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छह साल से 32 गांवों को है अंडरपास बनने का इंतजार, कागजी प्रक्रिया अटकी

Tue, 07 Sep 2021 11:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 07 Sep 2021 11:38 PM IST
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For six years, 32 villages are waiting to become underpass, paperwork stuck
कोसली रेलवे फाटक से गुजरते लोग। - फोटो : Rewari
कोसली। कोसली के रेलवे फाटक नंबर 19 पर 6 साल से 32 गांवों व कस्बे की आधी आबादी अंडरपास बनने का इंतजार कर रही है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 में इस फाटक पर अंडरपास बनाने की घोषणा की थी। रेलवे ने भी अंडरपास को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। लेकिन 6 साल बीत जाने के बाद भी पीडब्लूडी की कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। अंडरपास नहीं बनने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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वर्ष 2010 में कोसली ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद फाटक नंबर-19 को बंद कर दिया गया था। फाटक बंद होने के कारण कोसली की आधी आबादी व 32 गांवों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोग लगातार फाटक नंबर-19 पर अंडरपास बनाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फाटक को बंद कर अंडरपास बनाने की घोषणा की थी। 20 अक्तूबर 2017 में सरकार ने रेलवे के पास अंडरपास निर्माण के लिए रेलवे विभाग के पास करीब 6 करोड़ रुपये जमा करा दिए थे। लेकिन 6 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जनवरी 2010 में ग्रामीणों ने धरना शुरू किया था। पीडब्लूडी की ओर से अप्रैल माह में टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया था। लेकिन अभी भी पीडब्लूडी की कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई है।
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दो भागों में बंटा कोसली बाजार:
फाटक पर अंडरपास नहीं बनने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोसली की आबादी के लगभग 2 हजार घर रेलवे के उस पास रहते हैं। अंडरपास का निर्माण नहीं होने से लोगों के पास दो विकल्प हैं। पहला दो किलोमीटर दूरी से घूमकर बाजार पहुंचना पड़ता है। दूसरा शॉर्टकट के चक्कर में जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार कर बाजार पहुंचना पड़ रहा है। यह रेलवे के नियमों के खिलाफ भी है। ग्रामीण अंडरपास की मांग को लेकर लंबे समय तक धरना भी दे चुके हैं। लेकिन अभी पीडब्लूडी की कागजी कार्रवाई ही पूरी नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों में अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के चलते रोष है। लोगों का कहना है कि जल्द अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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32 गांवों के लोगों को उठानी पड़ रही है परेशानी:
कोसली फाटक नंबर-19 वर्ष 2010 से बंद है। वर्ष 2016 ने मुख्यमंत्री ने फाटक की जगह अंडरपास बनाने की घोषणा की थी। लेकिन विभाग ने फाटक तो हटा दिया लेकिन अंडरपास का निर्माण कार्य नहीं शुरू किया है। ऐसे में कोसली सहित गांव भाकली, नठेडा, झाल, सहादतनगर, जुड़ी, नाहड़, कृष्ण नगर, सुरेहली, नेहरूगढ़, झाडोदा, खेड़ी रामनगर, दखोरा, दडोली, टुमना, श्यामनगर, गुजरवास, लूखी, बिसोहा, बव्वा, बहाला, नयागांव, गढ़ी, झोलरी, खुर्शीनगर, कोहारड, लिलोढ, सुधरवाना, कारोली व भगवानपुर के अलावा जिला झज्जर व महेंद्रगढ़ के गांवों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। फाटक बंद होने के चलते ग्रामीणों को 2 किलोमीटर घूम कर आना पड़ रहा है।

पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सचिन भाटी ने बताया कि अंडरपास को लेकर अभी थोड़ी कागजी कार्रवाई रह गई है। जल्द सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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