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Rewari News: आविष्कार, ट्रेडमार्क, डिजाइन के बारे में दी जानकारी
Sat, 15 Feb 2025 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 15 Feb 2025 12:06 AM IST
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फोटो : 13कार्यक्रम में गणमान्यों को सम्मानित करते हुए। स्रोत : विवि
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में फ्रेमवर्क एंड कॉमर्सलाइजेशन ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम ईपीआर सेल एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान एवं हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस इन्नोवेशन एंड टेक्नोलॉजी की तरफ से प्रायोजित किया गया।
अतिथिगणों का स्वागत डॉ. सुनील कुमार ने किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी यादव ने सभी को पेटेंट की संपूर्ण शैली को अपनाने एवं मौलिक अधिकारों के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. रमेश कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य वक्ता डॉ. राहुल तनेजा, साइंटिस्ट, डायरेक्टरेट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी हरियाणा एवं डॉ. विपिन कुमार ने मुख्य वक्ता अनिल कुमार, सीनियर साइंटिस्ट, सीएसआईआर का परिचय करवाते हुए किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगीत से हुआ। वक्ताओं को पौधा देकर सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. राहुल तनेजा ने बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) का मुख्य काम, रचनात्मक और आविष्कारात्मक कार्यों को सुरक्षित करना और उनका व्यवसायीकरण करना है। साथ ही आईपीआर के तहत सुरक्षित की जाने वाली चीजें जैसे आविष्कार, ट्रेडमार्क, डिजाइन, रचनात्मक सामग्री, अन्य अमूर्त संपत्तियां एवं डिज़ाइन अधिकार के बारे में बोध कराया।
अनिल कुमार ने बताया कि किस प्रकार आईपीआर, नए उद्योगों और रोजगार के अवसरों के सृजन के जरिए आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है। उन्होंने आईपीआर के पेटेंट, कॉपीराइट, चिह्न, व्यापार रहस्य आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। आईपीआर वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य, बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के बारे में जानकारी देना और इनका सही इस्तेमाल करना सिखाना रहा। कार्यशाला के अंत में प्रोफेसर रश्मि पुंडीर, निदेशक आईक्यूएसी ने मुख्य वक्ताओं, शिक्षकों एवं सभी विद्यार्थियों का कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर प्रोफेसर आनंद सागर शर्मा, अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर मंजू परूथी, प्रोफेसर सुनील कुमार, डॉ. रितु बजाज, प्रोफेसर ममता कामरा, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. जेएल द्विवेदी, डॉ. सुमन नागपाल, डॉ. भारती, डॉ. समृद्धि, डॉ. सुशांत यादव सहित कार्यशाला में सभी शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
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रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में फ्रेमवर्क एंड कॉमर्सलाइजेशन ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम ईपीआर सेल एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान एवं हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस इन्नोवेशन एंड टेक्नोलॉजी की तरफ से प्रायोजित किया गया।
अतिथिगणों का स्वागत डॉ. सुनील कुमार ने किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी यादव ने सभी को पेटेंट की संपूर्ण शैली को अपनाने एवं मौलिक अधिकारों के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. रमेश कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य वक्ता डॉ. राहुल तनेजा, साइंटिस्ट, डायरेक्टरेट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी हरियाणा एवं डॉ. विपिन कुमार ने मुख्य वक्ता अनिल कुमार, सीनियर साइंटिस्ट, सीएसआईआर का परिचय करवाते हुए किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगीत से हुआ। वक्ताओं को पौधा देकर सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. राहुल तनेजा ने बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) का मुख्य काम, रचनात्मक और आविष्कारात्मक कार्यों को सुरक्षित करना और उनका व्यवसायीकरण करना है। साथ ही आईपीआर के तहत सुरक्षित की जाने वाली चीजें जैसे आविष्कार, ट्रेडमार्क, डिजाइन, रचनात्मक सामग्री, अन्य अमूर्त संपत्तियां एवं डिज़ाइन अधिकार के बारे में बोध कराया।
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अनिल कुमार ने बताया कि किस प्रकार आईपीआर, नए उद्योगों और रोजगार के अवसरों के सृजन के जरिए आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है। उन्होंने आईपीआर के पेटेंट, कॉपीराइट, चिह्न, व्यापार रहस्य आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। आईपीआर वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य, बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के बारे में जानकारी देना और इनका सही इस्तेमाल करना सिखाना रहा। कार्यशाला के अंत में प्रोफेसर रश्मि पुंडीर, निदेशक आईक्यूएसी ने मुख्य वक्ताओं, शिक्षकों एवं सभी विद्यार्थियों का कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर प्रोफेसर आनंद सागर शर्मा, अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर मंजू परूथी, प्रोफेसर सुनील कुमार, डॉ. रितु बजाज, प्रोफेसर ममता कामरा, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. जेएल द्विवेदी, डॉ. सुमन नागपाल, डॉ. भारती, डॉ. समृद्धि, डॉ. सुशांत यादव सहित कार्यशाला में सभी शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
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