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शिक्षक बनने के लिए अहम कड़ी इंटर्नशिप : सुभाष चंद्र
Wed, 15 Nov 2023 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 15 Nov 2023 12:21 AM IST
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रेवाड़ी। हुसैनपुर स्थित डायट व सहारनवास स्थित राव अभय सिंह कॉलेज में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी के तत्वावधान में दो दिवसीय उन्मुखी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत डीएलएड कोर्स प्रवेश वर्ष 2022-24 की द्वितीय वर्ष फेज-1 व प्रवेश वर्ष 2021-23 विद्यालय प्रशिक्षण कार्यक्रम से वंचित छात्र-अध्यापक तथा मर्सी चांस के छात्र-अध्यापकों का विद्यालय प्रशिक्षण का स्कूल इंटर्नशिप प्रोग्राम (एसआइपी) सरकारी विद्यालयों व मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में होना है।
प्राचार्य सुभाष चंद्र ने कहा कि स्कूल इंटर्नशिप शिक्षक बनने की एक अहम कड़ी है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालय की गतिविधियों, विद्यालय रिकॉर्ड का रखरखाव, बच्चों के सीखने की प्रक्रिया, कक्षा-कक्ष प्रक्रिया, पाठ्यक्रम आदि संपूर्ण पाठशाला के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिलता है। इसलिए एक भावी शिक्षक को तैयार करने में एसआईपी की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। अन्त में प्राचार्य ने राव अभय सिंह कॉलेज का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बीर सिंह ने कहा कि उद्देश्यों की पूर्ति के लिए छात्र-अध्यापकों को स्कूल इंटर्नशिप में शत प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित की जानी चाहिए। किसी भी भावी शिक्षक की एसआईपी के दौरान 90 प्रतिशत से कम हाजिरी होने पर उसको परीक्षा से भी वंचित रहना पड़ सकता है। जिले की 27 शिक्षण संस्थानों में 15 काॅलेज को डायट हुसैनपुर रेवाड़ी की गठित विभिन्न टीमों द्वारा व 12 काॅलेज के छात्र-अध्यापकों को राव अभय सिंह कॉलेज से गठित विभिन्न टीमों द्वारा कोऑर्डिनेटर डॉ. सुनीता यादव की देखरेख में किया जाएगा।
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प्राचार्य सुभाष चंद्र ने कहा कि स्कूल इंटर्नशिप शिक्षक बनने की एक अहम कड़ी है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालय की गतिविधियों, विद्यालय रिकॉर्ड का रखरखाव, बच्चों के सीखने की प्रक्रिया, कक्षा-कक्ष प्रक्रिया, पाठ्यक्रम आदि संपूर्ण पाठशाला के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिलता है। इसलिए एक भावी शिक्षक को तैयार करने में एसआईपी की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। अन्त में प्राचार्य ने राव अभय सिंह कॉलेज का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बीर सिंह ने कहा कि उद्देश्यों की पूर्ति के लिए छात्र-अध्यापकों को स्कूल इंटर्नशिप में शत प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित की जानी चाहिए। किसी भी भावी शिक्षक की एसआईपी के दौरान 90 प्रतिशत से कम हाजिरी होने पर उसको परीक्षा से भी वंचित रहना पड़ सकता है। जिले की 27 शिक्षण संस्थानों में 15 काॅलेज को डायट हुसैनपुर रेवाड़ी की गठित विभिन्न टीमों द्वारा व 12 काॅलेज के छात्र-अध्यापकों को राव अभय सिंह कॉलेज से गठित विभिन्न टीमों द्वारा कोऑर्डिनेटर डॉ. सुनीता यादव की देखरेख में किया जाएगा।
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