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Rewari News: अविश्वास प्रस्ताव पर जिला सचिवालय में हाई वोल्टेज ड्रामा, धक्का मुक्की हुई
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बीच बचाव करते पुलिस टीम। संवाद
रेवाड़ी। पंचायत समिति धारूहेड़ा के अध्यक्ष दलबीर सिंह के विरुद्ध प्राप्त अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिला सचिवालय में शुक्रवार को होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई। जिला सचिवालय में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ।
शुक्रवार को अध्यक्ष दलबीर सिंह अपने साथी पार्षदों के साथ जिला सचिवालय पहुंचे। इस दौरान विरोधी खेमे के पार्षद एक बस में सवार होकर पहुंचे। जैसे ही विरोधी खेमे के पार्षदों की बस जिला सचिवालय पहुंचीं, वार्ड नंबर 7 की पार्षद रीना के परिजन उस बस पर लिपट गए। यहीं से हंगामा शुरू हुआ।
पार्षद रीना के परिजनों का कहना था कि 19 सितंबर से वह गायब है न तो उससे बात कराई जा रही है और ना ही ढूंढा जा रहा है। परिजनों का आरोप था कि रीना बस में नहीं थी, उसकी जगह कोई दूसरी महिला थी। इसके बाद वहां पर माहौल एकदम तनावपूर्ण हो गया। धक्का मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।
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पुलिस की टीम ने पहुंचकर जैसे तैसे माहौल को शांत किया। रीना के पति और मां बार बार चीखते रहे कि रीना का अपहरण हुआ है। वहीं दूसरा खेमा यही कहता रहा कि वह अपनी मर्जी से उनके साथ गई है। रीना यहां पर आई थी। परजिनों ने इस बात पर विश्वास नहीं किया।
लघु सचिवालय परिसर से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक हंगामा होता रहा। बैठक स्थगित होने के बाद माना जा रहा है कि जितना पार्षद बाहर रहेंगे उतना ही मामला शांत होगा। जैसे तैसे पार्षदों को मनाकर कुर्सी को बचाया जा सकेगा।
इस बैठक में पंचायत समिति धारूहेड़ा के सभी सदस्यों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया था। बैठक स्थगित होने की वजह से अध्यक्ष की कुर्सी फिलहाल बच गई।
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मां बोली- उनकी बेटी एक माह से गायब
मां शकुंतला ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी एक माह से गायब है। उनकी जगह पर दूसरी महिला को सचिवालय में लाया गया था। पुलिस को भी अपहरण होने की शिकायत दी गई थी। रीना का कुछ भी अता पता नहीं है। रीना के पति ने बताया कि उसकी पत्नी अभी तक नहीं मिली है, कैसी है क्या हालत है, नहीं बताया जा रहा है। हम परेशान हैं। पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि रीना अपनी मर्जी से गई थी। अपरहण जैसी बात पर इन्कार किया है।
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बैठक कब होगी, स्थिति स्पष्ट नहीं
बैठक रद्द होने की जानकारी देते हुए बताया गया है कि विहित प्राधिकारी पंचायत समिति धारूहेडा एवं अतिरिक्त उपायुक्त के अवकाश पर होने के कारण अध्यक्ष, पंचायत समिति धारूहेड़ा के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव बारे होने वाली बैठक आगामी आदेशों तक स्थगित की जाती है। अब बैठक कब होगी, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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22 में से 16 सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी
19 सितंबर को 22 में से 16 सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी जिसके बाद मामला एडीसी राहुल मोदी के कार्यालय पहुंचा था। उसके बाद कई सदस्य ग्रुप बनाकर इधर उधर घूमने चले गए थे। एडीसी राहुल मोदी ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1944 की धारा 62 व हरियाणा पंचायती राज नियमावली 1995 के नियम 10(3) में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह बैठक बुलाने का निर्णय लिया था। एडीसी ने बैठक के आयोजन को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई थीं।
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शुक्रवार को अध्यक्ष दलबीर सिंह अपने साथी पार्षदों के साथ जिला सचिवालय पहुंचे। इस दौरान विरोधी खेमे के पार्षद एक बस में सवार होकर पहुंचे। जैसे ही विरोधी खेमे के पार्षदों की बस जिला सचिवालय पहुंचीं, वार्ड नंबर 7 की पार्षद रीना के परिजन उस बस पर लिपट गए। यहीं से हंगामा शुरू हुआ।
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पार्षद रीना के परिजनों का कहना था कि 19 सितंबर से वह गायब है न तो उससे बात कराई जा रही है और ना ही ढूंढा जा रहा है। परिजनों का आरोप था कि रीना बस में नहीं थी, उसकी जगह कोई दूसरी महिला थी। इसके बाद वहां पर माहौल एकदम तनावपूर्ण हो गया। धक्का मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।
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पुलिस की टीम ने पहुंचकर जैसे तैसे माहौल को शांत किया। रीना के पति और मां बार बार चीखते रहे कि रीना का अपहरण हुआ है। वहीं दूसरा खेमा यही कहता रहा कि वह अपनी मर्जी से उनके साथ गई है। रीना यहां पर आई थी। परजिनों ने इस बात पर विश्वास नहीं किया।
लघु सचिवालय परिसर से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक हंगामा होता रहा। बैठक स्थगित होने के बाद माना जा रहा है कि जितना पार्षद बाहर रहेंगे उतना ही मामला शांत होगा। जैसे तैसे पार्षदों को मनाकर कुर्सी को बचाया जा सकेगा।
इस बैठक में पंचायत समिति धारूहेड़ा के सभी सदस्यों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया था। बैठक स्थगित होने की वजह से अध्यक्ष की कुर्सी फिलहाल बच गई।
मां बोली- उनकी बेटी एक माह से गायब
मां शकुंतला ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी एक माह से गायब है। उनकी जगह पर दूसरी महिला को सचिवालय में लाया गया था। पुलिस को भी अपहरण होने की शिकायत दी गई थी। रीना का कुछ भी अता पता नहीं है। रीना के पति ने बताया कि उसकी पत्नी अभी तक नहीं मिली है, कैसी है क्या हालत है, नहीं बताया जा रहा है। हम परेशान हैं। पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि रीना अपनी मर्जी से गई थी। अपरहण जैसी बात पर इन्कार किया है।
बैठक कब होगी, स्थिति स्पष्ट नहीं
बैठक रद्द होने की जानकारी देते हुए बताया गया है कि विहित प्राधिकारी पंचायत समिति धारूहेडा एवं अतिरिक्त उपायुक्त के अवकाश पर होने के कारण अध्यक्ष, पंचायत समिति धारूहेड़ा के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव बारे होने वाली बैठक आगामी आदेशों तक स्थगित की जाती है। अब बैठक कब होगी, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
22 में से 16 सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी
19 सितंबर को 22 में से 16 सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी जिसके बाद मामला एडीसी राहुल मोदी के कार्यालय पहुंचा था। उसके बाद कई सदस्य ग्रुप बनाकर इधर उधर घूमने चले गए थे। एडीसी राहुल मोदी ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1944 की धारा 62 व हरियाणा पंचायती राज नियमावली 1995 के नियम 10(3) में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह बैठक बुलाने का निर्णय लिया था। एडीसी ने बैठक के आयोजन को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई थीं।