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Rewari News: बारिश से तापमान में गिरावट, सरसों की फसल को नुकसान की आशंका
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खेत में लहलहाती सरसों की फसल। संवाद
रेवाड़ी। जिले में मंगलवार देर रात हुई बारिश की वजह से जगह-जगह जलभराव हो गया। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की वजह से लोगों को काफी परेशानी भी हुई। वहीं बारिश की वजह से सरसों की फसल को नुकसान होने की आशंका है। वहीं तापमान में गिरावट आने से मौसम में फिर से ठंड महसूस होने लगी है। बुधवार को अधिकतम तापमान 31.5 और न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में 70 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल की बिजाई की गई हैं। अगर बुधवार को भी बारिश हुई तो सरसों की फसल में नुकसान की संभावना प्रबल होगी।
उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर जिले में मंगलवार की दोपहर बाद से ही दिखाई देना शुरू हो गया था। दोपहर बाद आसमान में बादल छाए। देर शाम तेज गति से हवाएं चलनी शुरू हुई और फिर रात होते-होते मौसम पूरी तरह बदल गया। पहले कुछ देर बूंदाबांदी हुई और देर रात आधे घंटे तक पूरे शहर में जोरदार बारिश हुई।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 1 मार्च को मौसम गतिविधि अपने चरम पर होगी और 2 मार्च को कम हो जाएगी। इसके बाद 3 मार्च के बीच एक घंटे के ब्रेक के साथ और इस दौरान सुबह के समय कोहरे की गतिविधियों की संभावना भी बन रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगर तेज बारिश होती है तो पकाव पर खड़ी सरसों की फसल में नुकसान हो सकता है। देर रात हुई तेज बारिश से भी सरसों की फसल में नुकसान की आशंका है। हालांकि फिलहाल सरसों में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
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कहां कितनी बारिश हुई
रेवाड़ी-1 एमएम
धारूहेड़ा-7 एमएम
कुंड-5 एमएम
कोसली-4 एमएम
नाहड़-1 एमएम
पाहलवास-1 एमएम
बावल-2 एमएम
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वर्जन
फिलहाल सरसों की फसल में कोई नुकसान नहीं है। अगर बारिश अधिक होती है तो सरसों में नुकसान की संभावना बन सकती है। सरसों की फसल अब पकाव पर है। ऐसे में अधिक बारिश नुकसान कर सकती है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।
-डॉ जसविंद्र, कृषि उपनिदेशक रेवाड़ी।
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उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर जिले में मंगलवार की दोपहर बाद से ही दिखाई देना शुरू हो गया था। दोपहर बाद आसमान में बादल छाए। देर शाम तेज गति से हवाएं चलनी शुरू हुई और फिर रात होते-होते मौसम पूरी तरह बदल गया। पहले कुछ देर बूंदाबांदी हुई और देर रात आधे घंटे तक पूरे शहर में जोरदार बारिश हुई।
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मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 1 मार्च को मौसम गतिविधि अपने चरम पर होगी और 2 मार्च को कम हो जाएगी। इसके बाद 3 मार्च के बीच एक घंटे के ब्रेक के साथ और इस दौरान सुबह के समय कोहरे की गतिविधियों की संभावना भी बन रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगर तेज बारिश होती है तो पकाव पर खड़ी सरसों की फसल में नुकसान हो सकता है। देर रात हुई तेज बारिश से भी सरसों की फसल में नुकसान की आशंका है। हालांकि फिलहाल सरसों में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
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कहां कितनी बारिश हुई
रेवाड़ी-1 एमएम
धारूहेड़ा-7 एमएम
कुंड-5 एमएम
कोसली-4 एमएम
नाहड़-1 एमएम
पाहलवास-1 एमएम
बावल-2 एमएम
वर्जन
फिलहाल सरसों की फसल में कोई नुकसान नहीं है। अगर बारिश अधिक होती है तो सरसों में नुकसान की संभावना बन सकती है। सरसों की फसल अब पकाव पर है। ऐसे में अधिक बारिश नुकसान कर सकती है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।
-डॉ जसविंद्र, कृषि उपनिदेशक रेवाड़ी।