणा की गई थी। विभाग की ओर से करीब 50 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए, लेकिन स्थानीय प्रशासन आज तक जमीन तलाशने में भी फेल रहा है। सिंचाई के लिए ही नहीं पेयजल के लिए भी पूरी तरह जवाहर लाल नेहरू कैनाल से आने वाले यमुना के पानी पर निर्भर है। नहरी पानी का शोधन कर सप्लाई के लिए रेवाड़ी के कालका गांव में 5 वाटर टैंक व लिसाना में दो वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन्हीं 7 वाटर टैंक से रेवाड़ी शहर की दो लाख से अधिक की आबादी को पेयजल आपूर्ति की जाती है। बीते कुछ सालों में आबादी बढ़ती गई, लेकिन जरूरत के मुताबिक वाटर टैंक का निर्माण नहीं किया गया। ताकि अतिरिक्त वाटर टैंक का भंडारण किया जा सके। ऐसे में वर्ष 2015 में केंद्रीय राज्यमंत्री की ओर से आयोजित बैठक में अतिरिक्त वाटर टैंक बनाने की मांग को हरी झंडी मिली थी, लेकिन 8 साल बाद भी आज तक अतिरिक्त वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पाया। इसके चलते नहरी पानी का पूरी तरह से भंडारण नहीं हो पाता और रेवाड़ी शहर के लोगों को एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल की सप्लाई की जाती है।
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जिले को मिलता है महज 510 क्यूसेक पानी
पानीपत स्थित खूबडू से रेवाड़ी तक जवाहरलाल नेहरू कैनाल के माध्यम से पानी पहुंचता है। इस दौरान नहरी पानी को 18 बार लिफ्ट करना पड़ता है। रेवाड़ी में नहरी पानी की मात्रा करीब 770 क्यूसेक निर्धारित की गई है, लेकिन जिले को महज 510 क्यूसेक पानी ही मिल पाता है। वहीं दूसरी ओर नहरी पानी रेवाड़ी में महज 15 दिन ही चल पाता है।
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वर्तमान पंचायत की ओर से जमीन के लिए प्रस्ताव नहीं
गांव चांदवास में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से वाट टैंक का निर्माण कराया जाना है, लेकिन पंचायत की ओर से अभी तक जमीन की चिह्नित नहीं गई है। पिछली पंचायत की ओर से प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन वर्तमान पंचायत की ओर से जमीन के लिए प्रस्ताव नहीं दिया गया है। इससे वाटर टैंक का निर्माण एक बार फिर अधर में लटक गया।
-विनय चौहान, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, रेवाड़ी।
ग्रामीणों के इन्कार पर नहीं मिलेगी जमीन
ग्राम सभा करने के बाद ग्रामीणों की सहमति पर ही वाटर टैंक के निर्माण के लिए जमीन दी जाएगी। अगर ग्रामीण इन्कार करेंगे तो पंचायत कैसे जमीन दे सकती है।
-सुनील कुमार, सरपंच ग्राम पंचायत चांदावास