{"_id":"69da8c37bd9015861704bfa2","slug":"demand-submitted-to-address-the-shortage-of-roadways-buses-rewari-news-c-198-1-rew1001-236614-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: रोडवेज बसों की कमी को पूरा करने के लिए भेजी डिमांड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: रोडवेज बसों की कमी को पूरा करने के लिए भेजी डिमांड
विज्ञापन
रेवाड़ी बस स्टैंड में खड़ी बसें। संवाद
रेवाड़ी। जिले में रोडवेज बसों की कमी को पूरा करने के लिए परिवहन विभाग की ओर से 20 नई रोडवेज बसों की डिमांड भेजी गई है। जानकारी के अनुसार जिले में कुल 177 बसों की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान में केवल 156 बसें ही रोडवेज डिपो के पास उपलब्ध हैं।
ऐसे में कई रूटों पर बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है और भीड़भाड़ की स्थिति भी बनी रहती है। रेवाड़ी डिपो को 5 नई इलेक्ट्रिक बसें भी मिलनी प्रस्तावित हैं लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार जैसे ही बसों की आपूर्ति होती है, उन्हें प्रमुख रूटों पर लगाया जाएगा ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। बसों की कमी का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों पर देखा जा रहा है। कई गांवों से शहर और अन्य कस्बों तक जाने वाले यात्रियों को सीमित बस सेवा के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
खासकर सुबह और शाम के समय बसों में अत्यधिक भीड़ देखने को मिल रही है। रोडवेज विभाग का कहना है कि बसों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नई बसों की मांग उच्च स्तर पर भेज दी गई है और उम्मीद है कि जल्द ही अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। जैसे ही नई बसें मिलेंगी, उन्हें उन रूटों पर लगाया जाएगा जहां सबसे ज्यादा दबाव है।
-- -- -- -- -- --
बसों और स्टाफ की कमी से रूट प्रभावित
जिले में रोडवेज बसों और स्टाफ की भारी कमी के कारण प्रमुख रूटों पर परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। दिल्ली, गुरुग्राम और जयपुर जैसे व्यस्त रूटों पर चक्कर मिस हो रहे हैं जिसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। इसी बीच कोसली को अलग डिपो घोषित किए जाने के बावजूद वहां पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं जिससे स्थानीय स्तर पर भी परिवहन व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। स्टाफ की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। जिले में इस समय 174 चालक कार्यरत हैं, जबकि 210 चालकों की आवश्यकता है। इसी तरह 251 परिचालक तैनात हैं जबकि 280 की जरूरत है। ड्राइवरों के 36 और कंडक्टरों के 29 पद खाली पड़े हैं।
-- -- -- -- -- -- --
वर्जन
नई बसों की मांग मुख्यालय भेजी जा चुकी है, जैसे ही नई बसें आएंगी, रूटों पर उतारा जाएगा।
निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज रेवाड़ी
विज्ञापन
ऐसे में कई रूटों पर बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है और भीड़भाड़ की स्थिति भी बनी रहती है। रेवाड़ी डिपो को 5 नई इलेक्ट्रिक बसें भी मिलनी प्रस्तावित हैं लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार जैसे ही बसों की आपूर्ति होती है, उन्हें प्रमुख रूटों पर लगाया जाएगा ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। बसों की कमी का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों पर देखा जा रहा है। कई गांवों से शहर और अन्य कस्बों तक जाने वाले यात्रियों को सीमित बस सेवा के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
खासकर सुबह और शाम के समय बसों में अत्यधिक भीड़ देखने को मिल रही है। रोडवेज विभाग का कहना है कि बसों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नई बसों की मांग उच्च स्तर पर भेज दी गई है और उम्मीद है कि जल्द ही अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। जैसे ही नई बसें मिलेंगी, उन्हें उन रूटों पर लगाया जाएगा जहां सबसे ज्यादा दबाव है।
बसों और स्टाफ की कमी से रूट प्रभावित
जिले में रोडवेज बसों और स्टाफ की भारी कमी के कारण प्रमुख रूटों पर परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। दिल्ली, गुरुग्राम और जयपुर जैसे व्यस्त रूटों पर चक्कर मिस हो रहे हैं जिसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। इसी बीच कोसली को अलग डिपो घोषित किए जाने के बावजूद वहां पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं जिससे स्थानीय स्तर पर भी परिवहन व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। स्टाफ की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। जिले में इस समय 174 चालक कार्यरत हैं, जबकि 210 चालकों की आवश्यकता है। इसी तरह 251 परिचालक तैनात हैं जबकि 280 की जरूरत है। ड्राइवरों के 36 और कंडक्टरों के 29 पद खाली पड़े हैं।
वर्जन
नई बसों की मांग मुख्यालय भेजी जा चुकी है, जैसे ही नई बसें आएंगी, रूटों पर उतारा जाएगा।
निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज रेवाड़ी