{"_id":"6975091fd8fdc6f2aa037531","slug":"demand-to-remove-the-mandatory-participation-of-40-percent-villagers-in-the-gram-sabha-rewari-news-c-198-1-rew1001-232599-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: ग्राम सभा में 40 फीसदी ग्रामीणों की अनिवार्य भागीदारी को हटाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: ग्राम सभा में 40 फीसदी ग्रामीणों की अनिवार्य भागीदारी को हटाने की मांग
Sat, 24 Jan 2026 11:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:32 PM IST
विज्ञापन
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को मांगपत्र सौंपते धारूहेड़ा सरपंच एसोसिएशन। स्रोत : एसोसिएशन
धारूहेड़ा। सरकार की ओर से ग्राम सभाओं में 40 फीसदी ग्रामीणों की अनिवार्य भागीदारी के विरोध में धारूहेड़ा सरपंच एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को संबोधित ज्ञापन विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को सौंपा। इसमें ग्राम सभा में 40 फीसदी ग्रामीणों की अनिवार्य भागीदारी के नियम को हटाने की मांग की।
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को सौंपे मांगपत्र में सरपंचों ने बताया कि ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा करने के लिए 40 फीसदी ग्रामीणों की अनिवार्य भागीदारी सभी पंचायतों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
सरपंचों ने चौकीदार से मुनादी करके तीन ग्रामसभा का आयोजन अब तक कर चुके हैं लेकिन सभी ग्रामसभा में कोरम के अनुसार लोग नहीं आने से सभी पंचायत ग्रामसभा कराने में असफल रही है। इसके चलते ग्राम पंचायत विकास कार्य के एजेंडे व विभिन्न योजना जैसे एजेंडे पारित नहीं होने के कारण विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
विज्ञापन
एसोसिएशन के प्रधान प्रियंका कार्तिक यादव ने बताया कि गांवों में काफी संख्या में ज्यादातर लोग नौकरी-पेशा होते हैं या फिर अपने व्यवसाय में व्यस्त होने के कारण ग्राम सभा में नहीं पहुंच पाते है। परिवार का मुखिया ही ग्रामसभा में पहुंचता है।
इससे सरपंच के लिए 40 फीसदी ग्रामीणों की भागीदारी ग्रामसभा में असंभव हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि ग्रामसभा में 40 फीसदी ग्रामीणों की अनिवार्य भागीदारी के कोरम को समाप्त करके पूर्व की तरह ग्रामसभा के कोरम को सुचारु रूप से लागू कराया जाए।
सरपंचों की मांग पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने आश्वासन दिया कि वह उनकी मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष पूरी गंभीरता के साथ रखेंगे तथा उनकी इस जायज मांग को पूरा कराया जाएगा।
इस अवसर पर गांव मालाहेड़ा, आकेड़ा, मैहनियावास, रसियावास, महेश्वरी, इस्तमुरार, बखापुर, जोनियावास, पांचौर माजरी दूधा, सांपली, जोनियावास, जीतपुरा ईस्तमुरार, ईस्तमुरार, खरखड़ा समेत अनेकों गांवों के सरपंच मौजूद रहे।
विज्ञापन
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को सौंपे मांगपत्र में सरपंचों ने बताया कि ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा करने के लिए 40 फीसदी ग्रामीणों की अनिवार्य भागीदारी सभी पंचायतों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
विज्ञापन
सरपंचों ने चौकीदार से मुनादी करके तीन ग्रामसभा का आयोजन अब तक कर चुके हैं लेकिन सभी ग्रामसभा में कोरम के अनुसार लोग नहीं आने से सभी पंचायत ग्रामसभा कराने में असफल रही है। इसके चलते ग्राम पंचायत विकास कार्य के एजेंडे व विभिन्न योजना जैसे एजेंडे पारित नहीं होने के कारण विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
विज्ञापन
एसोसिएशन के प्रधान प्रियंका कार्तिक यादव ने बताया कि गांवों में काफी संख्या में ज्यादातर लोग नौकरी-पेशा होते हैं या फिर अपने व्यवसाय में व्यस्त होने के कारण ग्राम सभा में नहीं पहुंच पाते है। परिवार का मुखिया ही ग्रामसभा में पहुंचता है।
इससे सरपंच के लिए 40 फीसदी ग्रामीणों की भागीदारी ग्रामसभा में असंभव हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि ग्रामसभा में 40 फीसदी ग्रामीणों की अनिवार्य भागीदारी के कोरम को समाप्त करके पूर्व की तरह ग्रामसभा के कोरम को सुचारु रूप से लागू कराया जाए।
सरपंचों की मांग पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने आश्वासन दिया कि वह उनकी मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष पूरी गंभीरता के साथ रखेंगे तथा उनकी इस जायज मांग को पूरा कराया जाएगा।
इस अवसर पर गांव मालाहेड़ा, आकेड़ा, मैहनियावास, रसियावास, महेश्वरी, इस्तमुरार, बखापुर, जोनियावास, पांचौर माजरी दूधा, सांपली, जोनियावास, जीतपुरा ईस्तमुरार, ईस्तमुरार, खरखड़ा समेत अनेकों गांवों के सरपंच मौजूद रहे।