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Rewari News: रोस्टर प्रणाली खत्म करने से किसान परेशान, मंडी के बाहर लगी ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतार

Tue, 25 Apr 2023 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 25 Apr 2023 11:29 PM IST
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farmers upset due to abolition of roster system long queue of tractor-trolleys outside market
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। मार्केट कमेटी ने इस बार बिठवाना अनाज मंडी में सरसों खरीद के लिए रोस्टर प्रणाली बंद कर दी है। इससे मंडी में अव्यवस्था फैल गई है। रोजाना 500 से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्राली लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं। इससे न केवल बावल रोड पर ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतार लग रही है बल्कि शाम तक सभी किसानों की सरसों की खरीद भी नहीं हो पा रही। ऐसे में दिनभर सरसों नहीं बिकने से किसानों को मंडी में रात गुजारनी पड़ती है।
वहीं मंगलवार को जिले की मंडियों में 182776 क्विंटल सरसों और 135955 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है, जिसमें बिठवाना मंडी में 65746 क्विंटल सरसों और 45915 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, लेकिन उठान प्रक्रिया बेहद धीमी है।
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जिले की बिठवाना, बावल और कोसली की अनाज मंडियों में किसानों की भीड़ जमा न हो एवं अव्यवस्था न फैले इसके लिए हर बार गांव वाइज रोस्टर जारी किया जाता था। मंडी में रोजाना रोस्टर के हिसाब से खरीद की जाती थी। इससे न तो किसानों की भीड़ जमा होती थी और फसल की बिकवाली भी आसानी से हो जाती थी। लेकिन इस बार मार्केट कमेटी ने रोस्टर प्रणाली बंद कर दी है।
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लगती है वाहनों की लंबी कतार
रोस्टर प्रणाली नहीं होने के कारण सुबह चार बजे से ही किसान मंडी पहुंचना शुरू कर देते हैं ताकि टोकन पहले कटवा सकें, लेकिन खरीद प्रक्रिया करीब साढ़े नौ बजे शुरू होती है। जब तक किसानों की लंबी कतार लग जाती है। ऐसे में शाम को पांच बजे तक जिन किसानों की खरीद प्रक्रिया में नंबर आ जाता है तो ठीक नहीं तो फिर अगले दिन ही सरसों बेचनी पड़ी रही है।

धूप से बचने को ट्रालियों के नीचे बैठे रहते हैं किसान
दिन में तेज धूप से बचने के लिए किसानों के ट्रैक्टर-ट्रालियों का सहारा लेना पड़ता है। अधिकांश किसान ट्रालियों के नीचे या फिर पेड़ों की छांव में आराम करते नजर आते हैं, क्योंकि रोड पर न तो टेंट लगाया जा सकता है और न ही छाया करने की अन्य कोई व्यवस्था हो सकती है। ऐसे में किसानों को धूप से बचने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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