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लिंगानुपात सुधार के लिए उठाए जाएं ठोस कदम : डीसी
Tue, 09 Sep 2025 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 09 Sep 2025 11:59 PM IST
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रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत गठित जिलास्तरीय टास्क फोर्स कमेटी के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लिंगानुपात में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
डीसी ने महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पोषण व पीसी पीएनडीटी एक्ट के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
डीसी ने कहा कि जिले में लिंगानुपात सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और संबंधित विभाग अपने स्तर पर ट्रेकिंग पर विशेष फोकस रखें और रजिस्ट्रेशन अनुरूप तुलनात्मक अध्ययन अवश्य करें।
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग कम लिंगानुपात वाले गांवों को चयनित कर वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाएं। बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि जिला के सभी विद्यालयों में लड़कियों के लिए साफ-स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था के साथ-साथ सेनेटरी पेड के प्रबंध भी सुनिश्चित किए जाएं ताकि उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पंचायती राज विभाग, डीआरडीए विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने पर जोर देने के निर्देश दिए।
पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट को सख्ती से लागू कने के निर्देश
डीसी अभिषेक मीणा ने कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट) को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एमटीपी किट किसी भी मेडिकल स्टोर पर न बिके, इसके लिए मेडिकल स्टोर पर नियमित जांच की जाए। कोई नियमों की अवहेलना करता है तो कार्रवाई की जाए। कहा कि कन्या भ्रूण हत्या करने व करवाने वालों को पकड़वाने पर एक लाख रुपये का इनाम दिया जाता है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है। पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत पंजीकृत सेंटर संचालक व डॉक्टर द्वारा पहली बार गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण संबंधी जुर्म करने पर 3 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा इसके उपरांत जुर्म करने पर 5 साल कैद और 50 हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है। परिवार के सदस्य या लिंग चयन के लिए उकसाने वाले व्यक्ति के लिए एक्ट में पहले अपराध पर 50 हजार रुपये तक के जुर्माने के साथ 3 साल तक की कैद तथा इसके उपरांत अपराध करने पर एक लाख रुपये तक जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद का प्रावधान एक्ट में किया गया है।
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डीसी ने महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पोषण व पीसी पीएनडीटी एक्ट के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
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डीसी ने कहा कि जिले में लिंगानुपात सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और संबंधित विभाग अपने स्तर पर ट्रेकिंग पर विशेष फोकस रखें और रजिस्ट्रेशन अनुरूप तुलनात्मक अध्ययन अवश्य करें।
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग कम लिंगानुपात वाले गांवों को चयनित कर वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाएं। बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि जिला के सभी विद्यालयों में लड़कियों के लिए साफ-स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था के साथ-साथ सेनेटरी पेड के प्रबंध भी सुनिश्चित किए जाएं ताकि उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पंचायती राज विभाग, डीआरडीए विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने पर जोर देने के निर्देश दिए।
पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट को सख्ती से लागू कने के निर्देश
डीसी अभिषेक मीणा ने कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट) को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एमटीपी किट किसी भी मेडिकल स्टोर पर न बिके, इसके लिए मेडिकल स्टोर पर नियमित जांच की जाए। कोई नियमों की अवहेलना करता है तो कार्रवाई की जाए। कहा कि कन्या भ्रूण हत्या करने व करवाने वालों को पकड़वाने पर एक लाख रुपये का इनाम दिया जाता है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है। पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत पंजीकृत सेंटर संचालक व डॉक्टर द्वारा पहली बार गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण संबंधी जुर्म करने पर 3 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा इसके उपरांत जुर्म करने पर 5 साल कैद और 50 हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है। परिवार के सदस्य या लिंग चयन के लिए उकसाने वाले व्यक्ति के लिए एक्ट में पहले अपराध पर 50 हजार रुपये तक के जुर्माने के साथ 3 साल तक की कैद तथा इसके उपरांत अपराध करने पर एक लाख रुपये तक जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद का प्रावधान एक्ट में किया गया है।