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Rewari News: किसानों ने कृषि को बढ़ावा देने और आर्थिक संकट से उबारने की मांग की
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किसानों से बातचीत करते लोक सेवा मंच का प्रतिनिधिमंडल। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत लोक सेवा मंच का एक प्रतिनिधिमंडल अनाज मंडी पहुंचा जहां किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। किसानों ने मंच के पदाधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए उनके समाधान के लिए आवाज उठाने की मांग की।
प्रधान अशोक व कोर कमेटी सदस्य महेश कौशिक, बीके राम सिंह से बातचीत में किसानों ने कहा कि बढ़ती महंगाई, खाद-बीज और पानी जैसी आवश्यक चीजों की समय पर व उचित दर पर उपलब्धता न होने से खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है।
किसानों ने सरकार से हरित क्रांति की तर्ज पर कृषि को बढ़ावा देने और उन्हें आर्थिक संकट से उबारने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की।
किसानों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर लगातार गिर रहा है जिससे सिंचाई की समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने सरकार से नहरी पानी आधारित सिंचाई योजनाओं को तेजी से लागू करने की मांग की। हाल ही में हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा अब तक नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई गई।
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किसानों ने सरसों की सरकारी खरीद को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि सरकार की ओर से 6250 रुपये प्रति क्विंटल का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। खरीद उससे अधिक पर की जाए और इससे कम दर पर खरीद पर तुरंत रोक लगाई जाए।
रामावतार, जयलाल, तेजपाल, रामेहर, मदन सिंह, रामनिवास, लक्ष्मीनारायण और चंदूलाल सहित कई किसानों ने बताया कि हर वर्ष डीएपी खाद समय पर और पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाती जिससे फसलों की उत्पादकता प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की।
इस मौके पर प्रधान अशोक ने कहा कि किसानों के हित में सामाजिक सुरक्षा के तहत प्रत्येक किसान को कम से कम एक करोड़ रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर मुफ्त दिया जाना चाहिए ताकि किसी हादसे की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को संकलित कर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा व समाधान होने तक यह अभियान जारी रहेगा।
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प्रधान अशोक व कोर कमेटी सदस्य महेश कौशिक, बीके राम सिंह से बातचीत में किसानों ने कहा कि बढ़ती महंगाई, खाद-बीज और पानी जैसी आवश्यक चीजों की समय पर व उचित दर पर उपलब्धता न होने से खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है।
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किसानों ने सरकार से हरित क्रांति की तर्ज पर कृषि को बढ़ावा देने और उन्हें आर्थिक संकट से उबारने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की।
किसानों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर लगातार गिर रहा है जिससे सिंचाई की समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने सरकार से नहरी पानी आधारित सिंचाई योजनाओं को तेजी से लागू करने की मांग की। हाल ही में हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा अब तक नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई गई।
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किसानों ने सरसों की सरकारी खरीद को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि सरकार की ओर से 6250 रुपये प्रति क्विंटल का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। खरीद उससे अधिक पर की जाए और इससे कम दर पर खरीद पर तुरंत रोक लगाई जाए।
रामावतार, जयलाल, तेजपाल, रामेहर, मदन सिंह, रामनिवास, लक्ष्मीनारायण और चंदूलाल सहित कई किसानों ने बताया कि हर वर्ष डीएपी खाद समय पर और पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाती जिससे फसलों की उत्पादकता प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की।
इस मौके पर प्रधान अशोक ने कहा कि किसानों के हित में सामाजिक सुरक्षा के तहत प्रत्येक किसान को कम से कम एक करोड़ रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर मुफ्त दिया जाना चाहिए ताकि किसी हादसे की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को संकलित कर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा व समाधान होने तक यह अभियान जारी रहेगा।