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संक्रमितों की काउंसिलिंग करेंगे एमबीबीएस छात्र, देंगे परामर्श
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संक्रमितों की काउंसिलिंग करेंगे एमबीबीएस छात्र, देंगे परामर्श
- कोरोना मरीजों में सकारात्मकता एवं आशावादी दृष्टिकोण का भाव करेंगे पैदा
- हेल्थ विभाग को मिले 15 फाइनल ईयर एमबीबीएस छात्र, वर्कफ्रॉम होम करेंगे
फोटो-5 व 6
मनोज धर द्विवेदी
रेवाड़ी। जिले में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना वायरस के मरीजों में सकारात्मकता एवं आशावादी दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए एमबीबीएस के फाइनल ईयर के छात्र काउंसिलिंग और उचित परामर्श देंगे। फिलहाल छात्र घर से ही (वर्कफ्रॉम) मरीजों की काउंसिलिंग करेंगे।
बता दें कि अभी तक जिले में 241514 कोरोना संदिग्धों के सैंपल लिए गए है। इसमें 223776 की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 17738 कोरोना मरीज अभी तक मिले। जिसमें से 16277 मरीज ठीक हो चुके हैं। वीरवार तक जिले में कोरोना के 1237 मामले सक्रिय थे। इसमें 873 मरीज होम आइसोलेट हैं। होम आइसोलेट मरीजों को दवा व काउंसिलिंग के लिए 35 टीमों को लगाया गया है। नागरिक अस्पताल के होम आइसोलेशन प्रभारी डॉ. लाल सिंह ने बताया कि कोरोना मरीजों की काउंसिलिंग और परामर्श को और बेहतर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग को 15 एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र मिले हैं। इन छात्रों की ड्यूटी कोरोना मरीजों की काउंसिलिंग और परामर्श देने के लिए लगाई गई है। उन्होंने बताया कि ये छात्र डॉक्टर वर्कफ्रॉम होम करेंगे। उन्हें रोजाना काउंसिलिंग करने वाले 50-60 मरीजों के मोबाइल नंबर दिए जाएंगे। डॉ. लाल ने बताया कि मरीजों से ना केवल सेहत के बारे में पूछताछ की जा रही है बल्कि उनके साथ भावनात्मक लगाव भी बनाया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम बना हुआ है। प्रभारी ने बताया कि मरीजों के मन से बीच चिंता, डर, अकेलेपन और अनिश्चित्ता के माहौल को बदलकर सकारात्मकता के भाव पैदा करना है। टीम मानसिक स्वास्थ्य सहायता के मुख्य सिद्धांत पर चलते हुए महामारी के संकट में लोगों के मन में सकारात्मक प्रभाव डालने का काम करेंगी।
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शारीरिक के साथ मानसिक मजबूती जरूरी :
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना संक्रमण में शारीरिक इम्युनिटी के साथ-साथ मानसिक तौर पर मजबूत होना आवश्यक है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र पर टीम में सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई है। पहले भी ऐसे मरीजों के लिए टीमें काउंसिलिंग और परामर्श देती थी। अब 15 एमबीबीएस के छात्र जुड़ गए हैं।
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सकारात्मक माहौल से जल्द ठीक होता है मरीज
होम आइसोलेट मरीजों को घर पर ही दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस दौरान व्यक्ति का संयम बने रहना अत्यंत आवश्यक है। मरीजों को जागरूक किया जा रहा है। उचित खानपान अपनाने के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा मेडिटेशन, योग व प्राणायाम और आध्यात्मिकता से जुड़े रहने के बारे में विशेष सलाह जरूरी है ताकि अकेलापन महसूस ना करें। सकारात्मक माहौल में रहने से बीमार व्यक्ति जल्द ठीक होता है।
डॉ. लाल सिंह, प्रभारी होम आइसोलेशन
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- कोरोना मरीजों में सकारात्मकता एवं आशावादी दृष्टिकोण का भाव करेंगे पैदा
- हेल्थ विभाग को मिले 15 फाइनल ईयर एमबीबीएस छात्र, वर्कफ्रॉम होम करेंगे
फोटो-5 व 6
मनोज धर द्विवेदी
रेवाड़ी। जिले में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना वायरस के मरीजों में सकारात्मकता एवं आशावादी दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए एमबीबीएस के फाइनल ईयर के छात्र काउंसिलिंग और उचित परामर्श देंगे। फिलहाल छात्र घर से ही (वर्कफ्रॉम) मरीजों की काउंसिलिंग करेंगे।
बता दें कि अभी तक जिले में 241514 कोरोना संदिग्धों के सैंपल लिए गए है। इसमें 223776 की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 17738 कोरोना मरीज अभी तक मिले। जिसमें से 16277 मरीज ठीक हो चुके हैं। वीरवार तक जिले में कोरोना के 1237 मामले सक्रिय थे। इसमें 873 मरीज होम आइसोलेट हैं। होम आइसोलेट मरीजों को दवा व काउंसिलिंग के लिए 35 टीमों को लगाया गया है। नागरिक अस्पताल के होम आइसोलेशन प्रभारी डॉ. लाल सिंह ने बताया कि कोरोना मरीजों की काउंसिलिंग और परामर्श को और बेहतर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग को 15 एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र मिले हैं। इन छात्रों की ड्यूटी कोरोना मरीजों की काउंसिलिंग और परामर्श देने के लिए लगाई गई है। उन्होंने बताया कि ये छात्र डॉक्टर वर्कफ्रॉम होम करेंगे। उन्हें रोजाना काउंसिलिंग करने वाले 50-60 मरीजों के मोबाइल नंबर दिए जाएंगे। डॉ. लाल ने बताया कि मरीजों से ना केवल सेहत के बारे में पूछताछ की जा रही है बल्कि उनके साथ भावनात्मक लगाव भी बनाया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम बना हुआ है। प्रभारी ने बताया कि मरीजों के मन से बीच चिंता, डर, अकेलेपन और अनिश्चित्ता के माहौल को बदलकर सकारात्मकता के भाव पैदा करना है। टीम मानसिक स्वास्थ्य सहायता के मुख्य सिद्धांत पर चलते हुए महामारी के संकट में लोगों के मन में सकारात्मक प्रभाव डालने का काम करेंगी।
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शारीरिक के साथ मानसिक मजबूती जरूरी :
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना संक्रमण में शारीरिक इम्युनिटी के साथ-साथ मानसिक तौर पर मजबूत होना आवश्यक है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र पर टीम में सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई है। पहले भी ऐसे मरीजों के लिए टीमें काउंसिलिंग और परामर्श देती थी। अब 15 एमबीबीएस के छात्र जुड़ गए हैं।
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सकारात्मक माहौल से जल्द ठीक होता है मरीज
होम आइसोलेट मरीजों को घर पर ही दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस दौरान व्यक्ति का संयम बने रहना अत्यंत आवश्यक है। मरीजों को जागरूक किया जा रहा है। उचित खानपान अपनाने के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा मेडिटेशन, योग व प्राणायाम और आध्यात्मिकता से जुड़े रहने के बारे में विशेष सलाह जरूरी है ताकि अकेलापन महसूस ना करें। सकारात्मक माहौल में रहने से बीमार व्यक्ति जल्द ठीक होता है।
डॉ. लाल सिंह, प्रभारी होम आइसोलेशन