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Rewari News: कार्तिक माह में तुलसी पूजा, दीपदान और दान का महत्व बताया
Fri, 10 Oct 2025 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 10 Oct 2025 12:11 AM IST
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फोटो: 01रेवाड़ी। शहर के आजाद चौक स्थित शिव मंदिर में महिलाओं को कार्तिक कथा का प्रथम अध्याय स
रेवाड़ी। कार्तिक माह की शुरुआत पर आजाद चौक स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालु महिलाओं को कार्तिक कथा सुनाई गई। इस दौरान कार्तिक में दीपदान, तुलसी पूजन और दान का महत्व बताया गया।
महिलाओं को माहभर किए जाने वाले स्नान, पूजा, दान और दीपदान का संकल्प दिलाया गया। मंदिर के पुजारी पं. सुमन भारद्वाज ने बताया कि हिंदू धर्म में कार्तिक मास को सबसे पवित्र और पुण्यकारी महीना माना गया है। इस महीने में भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं, इसलिए तुलसी पूजा, दीपदान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है।
इस महीने में करवा चौथ, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सूर्योदय से पहले स्नान और भजन-कीर्तन करने से पापों का नाश होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बताया कि मंदिर में प्रतिदिन सुबह 6:15 बजे कार्तिक महात्म्य कथा का पाठ किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि इस महीने सूर्य उपासना, अघ्र्यदान, दीपदान, तुलसी दान, आंवला दान, गौदान, अन्नदान और ब्राह्मण भोजन का अत्यंत महत्व बताया गया है। इस महीने नदियों में स्नान को भी विशेष रूप से पुण्यकारी माना गया है, जिसे कार्तिक स्नान कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि स्नान सूर्योदय से पूर्व किया जाना चाहिए और इसके बाद पूजा-पाठ, भजन तथा दान करने से जीवन में शुभता और समृद्धि आती है। देश की पवित्र नदियों में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने की परंपरा का भी इस अवसर पर उल्लेख किया गया।
इस मौके पर संतोष शर्मा, पूजा माहेश्वरी, अंजलि महेश्वरी, शकुंतला महेश्वरी, उमा महेश्वरी, पुष्पा खन्ना, शकुंतला, संतोष, सुनीता, मीनाक्षी, हेमलता वर्मा, ओमवती, कमलेश, पूनम, सुमन, रेनू, मुकेश, सीमा आदि श्रद्धालु महिलाओं ने कथा श्रवण किया और कार्तिक मास के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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महिलाओं को माहभर किए जाने वाले स्नान, पूजा, दान और दीपदान का संकल्प दिलाया गया। मंदिर के पुजारी पं. सुमन भारद्वाज ने बताया कि हिंदू धर्म में कार्तिक मास को सबसे पवित्र और पुण्यकारी महीना माना गया है। इस महीने में भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं, इसलिए तुलसी पूजा, दीपदान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है।
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इस महीने में करवा चौथ, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सूर्योदय से पहले स्नान और भजन-कीर्तन करने से पापों का नाश होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बताया कि मंदिर में प्रतिदिन सुबह 6:15 बजे कार्तिक महात्म्य कथा का पाठ किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि इस महीने सूर्य उपासना, अघ्र्यदान, दीपदान, तुलसी दान, आंवला दान, गौदान, अन्नदान और ब्राह्मण भोजन का अत्यंत महत्व बताया गया है। इस महीने नदियों में स्नान को भी विशेष रूप से पुण्यकारी माना गया है, जिसे कार्तिक स्नान कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि स्नान सूर्योदय से पूर्व किया जाना चाहिए और इसके बाद पूजा-पाठ, भजन तथा दान करने से जीवन में शुभता और समृद्धि आती है। देश की पवित्र नदियों में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने की परंपरा का भी इस अवसर पर उल्लेख किया गया।
इस मौके पर संतोष शर्मा, पूजा माहेश्वरी, अंजलि महेश्वरी, शकुंतला महेश्वरी, उमा महेश्वरी, पुष्पा खन्ना, शकुंतला, संतोष, सुनीता, मीनाक्षी, हेमलता वर्मा, ओमवती, कमलेश, पूनम, सुमन, रेनू, मुकेश, सीमा आदि श्रद्धालु महिलाओं ने कथा श्रवण किया और कार्तिक मास के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।