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Rewari News: सीएससी खुद बीमार, कैसे करे इलाज
Tue, 23 Apr 2024 05:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 23 Apr 2024 05:14 AM IST
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रेवाड़ी। नाहड़ सीएचसी के बाहर उगी झाड़ी। संवाद
जगदीश यादव
कोसली। उपमंडल के नाहड़ सीएचसी की हालत स्वच्छता के मामले में काफी खस्ता हो चुकी है। यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर चिकित्सकों का टोटा भी है। वहीं, सफाई का हाल अस्पताल के मुख्य द्वार पर पौधे व मेन गेट से लेकर दीवार के साथ बड़ा कचरा व गोबर बयां कर रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र प्रशासन की अनदेखी के कारण अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लोगों को स्वास्थ्य सेवा देने वाले भवन के बाहर पौधों और घास की चादर बिछी हुई है। वहीं, ग्रामीण भी इसमें अपना योगदान देने में पीछे नहीं है। अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर लोग गोबर डालकर गंदगी फैला रहे हैं। अस्पताल के बाहर गंदगी के ढेर संक्रामक रोगों को बुलवा दे रहे हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। अस्पताल के बाहर फैली गंदगी और झाड़ियाें की सफाई न होने से यहां आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बार-बार लोगों द्वारा शिकायत करने के बाद भी न तो प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही अस्पताल प्रशासन ध्यान दे रहा है।
क्षेत्र में है विशेषज्ञों का टोटा
क्षेत्र में स्पेशलिस्ट डॉक्टर का भारी टोटा है। लोगों को इलाज के लिए मजबूरन निजी डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता है। बाल रोग विशेषज्ञ भी यहां नहीं है। बदलते मौसम में बच्चों में होने वाली बीमारियों के लिए यहां आने पर केवल रेफर किया जाता है।
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अधिकारी नहीं है गंभीर
अस्पताल के कर्मचारियों के निरीक्षण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां दौड़ती रहती हैं। अस्पताल के बाहर फैली गंदगी का जायजा लेने के लिए अधिकारी अपने एयर कंडीशन रूम के बाहर आने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। बाहर काफी कचरा पड़ा रहता है।
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गेट के पास जो झाड़ और पौधे खड़े हैं उनको जल्द ही साफ करवा दिया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
-डॉक्टर मनीष, एसएमओ, नाहड़ सीएचसी
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कोसली। उपमंडल के नाहड़ सीएचसी की हालत स्वच्छता के मामले में काफी खस्ता हो चुकी है। यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर चिकित्सकों का टोटा भी है। वहीं, सफाई का हाल अस्पताल के मुख्य द्वार पर पौधे व मेन गेट से लेकर दीवार के साथ बड़ा कचरा व गोबर बयां कर रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र प्रशासन की अनदेखी के कारण अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लोगों को स्वास्थ्य सेवा देने वाले भवन के बाहर पौधों और घास की चादर बिछी हुई है। वहीं, ग्रामीण भी इसमें अपना योगदान देने में पीछे नहीं है। अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर लोग गोबर डालकर गंदगी फैला रहे हैं। अस्पताल के बाहर गंदगी के ढेर संक्रामक रोगों को बुलवा दे रहे हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। अस्पताल के बाहर फैली गंदगी और झाड़ियाें की सफाई न होने से यहां आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बार-बार लोगों द्वारा शिकायत करने के बाद भी न तो प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही अस्पताल प्रशासन ध्यान दे रहा है।
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क्षेत्र में है विशेषज्ञों का टोटा
क्षेत्र में स्पेशलिस्ट डॉक्टर का भारी टोटा है। लोगों को इलाज के लिए मजबूरन निजी डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता है। बाल रोग विशेषज्ञ भी यहां नहीं है। बदलते मौसम में बच्चों में होने वाली बीमारियों के लिए यहां आने पर केवल रेफर किया जाता है।
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अधिकारी नहीं है गंभीर
अस्पताल के कर्मचारियों के निरीक्षण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां दौड़ती रहती हैं। अस्पताल के बाहर फैली गंदगी का जायजा लेने के लिए अधिकारी अपने एयर कंडीशन रूम के बाहर आने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। बाहर काफी कचरा पड़ा रहता है।
गेट के पास जो झाड़ और पौधे खड़े हैं उनको जल्द ही साफ करवा दिया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
-डॉक्टर मनीष, एसएमओ, नाहड़ सीएचसी