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ऑनलाइन प्रशिक्षण में जल संचय के उपायों की दी जानकारी
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मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत सर्वे करते टीम सदस्य।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। जल शक्ति अभियान के तहत हिपा गुरुग्राम द्वारा मंगलवार को ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया गया। इसके तहत मंगलवार को टेक्निकल एक्सपर्ट डीके वर्मा ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग व ग्राउंड वाटर रीचार्चिंग के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के द्वारा एकत्रित जल से किस प्रकार से वाटर ग्राउंड में रीचार्ज होता है। ग्राउंड वाटर रीचार्ज होने से भू-जल स्तर बढ़ता है। टीईआरआई स्कूल ऑफ एडवांस स्टडीज नई दिल्ली के सहायक डॉ. एफटी ने भारत में पानी की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए पानी के संचय के बारे में जानकारी दी।
सीईओ जिला परिषद जयदीप ने कहा कि अधिकारी लोगों को पानी के महत्व को समझाने के साथ-साथ जल संचय के लिए आवश्यक कदम उठाएं। ताकि लोग इस बारे में जागरूक होकर जल के महत्व को समझे व इसके संरक्षण के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी के माध्यम से वर्षा के पानी को जल संचय कर भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए जल संरक्षण के तहत एक जन आंदोलन बनाने का प्रयास करें।
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उन्होंने बताया कि जल शक्ति अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बारिश के पानी का संचय करना है। 30 नवंबर तक पूरे देश में मानसून के दौरान यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जिसमें लोगों की भागीदारी के जरिए जमीनी स्तर पर जल संरक्षण के उपाय किए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के द्वारा एकत्रित जल से किस प्रकार से वाटर ग्राउंड में रीचार्ज होता है। ग्राउंड वाटर रीचार्ज होने से भू-जल स्तर बढ़ता है। टीईआरआई स्कूल ऑफ एडवांस स्टडीज नई दिल्ली के सहायक डॉ. एफटी ने भारत में पानी की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए पानी के संचय के बारे में जानकारी दी।
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सीईओ जिला परिषद जयदीप ने कहा कि अधिकारी लोगों को पानी के महत्व को समझाने के साथ-साथ जल संचय के लिए आवश्यक कदम उठाएं। ताकि लोग इस बारे में जागरूक होकर जल के महत्व को समझे व इसके संरक्षण के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी के माध्यम से वर्षा के पानी को जल संचय कर भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए जल संरक्षण के तहत एक जन आंदोलन बनाने का प्रयास करें।
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उन्होंने बताया कि जल शक्ति अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बारिश के पानी का संचय करना है। 30 नवंबर तक पूरे देश में मानसून के दौरान यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जिसमें लोगों की भागीदारी के जरिए जमीनी स्तर पर जल संरक्षण के उपाय किए जाएंगे।