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Rewari News: 42 पीड़ितों को दी 78 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
Fri, 02 Jan 2026 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 02 Jan 2026 11:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में जिलास्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा की। जिला कल्याण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एवं नियम के तहत 2025 में 42 पीड़ितों को 78 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है।
डीसी मीणा ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचारों को रोकने के लिए बनाए अधिनियम 1989 के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारी आपस में तालमेल स्थापित कर कार्य करें। डीसी ने कहा कि अत्याचार अधिनियम 1989 के अधीन गैर अनुसूचित जाति के पीड़ित व्यक्तियों के आवेदन पर कार्यवाही करते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता से संबंधित पीड़ित परिवार को भावनात्मक रूप में भी काफी सहारा मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए संबंधित गतिविधियां आयोजित कर जागरूकता कार्यक्रम करवाएं जाएं। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी एक्ट में दर्ज मुकदमों में समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
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रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में जिलास्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा की। जिला कल्याण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एवं नियम के तहत 2025 में 42 पीड़ितों को 78 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है।
डीसी मीणा ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचारों को रोकने के लिए बनाए अधिनियम 1989 के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारी आपस में तालमेल स्थापित कर कार्य करें। डीसी ने कहा कि अत्याचार अधिनियम 1989 के अधीन गैर अनुसूचित जाति के पीड़ित व्यक्तियों के आवेदन पर कार्यवाही करते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
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उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता से संबंधित पीड़ित परिवार को भावनात्मक रूप में भी काफी सहारा मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए संबंधित गतिविधियां आयोजित कर जागरूकता कार्यक्रम करवाएं जाएं। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी एक्ट में दर्ज मुकदमों में समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
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