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Rewari News: बजट से पर्यटन स्थलों के विकास की उम्मीद
Sun, 16 Mar 2025 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 16 Mar 2025 12:21 AM IST
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फोटो: 20रेवाड़ी। ऐतिहासिक बड़ा तालाब जिसका चल रहा जिर्णोंद्धार। संवाद
- फोटो : लोगों को समझाते शहर काजी।
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्रदेश सरकार की ओर से जारी होने वाले बजट से जिलेवासियों को तमाम उम्मीदे हैं। शहर के लोगों का उम्मीद है कि बजट में पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए सरकार बजट जारी करेगी। इस मुद्दे को रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव बजट सत्र में उठा चुके हैं।
जिले के ऐतिहासिक धरोहरों और बड़े धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। रेवाड़ी क्षेत्र में ऐतिहासिक बड़ा तालाब, सोलहराही, पुराने शहर को अपने अंदर बसाए हुए दिल्ली, जगन, भाड़ावास व गोकल गेट, वैदिक काल की साक्षी साहबी नदी, भगवान कृष्ण के भाई दाऊ की ससुराल समेत ऐसे स्थल हैं जो धार्मिक व ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। इन्हें बड़े धार्मिक स्थलों के रूप में विकसित कर पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। मसानी बैराज के केमिकलयुक्त दूषित पानी के उचित समाधान और इसके लिए बजट आवंटित करने, धारूहेड़ा खंड को नया उपमंडल कार्यालय बनाने, धारुहेड़ा शहर के बाईपास तथा नगर परिषद रेवाड़ी को नगर निगम का दर्जा देने की मांग है। रेवाड़ी व धारूहेड़ा में नया बस स्टैंड, नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग, कोसली में फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा करना सहित अन्य विकास कार्य हैं, जो इस वर्ष होने हैं।
रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने बजट सत्र के दौरान रेवाड़ी क्षेत्र की मांगों को उठाते हुए कहा कि मसानी बैराज को पर्यटन स्थल बनाने के उद्देश्य से इसमें नहरों का पानी छोड़ा जा रहा था लेकिन धीरे-धीरे इस बैराज की करीब एक हजार एकड़ जमीन का दुरुपयोग होने लगा। इसमें रेवाड़ी, बावल व धारुहेड़ा के सीवर सहित यहां की फैक्टरियों का केमिकलयुक्त दूषित पानी भी डालना प्रारंभ कर दिया गया। इसके चलते यहां करीब 15 फीट तक दूषित पानी भर गया है। इस दुर्गंधमय पानी के चलते आसपास के 15 से 20 गांवों के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। हालात
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विधायक ने कहा कि एनजीटी की गाइडलाइन जारी होने के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि यह कंपनियों का दूषित पानी है। जिसके बाद विभाग यहां पानी छोड़ने वाली कंपनियों को ही बंद कराने के लिए चले गए। रेवाड़ी विधायक ने सदन में मांग की कि ग्रामीणों को इस समस्या से स्थायी निजात दिलाई जाए। उस दूषित पानी को ट्रीट कराकर उसे इस्तेमाल करने योग्य बनाया जाए। उन्होंने इस समस्या के निजात के लिए बजट का प्रावधान किए जाने की भी मांग रखी।
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रेवाड़ी। प्रदेश सरकार की ओर से जारी होने वाले बजट से जिलेवासियों को तमाम उम्मीदे हैं। शहर के लोगों का उम्मीद है कि बजट में पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए सरकार बजट जारी करेगी। इस मुद्दे को रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव बजट सत्र में उठा चुके हैं।
जिले के ऐतिहासिक धरोहरों और बड़े धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। रेवाड़ी क्षेत्र में ऐतिहासिक बड़ा तालाब, सोलहराही, पुराने शहर को अपने अंदर बसाए हुए दिल्ली, जगन, भाड़ावास व गोकल गेट, वैदिक काल की साक्षी साहबी नदी, भगवान कृष्ण के भाई दाऊ की ससुराल समेत ऐसे स्थल हैं जो धार्मिक व ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। इन्हें बड़े धार्मिक स्थलों के रूप में विकसित कर पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। मसानी बैराज के केमिकलयुक्त दूषित पानी के उचित समाधान और इसके लिए बजट आवंटित करने, धारूहेड़ा खंड को नया उपमंडल कार्यालय बनाने, धारुहेड़ा शहर के बाईपास तथा नगर परिषद रेवाड़ी को नगर निगम का दर्जा देने की मांग है। रेवाड़ी व धारूहेड़ा में नया बस स्टैंड, नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग, कोसली में फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा करना सहित अन्य विकास कार्य हैं, जो इस वर्ष होने हैं।
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रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने बजट सत्र के दौरान रेवाड़ी क्षेत्र की मांगों को उठाते हुए कहा कि मसानी बैराज को पर्यटन स्थल बनाने के उद्देश्य से इसमें नहरों का पानी छोड़ा जा रहा था लेकिन धीरे-धीरे इस बैराज की करीब एक हजार एकड़ जमीन का दुरुपयोग होने लगा। इसमें रेवाड़ी, बावल व धारुहेड़ा के सीवर सहित यहां की फैक्टरियों का केमिकलयुक्त दूषित पानी भी डालना प्रारंभ कर दिया गया। इसके चलते यहां करीब 15 फीट तक दूषित पानी भर गया है। इस दुर्गंधमय पानी के चलते आसपास के 15 से 20 गांवों के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। हालात
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विधायक ने कहा कि एनजीटी की गाइडलाइन जारी होने के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि यह कंपनियों का दूषित पानी है। जिसके बाद विभाग यहां पानी छोड़ने वाली कंपनियों को ही बंद कराने के लिए चले गए। रेवाड़ी विधायक ने सदन में मांग की कि ग्रामीणों को इस समस्या से स्थायी निजात दिलाई जाए। उस दूषित पानी को ट्रीट कराकर उसे इस्तेमाल करने योग्य बनाया जाए। उन्होंने इस समस्या के निजात के लिए बजट का प्रावधान किए जाने की भी मांग रखी।