{"_id":"63fe464ede72c2a6c00c8af6","slug":"fraud-of-eight-lakhs-by-posing-as-fake-insurance-company-agent-rewari-news-c-17-1-80300-2023-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: फर्जी बीमा कंपनी एजेंट ने बनकर आठ लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: फर्जी बीमा कंपनी एजेंट ने बनकर आठ लाख की ठगी
Tue, 28 Feb 2023 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 28 Feb 2023 11:52 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जीवन बीमा का प्रीमियम जमा कराने के नाम पर फर्जी एजेंट ने 8 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया। साइबर फ्रॉड का शिकार होने के बाद पीड़ित ने साउथ रेंज साइबर थाना पुलिस में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने उन खातों का पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए, जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई है।
सनसिटी निवासी धीरज ने बताया कि उन्होंने और उनके पिता करतार सिंह एक इंश्योरेंस कंपनी से पॉलिसी कराई हुई हैं। 15 फरवरी को उनके पिता के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। इस दौरान कॉलर ने कंपनी का एजेंट बताकर उनके पिता की पॉलिसी के 511849 रुपये जमा कराने के लिए कहा। उसने अपना नाम रोहित बताया। साथ ही उन्हें बीमा कंपनी के खाते को एक लिंक के माध्यम से भेज दिया। इसके बाद उसने खाता में राशि एनईएफटी के जरिए ट्रांसफर भी करा ली। इसके बाद रोहित ने प्रीमियम के 3 लाख रुपये जमा कराने के लिए भी फोन किया। यह राशि भी उसने जमा करा ली। इस दौरान उनके एजेंट का भी फोन आया। धीरज ने बताया कि कंपनी से दोनों पॉलिसी का प्रीमियम जमा कराने के लिए कॉल आई थी। एजेंट ने कंपनी के सुधीर से बात की तो पता चला कि रोहित नाम का कोई एजेंट उनकी कंपनी में नहीं है। कस्टमर केयर पर बात करने पर पता चला कि जिन खातों में 8 लाख से अधिक राशि जमा कराई गई है, वह बीमा कंपनी के नहीं हैं। उनकी शिकायत पर केस दर्ज करने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
रेवाड़ी। जीवन बीमा का प्रीमियम जमा कराने के नाम पर फर्जी एजेंट ने 8 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया। साइबर फ्रॉड का शिकार होने के बाद पीड़ित ने साउथ रेंज साइबर थाना पुलिस में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने उन खातों का पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए, जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई है।
सनसिटी निवासी धीरज ने बताया कि उन्होंने और उनके पिता करतार सिंह एक इंश्योरेंस कंपनी से पॉलिसी कराई हुई हैं। 15 फरवरी को उनके पिता के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। इस दौरान कॉलर ने कंपनी का एजेंट बताकर उनके पिता की पॉलिसी के 511849 रुपये जमा कराने के लिए कहा। उसने अपना नाम रोहित बताया। साथ ही उन्हें बीमा कंपनी के खाते को एक लिंक के माध्यम से भेज दिया। इसके बाद उसने खाता में राशि एनईएफटी के जरिए ट्रांसफर भी करा ली। इसके बाद रोहित ने प्रीमियम के 3 लाख रुपये जमा कराने के लिए भी फोन किया। यह राशि भी उसने जमा करा ली। इस दौरान उनके एजेंट का भी फोन आया। धीरज ने बताया कि कंपनी से दोनों पॉलिसी का प्रीमियम जमा कराने के लिए कॉल आई थी। एजेंट ने कंपनी के सुधीर से बात की तो पता चला कि रोहित नाम का कोई एजेंट उनकी कंपनी में नहीं है। कस्टमर केयर पर बात करने पर पता चला कि जिन खातों में 8 लाख से अधिक राशि जमा कराई गई है, वह बीमा कंपनी के नहीं हैं। उनकी शिकायत पर केस दर्ज करने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन