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Rewari News: सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या के हिसाब से ग्रांट जारी, खर्च ब्यौरा भी देना होगा
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गांव कान्हड़वास स्थित प्राथमिक विद्यालय में दीवार से निकला पलास्टर। संवाद
सौरभ जायसवाल
रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों के लिए शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए स्कूल ग्रांट जारी कर खर्च करने के दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं। यह अनुदान भारत सरकार की समग्र शिक्षा योजना के तहत विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर दिया गया है।
ये राशि विद्यालयों में पीने के पानी, शौचालयों, साफ-सफाई, शिक्षण सहायक सामग्री, बिजली, इंटरनेट के बिलों के भुगतान, स्कूल परिसर और भवन का रख-रखाव व मरम्मत, पौधरोपण, स्कूल में मुख्य वार्षिक दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों व वार्षिक खेलों का आयोजन, स्कूल प्रबंधन कमेटी बैठक को लेकर खर्च की जाएगी।
इनमें 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता व पीने के पानी और शौचालय सफाई पर खर्च की जाएगी। 20 प्रतिशत राशि शिक्षण एवं अधिगम सामग्री पर खर्च होगी। 70 प्रतिशत राशि अन्य बुनियादी जरूरतें, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्कूल की मरम्मत पर खर्च किया जा सकेगा।
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राशि स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार अलग-अलग जारी की गई है। जिले में 700 से अधिक सरकारी स्कूल हैं। वहीं, हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद का प्रयास है कि राजकीय स्कूलों में पीने का पानी, शौचालय की साफ-सफाई, शौचालयों में पानी की व्यवस्था को ठीक रखा जाए। इस बात का ध्यान रखा जाए कि वर्षभर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था ठीक व क्रियाशील रहे।
अगस्त तक खर्च करना होगा 80 प्रतिशत फंड
निर्देशों अनुसार विद्यालयों को अगस्त तक अनुदान का 80 प्रतिशत और नवंबर तक शेष बजट खर्च करना है। यदि आवश्यकता हो तो पूरी राशि नवंबर से पहले भी व्यय की जा सकती है। ग्रांट के सभी खचों का विवरण स्कूल सूचना पटल पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना होगा। विभाग की ओर से ऑडिट किया जाएगा, इसलिए सभी रसीदें, बिल और रिकॉर्ड तैयार रखना अनिवार्य होगा।
प्राथमिक स्कूलों के लिए ग्रांट का उपयोग
छात्र संख्या- स्वच्छता कार्य योजना- टीएलम प्रयोग के लिए- अन्य कार्यों में- कुल ग्रांट
1 से 30-1000-2000-7000-10000
31 से 100-2500-5000-17500-25000
101 से 250-5000-10000-35000-50000
251 से 1000-7500-15000-52500-75000
1 हजार से अधिक-10000-20000-70000-100000
-- -- -- -- -- -- -
मिडिल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के लिए ग्रांट का उपयोग
छात्र संख्या- स्वच्छता कार्य योजना - टीएलम प्रयोग के लिए- अन्य कार्यों में-कुल ग्रांट
1 से 30-1000-1000-8000-10000
31 से 100-2500-2500-20000-25000
101 से 250-5000-5000-40000-50000
251 से 1000-7500-7500-60000-75000
1000 से अधिक-10000-10000-80000-100000
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वर्जन:
राजकीय स्कूलों के लिए हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से समग्र शिक्षा अभियान के तहत साफ-सफाई, शिक्षण सहायक सामग्री सहित अन्य कार्यों के लिए ग्रांट जारी की गई है। यह ग्रांट स्कूलों में सुविधाओं के लिए दी गई है। इसमें स्कूल में वार्षिक रखरखाव और अन्य कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है।
-सुभाष चंद सांभरिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों के लिए शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए स्कूल ग्रांट जारी कर खर्च करने के दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं। यह अनुदान भारत सरकार की समग्र शिक्षा योजना के तहत विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर दिया गया है।
ये राशि विद्यालयों में पीने के पानी, शौचालयों, साफ-सफाई, शिक्षण सहायक सामग्री, बिजली, इंटरनेट के बिलों के भुगतान, स्कूल परिसर और भवन का रख-रखाव व मरम्मत, पौधरोपण, स्कूल में मुख्य वार्षिक दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों व वार्षिक खेलों का आयोजन, स्कूल प्रबंधन कमेटी बैठक को लेकर खर्च की जाएगी।
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इनमें 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता व पीने के पानी और शौचालय सफाई पर खर्च की जाएगी। 20 प्रतिशत राशि शिक्षण एवं अधिगम सामग्री पर खर्च होगी। 70 प्रतिशत राशि अन्य बुनियादी जरूरतें, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्कूल की मरम्मत पर खर्च किया जा सकेगा।
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राशि स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार अलग-अलग जारी की गई है। जिले में 700 से अधिक सरकारी स्कूल हैं। वहीं, हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद का प्रयास है कि राजकीय स्कूलों में पीने का पानी, शौचालय की साफ-सफाई, शौचालयों में पानी की व्यवस्था को ठीक रखा जाए। इस बात का ध्यान रखा जाए कि वर्षभर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था ठीक व क्रियाशील रहे।
अगस्त तक खर्च करना होगा 80 प्रतिशत फंड
निर्देशों अनुसार विद्यालयों को अगस्त तक अनुदान का 80 प्रतिशत और नवंबर तक शेष बजट खर्च करना है। यदि आवश्यकता हो तो पूरी राशि नवंबर से पहले भी व्यय की जा सकती है। ग्रांट के सभी खचों का विवरण स्कूल सूचना पटल पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना होगा। विभाग की ओर से ऑडिट किया जाएगा, इसलिए सभी रसीदें, बिल और रिकॉर्ड तैयार रखना अनिवार्य होगा।
प्राथमिक स्कूलों के लिए ग्रांट का उपयोग
छात्र संख्या- स्वच्छता कार्य योजना- टीएलम प्रयोग के लिए- अन्य कार्यों में- कुल ग्रांट
1 से 30-1000-2000-7000-10000
31 से 100-2500-5000-17500-25000
101 से 250-5000-10000-35000-50000
251 से 1000-7500-15000-52500-75000
1 हजार से अधिक-10000-20000-70000-100000
मिडिल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के लिए ग्रांट का उपयोग
छात्र संख्या- स्वच्छता कार्य योजना - टीएलम प्रयोग के लिए- अन्य कार्यों में-कुल ग्रांट
1 से 30-1000-1000-8000-10000
31 से 100-2500-2500-20000-25000
101 से 250-5000-5000-40000-50000
251 से 1000-7500-7500-60000-75000
1000 से अधिक-10000-10000-80000-100000
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वर्जन:
राजकीय स्कूलों के लिए हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से समग्र शिक्षा अभियान के तहत साफ-सफाई, शिक्षण सहायक सामग्री सहित अन्य कार्यों के लिए ग्रांट जारी की गई है। यह ग्रांट स्कूलों में सुविधाओं के लिए दी गई है। इसमें स्कूल में वार्षिक रखरखाव और अन्य कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है।
-सुभाष चंद सांभरिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।