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Rewari News: रेजांगला के नायकों को यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने किया सम्मानित
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रेजांगला के नायकों को सम्मानित करते यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव। स्रोत : प्रवक्ता
रेवाड़ी। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रेवाड़ी के रेडियो ऑपरेटर रामचंद्र यादव (मोहनपुर), सिपाही निहाल सिंह यादव (चिमनावास) और महेंद्रगढ़ के हवलदार गजे सिंह यादव (बेवल) को 10-10 लाख रुपये के सोने के मेडल देकर सम्मानित किया।
रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के इन वीर जवानों ने 1962 के भारत-चीन युद्ध की रेजांगला की ऐतिहासिक लड़ाई में अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया था। इस पहल के पीछे की योजना रेवाड़ी के डॉक्टर विराट वीर यादव ने अखिलेश यादव से संपर्क कर बनाई थी। उन्होंने तीनों वीरों को लखनऊ लेकर गए जहां पर उन्हें उच्चतम सम्मान प्रदान किया गया।
रेजांगला की लड़ाई भारत-चीन युद्ध की सबसे वीरतापूर्ण घटनाओं में से एक मानी जाती है। मेजर शैतान सिंह भाटी के नेतृत्व में 13वीं कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के केवल 120 अहीर जवानों ने माइनस 24 डिग्री तापमान और भारी चीनी सेना के सामने अपनी मातृभूमि की रक्षा की।
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सीमित संसाधनों और कठिन हालात में ये जवान दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर करने में सफल हुए। उनकी वीरता और बलिदान ने भारतीय सेना के अदम्य साहस को इतिहास में अमर कर दिया।
चीनी सेना की बड़ी ताकत और कठिन मौसम के बावजूद इन 120 जवानों ने देशभक्ति, साहस और रणनीति का अद्वितीय उदाहरण पेश किया। मेजर शैतान सिंह भाटी ने अपनी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता से सैनिकों को हर परिस्थिति में तैयार रखा।
अत्यधिक ठंड और गोलाबारी के बीच, जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मन को रोका। इस लड़ाई में कई जवान शहीद हुए, लेकिन उनकी वीरता और देशभक्ति हमेशा स्मरणीय रहेगी।
रेजांगला की यह लड़ाई सिर्फ युद्ध कौशल का उदाहरण नहीं बल्कि उन जवानों के घर-परिवार, दोस्ती और मातृभूमि के प्रति गहरे प्रेम को भी दर्शाती है। यह सम्मान रेजांगला की लड़ाई में शामिल उन 120 अहीर जवानों के बलिदान को याद करने और उनके योगदान को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के इन वीर जवानों ने 1962 के भारत-चीन युद्ध की रेजांगला की ऐतिहासिक लड़ाई में अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया था। इस पहल के पीछे की योजना रेवाड़ी के डॉक्टर विराट वीर यादव ने अखिलेश यादव से संपर्क कर बनाई थी। उन्होंने तीनों वीरों को लखनऊ लेकर गए जहां पर उन्हें उच्चतम सम्मान प्रदान किया गया।
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रेजांगला की लड़ाई भारत-चीन युद्ध की सबसे वीरतापूर्ण घटनाओं में से एक मानी जाती है। मेजर शैतान सिंह भाटी के नेतृत्व में 13वीं कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के केवल 120 अहीर जवानों ने माइनस 24 डिग्री तापमान और भारी चीनी सेना के सामने अपनी मातृभूमि की रक्षा की।
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सीमित संसाधनों और कठिन हालात में ये जवान दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर करने में सफल हुए। उनकी वीरता और बलिदान ने भारतीय सेना के अदम्य साहस को इतिहास में अमर कर दिया।
चीनी सेना की बड़ी ताकत और कठिन मौसम के बावजूद इन 120 जवानों ने देशभक्ति, साहस और रणनीति का अद्वितीय उदाहरण पेश किया। मेजर शैतान सिंह भाटी ने अपनी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता से सैनिकों को हर परिस्थिति में तैयार रखा।
अत्यधिक ठंड और गोलाबारी के बीच, जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मन को रोका। इस लड़ाई में कई जवान शहीद हुए, लेकिन उनकी वीरता और देशभक्ति हमेशा स्मरणीय रहेगी।
रेजांगला की यह लड़ाई सिर्फ युद्ध कौशल का उदाहरण नहीं बल्कि उन जवानों के घर-परिवार, दोस्ती और मातृभूमि के प्रति गहरे प्रेम को भी दर्शाती है। यह सम्मान रेजांगला की लड़ाई में शामिल उन 120 अहीर जवानों के बलिदान को याद करने और उनके योगदान को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

रेजांगला के नायकों को सम्मानित करते यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव। स्रोत : प्रवक्ता