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Rewari News: खाटू श्याम के दर्शन के लिए हुड़िया धाम उमड़े श्रद्धालु
Wed, 05 Mar 2025 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 05 Mar 2025 12:23 AM IST
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फोटो: 19रेवाड़ी। गांव हुड़िया जैतपुर स्थित बाबा श्याम का प्राचीन मंदिर। स्रोत: ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नीमराना क्षेत्र के हुड़िया जैतपुर धाम में स्थित खाटू श्याम बाबा का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। खाटू श्याम नहीं जा पाने वाले श्रद्धालु हुड़िया धाम में दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
राजस्थान के सीकर जिले के खाटू धाम की तर्ज पर अलवर जिले की नीमराना तहसील के हुडि़या जैतपुर धाम में फाल्गुन मास पर एकादशी और द्वादशी पर विशाल मेला लगता है। जो भक्त करीब 200 किलोमीटर दूर राजस्थान में खाटू श्याम धाम पर नहीं जा सकते हैं, उनके लिए जैतपुर का धाम विख्यात है। हुड़िया-जैतपुर रेवाड़ी से 40 किमी दूर राजस्थान में स्थित है, जहां पदयात्री निशान लेकर जा रहे हैं। प्रति वर्ष यहां पर कई हजार निशान अर्पित किए जाते हैं और खाटू श्याम भक्त पैदल चलकर जाते हैं। रेवाड़ी, खाेरी, कुंड, डहीना के अलावा आसपास क्षेत्र के भक्त जो एक ही दिन में अपना निशान खाटू को अर्पित करना चाहते हैं और अधिक दूर चलने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह खाटू श्याम मंदिर जाना जाता है।
होली से पहले विशेष तौर पर समीपवर्ती राज्य हरियाणा के लोगों के लिए मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु हाथों में ध्वजा और निशान लेकर पैदल डीजे की धुन पर नाच गाकर रंग गुलाल उड़ा कर हुडि़या जैतपुर धाम पहुंचते हैं और बाबा श्रीश्याम के दर्शन करते हैं। हुड़िया जैतपुर धाम के पुजारी विकास शर्मा ने बताया कि हुड़िया धाम में श्री श्याम बाबा का मंदिर करीब साढ़े तीन सौ वर्ष पुराना है। यहां पर गठजोड़े यानी नवविवाहित जोड़ें की जात लगती है और जडूले उतरते हैं यानी छोटे बच्चों के बाल उतरते हैं।
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जैतपुर धाम की अपनी ही मान्यताएं हैं। इस प्राचीन मंदिर में हर वर्ष फाल्गुन मास की एकादशी और द्वादशी और चांदनी ग्यारस पर बाबा का कीर्तन होता है और विशाल मेला लगता है। उसी प्रकार होली से पहले हरियाणा व आसपास के श्याम भक्तों का मेला लगता है, जिसके लिए मंदिर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। फाल्गुन मेले को लेकर श्री श्याम मंदिर को विशेष ढंग से सजाया गया है। इस मेले में श्याम भक्त हजारों की तादात में पदयात्रा करते हुए मंदिर में बाबा के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं।
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रेवाड़ी। नीमराना क्षेत्र के हुड़िया जैतपुर धाम में स्थित खाटू श्याम बाबा का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। खाटू श्याम नहीं जा पाने वाले श्रद्धालु हुड़िया धाम में दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
राजस्थान के सीकर जिले के खाटू धाम की तर्ज पर अलवर जिले की नीमराना तहसील के हुडि़या जैतपुर धाम में फाल्गुन मास पर एकादशी और द्वादशी पर विशाल मेला लगता है। जो भक्त करीब 200 किलोमीटर दूर राजस्थान में खाटू श्याम धाम पर नहीं जा सकते हैं, उनके लिए जैतपुर का धाम विख्यात है। हुड़िया-जैतपुर रेवाड़ी से 40 किमी दूर राजस्थान में स्थित है, जहां पदयात्री निशान लेकर जा रहे हैं। प्रति वर्ष यहां पर कई हजार निशान अर्पित किए जाते हैं और खाटू श्याम भक्त पैदल चलकर जाते हैं। रेवाड़ी, खाेरी, कुंड, डहीना के अलावा आसपास क्षेत्र के भक्त जो एक ही दिन में अपना निशान खाटू को अर्पित करना चाहते हैं और अधिक दूर चलने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह खाटू श्याम मंदिर जाना जाता है।
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होली से पहले विशेष तौर पर समीपवर्ती राज्य हरियाणा के लोगों के लिए मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु हाथों में ध्वजा और निशान लेकर पैदल डीजे की धुन पर नाच गाकर रंग गुलाल उड़ा कर हुडि़या जैतपुर धाम पहुंचते हैं और बाबा श्रीश्याम के दर्शन करते हैं। हुड़िया जैतपुर धाम के पुजारी विकास शर्मा ने बताया कि हुड़िया धाम में श्री श्याम बाबा का मंदिर करीब साढ़े तीन सौ वर्ष पुराना है। यहां पर गठजोड़े यानी नवविवाहित जोड़ें की जात लगती है और जडूले उतरते हैं यानी छोटे बच्चों के बाल उतरते हैं।
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जैतपुर धाम की अपनी ही मान्यताएं हैं। इस प्राचीन मंदिर में हर वर्ष फाल्गुन मास की एकादशी और द्वादशी और चांदनी ग्यारस पर बाबा का कीर्तन होता है और विशाल मेला लगता है। उसी प्रकार होली से पहले हरियाणा व आसपास के श्याम भक्तों का मेला लगता है, जिसके लिए मंदिर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। फाल्गुन मेले को लेकर श्री श्याम मंदिर को विशेष ढंग से सजाया गया है। इस मेले में श्याम भक्त हजारों की तादात में पदयात्रा करते हुए मंदिर में बाबा के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं।