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Rewari News: शहर की 17 कॉलोनियों के वैध होने की जगी आस
Sun, 26 Nov 2023 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 26 Nov 2023 12:21 AM IST
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रेवाड़ी शहर के दिल्ली रोड पर सनसिटी के पास का हिस्सा जो होना है विकसित। संवाद
रेवाड़ी। शहर की बची हुई 17 कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया सिरे चढ़ने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले भेजी गई कॉलोनियों की रिपोर्ट में त्रुटियां थीं, जिसे अधिकारियों को ठीक करने के लिए कहा गया था। वहीं, अब अधिकारियों की ओर से दोबारा नियमित की जाने वाली कॉलोनियों की सूची भेज दी गई है। यदि यह कॉलोनियां सरकार के नियमों पर खरा उतरती हैं तो उनको नियमित किया जाएगा। दरअसल, प्रदेश सरकार की ओर से अगस्त 2023 में जिले की 14 कॉलोनियों को नियमित करने के बाद से शहर के लोगों में रोष है। उनका कहना है कि कॉलोनी शत-प्रतिशत विकसित हैं, उन्हें नियमित नहीं किया गया, जबकि जो कॉलोनी अभी पूर्ण रूप से विकसित नहीं हुई, उन्हें नियमित कर दिया गया है। ऐसे में इन कॉलोनियों में जमीन के भाव भी अचानक दोगुना हो गए हैं।
111 कॉलोनियों का भेजा था प्रस्ताव, 14 हुई थी नियमित
गौरतलब है कि नगर परिषद और डीटीपी की ओर से जिले की 111 कॉलोनियों का ड्रोन से सर्वे और तमाम औपचारिकता पूरी करने के बाद नियमित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन सरकार की तरफ से महज 14 को ही नियमित किया गया। ऐसे में पूर्ण रूप से विकसित कॉलोनियों में रहने वाले लोग अभी भी मूलभूत सुविधाओं के लिए इंतजार कर रहे हैं।
जमीन के 15 से 40 हजार वर्ग गज तक बढ़े भाव
शहर के बावल और बोलनी रोड पर स्थित कई कॉलोनियां को नियमित कर दिया गया है। नियमित होने से पूर्व यहां 15 से 18 हजार रुपये जमीन के भाव थे, लेकिन नियमित होने के बाद यहां के रेट बढ़कर 40 हजार रुपये वर्ग गज हो गए हैं। ऐसे में करीब 15 साल पूर्व अस्तित्व में आईं शहर की 17 से अधिक कॉलोनियों को अभी नियमित होने का इंतजार है। इन कॉलोनियों में रहने वाले करीब 50 हजार लोगों को सीवर और पेयजल किल्लत से जुझना पड़ रहा है।
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अधिकारियों ने ठीक ढंग से नहीं की पैरवी
पार्षदों की ओर से लगातार हाउस में भी शहर की कॉलोनियों को नियमित करने के मुद्दे को उठाया गया था। समय-समय पर अधिकारियों से भी कॉलोनियों को लेकर सरकार में ठोस पैरवी करने की मांग की थी, लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों ने शहर की कॉलोनियों को नियमित करने के मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। यही कारण है कि अनेक कॉलोनियों को सांविधानिक मान्यता नहीं मिली। पार्षद होने के नाते लोग हमसे सवाल करते हैं, लेकिन अधिकारियों की वजह से हमें भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
- लोकेश राव, नगर पार्षद, वार्ड 05
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शहर की 17 कॉलोनियां नियमित होनी हैं। इसके लिए भेजी गई फाइल में ऑब्जेक्शन था। इसलिए मुख्यालय को दोबारा से रिपोर्ट भेजी गई है।
- सुनील कुमार, जेई, नगर परिषद
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111 कॉलोनियों का भेजा था प्रस्ताव, 14 हुई थी नियमित
गौरतलब है कि नगर परिषद और डीटीपी की ओर से जिले की 111 कॉलोनियों का ड्रोन से सर्वे और तमाम औपचारिकता पूरी करने के बाद नियमित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन सरकार की तरफ से महज 14 को ही नियमित किया गया। ऐसे में पूर्ण रूप से विकसित कॉलोनियों में रहने वाले लोग अभी भी मूलभूत सुविधाओं के लिए इंतजार कर रहे हैं।
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जमीन के 15 से 40 हजार वर्ग गज तक बढ़े भाव
शहर के बावल और बोलनी रोड पर स्थित कई कॉलोनियां को नियमित कर दिया गया है। नियमित होने से पूर्व यहां 15 से 18 हजार रुपये जमीन के भाव थे, लेकिन नियमित होने के बाद यहां के रेट बढ़कर 40 हजार रुपये वर्ग गज हो गए हैं। ऐसे में करीब 15 साल पूर्व अस्तित्व में आईं शहर की 17 से अधिक कॉलोनियों को अभी नियमित होने का इंतजार है। इन कॉलोनियों में रहने वाले करीब 50 हजार लोगों को सीवर और पेयजल किल्लत से जुझना पड़ रहा है।
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अधिकारियों ने ठीक ढंग से नहीं की पैरवी
पार्षदों की ओर से लगातार हाउस में भी शहर की कॉलोनियों को नियमित करने के मुद्दे को उठाया गया था। समय-समय पर अधिकारियों से भी कॉलोनियों को लेकर सरकार में ठोस पैरवी करने की मांग की थी, लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों ने शहर की कॉलोनियों को नियमित करने के मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। यही कारण है कि अनेक कॉलोनियों को सांविधानिक मान्यता नहीं मिली। पार्षद होने के नाते लोग हमसे सवाल करते हैं, लेकिन अधिकारियों की वजह से हमें भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
- लोकेश राव, नगर पार्षद, वार्ड 05
शहर की 17 कॉलोनियां नियमित होनी हैं। इसके लिए भेजी गई फाइल में ऑब्जेक्शन था। इसलिए मुख्यालय को दोबारा से रिपोर्ट भेजी गई है।
- सुनील कुमार, जेई, नगर परिषद