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Rewari News: एफओबी बनने के बाद भी नहीं लग पाई लिफ्ट, स्ट्रेचर से शिफ्ट हो रहे मरीज

Sun, 01 Dec 2024 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 01 Dec 2024 01:00 AM IST
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Even after construction of FOB, lift could not be installed, patients being shifted by stretcher
रेवाड़ी। नागिरक अस्पताल को ट्रामा सेंटर को जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज का कार्य गत वर्ष अक्तूबर माह में भी पूरा चुका है, लेकिन एक साल से एफओबी में लिफ्ट नहीं लग पाई है। लिफ्ट का कार्य शुरू होने के बाद से अधर में लटका हुआ है। गत वर्ष 2023 फरवरी माह में फुट ओवरब्रिज बनाने का कार्य शुरू होने के बाद जुलाई माह में लिफ्ट के लिए खाके तैयार कर लिए गए थे, जिसके बाद खाकों पर प्लास्टर करके रंग-पेंट का कार्य पूरा किया गया। एफओबी के बनने से ट्रामा से नागरिक अस्पताल में पक्दल जाने के लिए नागरिकों का सफर तो सुगम हो चुका है, लेकिन लिफ्ट नहीं लगने से मरीजों व दिव्यांगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लिफ्ट लगाने के कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग की टैक्निकल विंग के पास है। लिफ्ट के अभाव में अभी भी ट्रामा सेंटर से मरीजों को स्ट्रेचर पर सरकुलर रोड के रास्ते ही नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है।
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नए भवन में बार-बार खराब हो रही लिफ्ट:
नागरिक अस्पताल के मल्टी स्पेशियलिटी नए भवन को 2017 में शुरू किया गया था। भवन में मरीजों व स्टॉफ के लिए दो लिफ्ट लगाई गई थी। अस्पताल में ओपीडी अधिक होने के कारण लिफ्ट के बार-बार बंद रहने से एक लिफ्ट पर ही मरीजों व स्टाफ का लोड़ रहता है। ऐसे में लिफ्ट हर समय व्यस्त रहने के कारण काफी बुजुर्गों व मरीजों को सीढि़यों से ऊपर जाना पड़ता है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 1500 से 1600 के करीब ओपीडी ली जा रही है।
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मरीजों व दिव्यांगों को मिलनी थी सुविधा:
एफओबी पर ट्रामा सेंटर व नागरिक अस्पताल के दोनों ओर दो-दो लिपट तैयार की जानी थी। जिनमें एक लिफ्ट में स्ट्रेचर से मरीजों को शिफ्ट करना तथा दूसरी लिफ्ट दिव्यांगों व अन्य मरीजों के लिए थी। बाकी लोग स्टेयर्स का इस्तेमाल करके ट्रामा सेंटर व नागरिक अस्पताल में आवागमन कर सकते है। 2019 में फुट ओवरब्रिज को मंजूरी के बाद कार्य शुरू होने पर 5 साल बाद भी अधूरे कार्य के कारण लोगों की राहत नहीं मिली है। नागरिक अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के बीच शहर का प्रमुख सरकुलर रोड पड़ता है। ट्रॉमा सेंटर में उपचार के बाद मर्ती करने के लिए मरीजों को नागरिक अस्पताल में लिफ्ट करना पड़ता है। मौत होने की स्थिति में शवों को भी ट्रामा सेंटर से अस्पताल ले जाया जाता है। लिफ्ट नहीं लगने से मरीजों व शवों को ट्रैफिक के बीच स्ट्रेचर से नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है।
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वर्जन:
पीडब्ल्यूडी विभाग को लिफ्ट के लिए पत्र लिखा गया है। उनकी इलेक्ट्रीक विंग की ओर से काम होना है। इसे लेकर दोबारा से पत्र लिखा जाएगा। मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- सुरेंद्र यादव, सिविल सर्जन, रेवाड़ी
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