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औपचारिकता तक रह जाती है सफाई व्यवस्था
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बावल कस्बे में नगरपालिका के समीप बदहाल सार्वजनिक शौचालय।
- फोटो : Rewari
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बावल। बावल कस्बे के नगरपालिका ऑफिस के पीछे व कोर्ट परिसर के सामने बने सार्वजनिक शौचालय की हालात सफाई नहीं होने के कारण खस्ता होती जा रही है। सार्वजनिक शौचालय के बदहाली के चलते इसके पास से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है।
बावल कस्बे के मुख्य बाजार में बने सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था सिर्फ खानापूरी तक सीमित रह गई है। कोर्ट परिसर प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। सार्वजनिक शौचालय में पास बना होने के कारण अधिकांश लोग इसका उपयोग भी करते थे। लेकिन प्रतिदिन सफाई होने के कारण शौचालय के अंदर जाना तो दूर, वहां से गुजरना तक मुश्किल हो रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि एक तरफ तो देश प्रधानमंत्री खुले शौच की बात कर रहे हैं। लेकिन सार्वजनिक शौचालय की सफाई होने के कारण दुकानदार को शौचालय के लिए कहा जाएं। उनका कहना है कि कस्बे के लगभग 300 दुकानदार करोड़ों रुपये प्रशासन को किराया देते हैं। जबकि उनकी सुविधा के लिए मात्र दो शौचालय बनाए गए हैं, जिनमें पानी और सफाई व्यवस्था के कारण बदबू आती रहती है। महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, न ही अलग शौचालय बनाए गए हैं। बाजार में खरीददारी के लिए आने वाली महिलाओं को शौचालय के अभाव में काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
नगरपालिका सचिव समय सिंह ने बताया कि सार्वजनिक शौचालयों की प्रतिदिन सफाई की जाती है। बावल एसडीएम स्वयं सार्वजनिक शौचालयों की देखभाल कर रहे हैं। अगर सार्वजनिक शौचालय में सफाई नहीं हो रही है तो उचित कार्रवाई की जाएंगी।
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बावल कस्बे के मुख्य बाजार में बने सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था सिर्फ खानापूरी तक सीमित रह गई है। कोर्ट परिसर प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। सार्वजनिक शौचालय में पास बना होने के कारण अधिकांश लोग इसका उपयोग भी करते थे। लेकिन प्रतिदिन सफाई होने के कारण शौचालय के अंदर जाना तो दूर, वहां से गुजरना तक मुश्किल हो रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि एक तरफ तो देश प्रधानमंत्री खुले शौच की बात कर रहे हैं। लेकिन सार्वजनिक शौचालय की सफाई होने के कारण दुकानदार को शौचालय के लिए कहा जाएं। उनका कहना है कि कस्बे के लगभग 300 दुकानदार करोड़ों रुपये प्रशासन को किराया देते हैं। जबकि उनकी सुविधा के लिए मात्र दो शौचालय बनाए गए हैं, जिनमें पानी और सफाई व्यवस्था के कारण बदबू आती रहती है। महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, न ही अलग शौचालय बनाए गए हैं। बाजार में खरीददारी के लिए आने वाली महिलाओं को शौचालय के अभाव में काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
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नगरपालिका सचिव समय सिंह ने बताया कि सार्वजनिक शौचालयों की प्रतिदिन सफाई की जाती है। बावल एसडीएम स्वयं सार्वजनिक शौचालयों की देखभाल कर रहे हैं। अगर सार्वजनिक शौचालय में सफाई नहीं हो रही है तो उचित कार्रवाई की जाएंगी।
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