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Rewari News: हत्या मामले में आरोपी की जमानत खारिज, 18 मुकदमों में नाम, कोर्ट बोली-गवाहों को धमकाने की आशंका
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जिला न्यायालय रेवाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने 2017 के बहुचर्चित हत्या मामले में आरोपी मुंडनवास निवासी चंद की नियमित जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अभियुक्त के विरुद्ध विशिष्ट आरोप हैं कि उसने गैरकानूनी भीड़ का सदस्य होने के नाते सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा और शिकायतकर्ता के पिता की हत्या की। भले ही सह-अभियुक्तों को जमानत दे दी गई हो, उसके विरुद्ध अपराध गंभीर और संगीन है।
अभियुक्त हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली से संबंधित 18 मामलों में शामिल है। तथ्यों और परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह संभावना बनी हुई है कि अभियुक्त अभियोजन पक्ष के गवाहों को धमका सकता है व कानूनी कार्यवाही से फरार हो सकता है। इस वजह से अभियुक्त की जमानत याचिका को खारिज किया जाता है।
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आरोपी के अधिवक्ता ने कहा- सह आरोपियों के खुलासे पर आया नाम
आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि चंद का नाम केस में सीधे दर्ज नहीं है। उसका नाम सह-आरोपियों के खुलासे पर आया है। कई सह-आरोपियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। आरोपी वर्ष 2019 से जेल में है और ट्रायल में देरी हो रही है। इस आधार पर जमानत देने की मांग की गई। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपित के खिलाफ 18 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और हथियारों से जुड़े मामलों में शामिल रहा है। जमानत मिलने पर वह गवाहों को धमका सकता है। आरोपी के फरार होने की आशंका भी जताई गई।
घर में घुसकर की गई थी हत्या
यह मामला जुलाई 2017 थाना बावल से संबंधित है। शिकायतकर्ता पवन कुमार के अनुसार सुबह लगभग 9 बजे उसके पिता सतबीर सिंह घर के आंगन में भोजन कर रहे थे। तभी एक सफेद स्विफ्ट कार आकर रुकी और दो युवक घर में दाखिल हुए। कुछ ही क्षणों में आरोपियों ने सतबीर सिंह पर गोलियां चला दीं। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सतबीर सिंह वर्ष 2010-11 में गांव बदगुर्जर में कानूनगो के पद पर तैनात थे और भूमि विवादों के मामलों में उन्होंने कई कार्रवाइयां की थीं। उसी दौरान उन्हें कई बार धमकियां भी मिली थीं। परिवार ने इसी पृष्ठभूमि को हत्या का कारण बताया था।
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अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अभियुक्त के विरुद्ध विशिष्ट आरोप हैं कि उसने गैरकानूनी भीड़ का सदस्य होने के नाते सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा और शिकायतकर्ता के पिता की हत्या की। भले ही सह-अभियुक्तों को जमानत दे दी गई हो, उसके विरुद्ध अपराध गंभीर और संगीन है।
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अभियुक्त हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली से संबंधित 18 मामलों में शामिल है। तथ्यों और परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह संभावना बनी हुई है कि अभियुक्त अभियोजन पक्ष के गवाहों को धमका सकता है व कानूनी कार्यवाही से फरार हो सकता है। इस वजह से अभियुक्त की जमानत याचिका को खारिज किया जाता है।
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आरोपी के अधिवक्ता ने कहा- सह आरोपियों के खुलासे पर आया नाम
आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि चंद का नाम केस में सीधे दर्ज नहीं है। उसका नाम सह-आरोपियों के खुलासे पर आया है। कई सह-आरोपियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। आरोपी वर्ष 2019 से जेल में है और ट्रायल में देरी हो रही है। इस आधार पर जमानत देने की मांग की गई। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपित के खिलाफ 18 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और हथियारों से जुड़े मामलों में शामिल रहा है। जमानत मिलने पर वह गवाहों को धमका सकता है। आरोपी के फरार होने की आशंका भी जताई गई।
घर में घुसकर की गई थी हत्या
यह मामला जुलाई 2017 थाना बावल से संबंधित है। शिकायतकर्ता पवन कुमार के अनुसार सुबह लगभग 9 बजे उसके पिता सतबीर सिंह घर के आंगन में भोजन कर रहे थे। तभी एक सफेद स्विफ्ट कार आकर रुकी और दो युवक घर में दाखिल हुए। कुछ ही क्षणों में आरोपियों ने सतबीर सिंह पर गोलियां चला दीं। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सतबीर सिंह वर्ष 2010-11 में गांव बदगुर्जर में कानूनगो के पद पर तैनात थे और भूमि विवादों के मामलों में उन्होंने कई कार्रवाइयां की थीं। उसी दौरान उन्हें कई बार धमकियां भी मिली थीं। परिवार ने इसी पृष्ठभूमि को हत्या का कारण बताया था।