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Rewari News: कंडम बसों की भरमार, कर्मचारी परेशान
Sun, 28 Apr 2024 03:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 28 Apr 2024 03:00 AM IST
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रेवाड़ी। रोडवेज कार्यशाला से रूट के लिए निकल रही बस। संवाद
रेवाड़ी। रोडवेज डिपो की कार्यशाला में अनुपयोगी बसों की भरमार है। कार्यशाला में सर्विस के लिए आने वाली बसों को खड़ा करने के लिए न तो जगह मिल पा रही है और न ही समय पर बसों की सर्विसिंग हो पा रही है। सर्विसिंग के लिए करीब 30 बसें प्रतिदिन आती हैं। फिर भी अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं।
रोडवेज कार्यशाला में कंडम और मार्ग से बाहर की गईं करीब 80 बसें खड़ी हैं। 25 से 30 बसें नीलामी के इंतजार में कार्यशाला में खड़ी हैं। जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दस साल पूरा करके रूट से आउट हो चुकीं रोडवेज की करीब 50 बसें भी कार्यशाला में खड़ी हैं। रेवाड़ी जिला एनसीआर में आता है। इसके कारण यहां पर दस साल तक ही डीजल वाहनों को संचालित करने की अनुमति है। बता दें कि पहले दस साल पूरा कर चुकी बसों को एनसीआर से बाहर वाले जिलों में संचालन के लिए भेज दिया जाता था, लेकिन उन जिलों में नहीं जाने के कारण बसें कार्यशाला में ही खड़ी हैं।
सभी बसें एक साथ नहीं हो पाती खड़ीं
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ के राज्य सचिव यशपाल यादव ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या तब होती है जब बसें कार्यशाला से निकालनी होती है। कार्यशाला में सभी बसें नहीं आ पाती हैं। इस वजह से काफी परेशानी होती है। कंडम बसें अगर यहां से हट जाती हैं तो काफी जगह बन जाएगी। बसों की सर्विसिंग भी अच्छे प्रकार से हो पाएगी।
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वर्जन
कार्यशाला में जितनी भी कंडम बसें हैं, उन्हें हटाया जाएगा।-नरेंद्र कुमार, कार्यशाला प्रबंधक रोडवेज
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रोडवेज कार्यशाला में कंडम और मार्ग से बाहर की गईं करीब 80 बसें खड़ी हैं। 25 से 30 बसें नीलामी के इंतजार में कार्यशाला में खड़ी हैं। जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दस साल पूरा करके रूट से आउट हो चुकीं रोडवेज की करीब 50 बसें भी कार्यशाला में खड़ी हैं। रेवाड़ी जिला एनसीआर में आता है। इसके कारण यहां पर दस साल तक ही डीजल वाहनों को संचालित करने की अनुमति है। बता दें कि पहले दस साल पूरा कर चुकी बसों को एनसीआर से बाहर वाले जिलों में संचालन के लिए भेज दिया जाता था, लेकिन उन जिलों में नहीं जाने के कारण बसें कार्यशाला में ही खड़ी हैं।
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सभी बसें एक साथ नहीं हो पाती खड़ीं
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ के राज्य सचिव यशपाल यादव ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या तब होती है जब बसें कार्यशाला से निकालनी होती है। कार्यशाला में सभी बसें नहीं आ पाती हैं। इस वजह से काफी परेशानी होती है। कंडम बसें अगर यहां से हट जाती हैं तो काफी जगह बन जाएगी। बसों की सर्विसिंग भी अच्छे प्रकार से हो पाएगी।
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कार्यशाला में जितनी भी कंडम बसें हैं, उन्हें हटाया जाएगा।-नरेंद्र कुमार, कार्यशाला प्रबंधक रोडवेज