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Rewari News: मुरथल विवि में दो साल से इंटरनेट व वाईफाई ठप, ढाई साल ने नहीं खरीदी किताबें
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फोटो : सोनीपत के मुरथल विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते छात्र,शिक्षण व गैर शिक्षक कर्मचारी। सं
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक अनदेखी का आरोप लगाकर शुक्रवार को छात्रों, शिक्षण व गैर शिक्षक कर्मचारियों ने जुलूस निकाला। इस दौरान विवि प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की।
नॉन-टीचिंग यूनियन के प्रधान सुरेश पुट्ठी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में दो वर्ष से छात्रों के लिए न इंटरनेट है और न ही वाईफाई की सुविधा।
जब भी छात्र इस मुद्दे को लेकर कुलपति से मिलने जाते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि कोई स्विच खराब है और खरीद प्रक्रिया चल रही है। हैरानी की बात यह है कि छात्रों की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं की जा रहीं, जबकि कुलपति के लिए एयर प्योरीफायर जैसी सुविधाएं तुरंत खरीदी जाती हैं।
आरोप है कि ढाई वर्ष से विश्वविद्यालय में एक भी नई किताब नहीं खरीदी गई जबकि छात्रों से छात्र कल्याण फंड के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है। छात्रों के लिए एंबुलेंस सुविधा भी दो वर्ष से उपलब्ध है। उन्होंने 50 करोड़ रुपये की एफडी में घोटाले का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
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सुरेश पुट्ठी ने बताया कि ढाई वर्ष से न तो किसी कर्मचारी की पदोन्नति हुई है और न ही पदोन्नत कर्मचारियों की पे-फिक्सेशन की गई। कुछ कच्चे कर्मचारियों का वेतन चार माह से रुका हुआ है।
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वर्जन
इंटरनेट और वाईफाई से जुड़ी तकनीकी समस्या को जल्द दूर किया जाएगा। -प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, मुरथल विश्वविद्यालय
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नॉन-टीचिंग यूनियन के प्रधान सुरेश पुट्ठी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में दो वर्ष से छात्रों के लिए न इंटरनेट है और न ही वाईफाई की सुविधा।
जब भी छात्र इस मुद्दे को लेकर कुलपति से मिलने जाते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि कोई स्विच खराब है और खरीद प्रक्रिया चल रही है। हैरानी की बात यह है कि छात्रों की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं की जा रहीं, जबकि कुलपति के लिए एयर प्योरीफायर जैसी सुविधाएं तुरंत खरीदी जाती हैं।
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आरोप है कि ढाई वर्ष से विश्वविद्यालय में एक भी नई किताब नहीं खरीदी गई जबकि छात्रों से छात्र कल्याण फंड के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है। छात्रों के लिए एंबुलेंस सुविधा भी दो वर्ष से उपलब्ध है। उन्होंने 50 करोड़ रुपये की एफडी में घोटाले का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
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सुरेश पुट्ठी ने बताया कि ढाई वर्ष से न तो किसी कर्मचारी की पदोन्नति हुई है और न ही पदोन्नत कर्मचारियों की पे-फिक्सेशन की गई। कुछ कच्चे कर्मचारियों का वेतन चार माह से रुका हुआ है।
वर्जन
इंटरनेट और वाईफाई से जुड़ी तकनीकी समस्या को जल्द दूर किया जाएगा। -प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, मुरथल विश्वविद्यालय