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Rewari News: माॅडल संस्कृत विद्यालय में अब निशुल्क पढ़ाई करेंगे दिव्यांग
Fri, 15 Mar 2024 02:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 15 Mar 2024 02:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों में अध्ययन कर रहे दिव्यांग विद्यार्थियों को अब फीस में छूट देने के लिए शिक्षा निदेशालय ने पहल की है। मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थियों को अपना दिव्यांग प्रमाण पत्र जमा करवाना होगा।
शिक्षा निदेशालय का कहना है कि छह से 18 वर्ष तक की आयु के दिव्यांग विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार है। इसे देखते हुए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही शिक्षा निदेशालय ने सभी राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों के मुखियाओं को दिव्यांग विद्यार्थियों से फीस नहीं लेने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। साथ ही यह भी बताया है कि 6 से 18 साल तक के दिव्यांग विद्यार्थियों की मुफ्त शिक्षा देने के आदेश दिए गए हैं। नियमों के मुताबिक दिव्यांग विद्यार्थियों से अब किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाएगी।
पैसों की वजह से दिव्यांग छोड़ देते हैं पढ़ाई : शिक्षा विभाग अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक विस्तार करने के लिए दिव्यांगों को फ्री शिक्षा देने जा रही है। ताकि स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांगों को पैसों को लेकर किसी प्रकार की परेशानी ना आए।
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वह अपनी पढ़ाई निरंतर कर सकें। कई बार देखने को मिला है कि पैसों के अभाव की वजह से दिव्यांग पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न ना हो इसे लेकर दिव्यांगों से फीस नहीं लेने के निर्देश सरकार की तरफ से दिए गए हैं। इसका पालन उचित रूप से किया जाएगा।
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रेवाड़ी। जिले के राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों में अध्ययन कर रहे दिव्यांग विद्यार्थियों को अब फीस में छूट देने के लिए शिक्षा निदेशालय ने पहल की है। मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थियों को अपना दिव्यांग प्रमाण पत्र जमा करवाना होगा।
शिक्षा निदेशालय का कहना है कि छह से 18 वर्ष तक की आयु के दिव्यांग विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार है। इसे देखते हुए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही शिक्षा निदेशालय ने सभी राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों के मुखियाओं को दिव्यांग विद्यार्थियों से फीस नहीं लेने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। साथ ही यह भी बताया है कि 6 से 18 साल तक के दिव्यांग विद्यार्थियों की मुफ्त शिक्षा देने के आदेश दिए गए हैं। नियमों के मुताबिक दिव्यांग विद्यार्थियों से अब किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाएगी।
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पैसों की वजह से दिव्यांग छोड़ देते हैं पढ़ाई : शिक्षा विभाग अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक विस्तार करने के लिए दिव्यांगों को फ्री शिक्षा देने जा रही है। ताकि स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांगों को पैसों को लेकर किसी प्रकार की परेशानी ना आए।
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वह अपनी पढ़ाई निरंतर कर सकें। कई बार देखने को मिला है कि पैसों के अभाव की वजह से दिव्यांग पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न ना हो इसे लेकर दिव्यांगों से फीस नहीं लेने के निर्देश सरकार की तरफ से दिए गए हैं। इसका पालन उचित रूप से किया जाएगा।