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बच्चों की सुरक्षा, सम्मान हर व्यक्ति का दायित्व : डॉ. रेनू
Tue, 07 Jul 2026 07:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 07 Jul 2026 07:33 PM IST
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स्कूल परिसर में पौधरोपण करतीं डॉ. रेनू सोलखे व अन्य। स्रोत : स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बीकानेर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. रेनू सोलखे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न अथवा अपराध की जानकारी मिलने पर बिना किसी भय के अपने अभिभावकों, शिक्षकों, पुलिस अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. रेनू सोलखे ने विद्यार्थियों को संतुलित और पौष्टिक आहार, पोषण संबंधी अधिकारों, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व बताए। उन्होंने बच्चों को पौष्टिक भोजन अपनाने, जंक फूड से दूरी बनाने तथा नियमित स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्वस्थ एवं सुपोषित बच्चे ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पैनल अधिवक्ता मीनाक्षी कुमारी ने पॉक्सो के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। बताया कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करता है। ऐसे मामलों में त्वरित एवं बाल हितैषी न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान करने, किसी भी प्रकार की अनुचित हरकत का विरोध करने और ऐसी स्थिति में अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।
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रेवाड़ी। बीकानेर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. रेनू सोलखे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न अथवा अपराध की जानकारी मिलने पर बिना किसी भय के अपने अभिभावकों, शिक्षकों, पुलिस अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. रेनू सोलखे ने विद्यार्थियों को संतुलित और पौष्टिक आहार, पोषण संबंधी अधिकारों, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व बताए। उन्होंने बच्चों को पौष्टिक भोजन अपनाने, जंक फूड से दूरी बनाने तथा नियमित स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्वस्थ एवं सुपोषित बच्चे ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं।
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कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पैनल अधिवक्ता मीनाक्षी कुमारी ने पॉक्सो के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। बताया कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करता है। ऐसे मामलों में त्वरित एवं बाल हितैषी न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान करने, किसी भी प्रकार की अनुचित हरकत का विरोध करने और ऐसी स्थिति में अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।
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