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Rewari News: स्वच्छ प्रांगण योजना...जिले के 225 स्कूलों को 18 लाख का बजट जारी
Sun, 03 May 2026 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 03 May 2026 12:36 AM IST
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रेवाड़ी। प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छता और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए स्वच्छ प्रांगण योजना चलाई जा रही है। इसके तहत वर्ष 2026-27 के लिए जिले के 225 स्कूलों को 18 लाख रुपये का बजट जारी किया है। प्रत्येक विद्यालय को 8 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अनुसार इस बजट का उपयोग स्कूलों में सफाई, हाउसकीपिंग, बागवानी और रखरखाव कार्यों पर किया जाएगा। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि शैक्षणिक स्तर बेहतर हो सके। जारी की गई राशि जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाई जाएगी।
विभाग ने निर्देश दिया है कि यह धनराशि केवल निर्धारित और स्वीकृत मदों में ही खर्च की जाएगी। इसके अलावा सभी स्कूलों को 31 मार्च 2027 तक इस राशि का उपयोग करना अनिवार्य होगा। राशि खर्च के बाद प्रत्येक विद्यालय को उपयोग प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी होगा।
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इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि राशि का सही और पारदर्शी तरीके से उपयोग हुआ है। विभाग का मानना है कि इस पहल से स्कूलों का वातावरण स्वच्छ और आकर्षक बनेगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और उनकी उपस्थिति व सीखने की क्षमता में भी सुधार होगा।
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ये है योजना का उद्देश्य
स्कूल परिसरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। इसके तहत नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके। साथ ही बागवानी और सुंदरीकरण को बढ़ावा देकर स्कूलों को आकर्षक बनाया जाएगा। योजना का फोकस स्वच्छ माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
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स्कूलों की संख्या और स्वीकृत राशि
जिला-- विद्यालय-- राशि (रुपये में)
हिसार-- 394-- 31,52,000
भिवानी-- 265-- 21,20,000
चरखी दादरी-- 161-- 12,88,000
फरीदाबाद-- 82-- 6,56,000
फतेहाबाद-- 202-- 16,16,000
गुरुग्राम-- 234-- 18,72,000
अंबाला-- 127-- 10,16,000
झज्जर-- 174-- 13,92,000
जींद-- 266-- 21,28,000
कैथल-- 256-- 20,48,000
करनाल-- 291-- 23,28,000
कुरुक्षेत्र-- 259 -- 20,72,000
महेंद्रगढ़-- 309-- 24,72,000
नूंह (मेवात)-- 411-- 32,88,000
पलवल-- 187-- 14,96,000
पंचकूला-- 45-- 3,60,000
पानीपत-- 211-- 16,88,000
रेवाड़ी-- 225-- 18,00,000
रोहतक-- 140-- 11,20,000
सिरसा-- 72 -- 5,76,000
सोनीपत-- 161 -- 12,88,000
यमुनानगर-- 169 -- 13,52,000
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वर्जन
स्वच्छ प्रांगण योजना के तहत जारी की गई राशि का उपयोग पारदर्शिता और नियमों के अनुसार किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल को 8 हजार रुपये दिए गए हैं जिनका उपयोग साफ-सफाई, हाउसकीपिंग, बागवानी और रखरखाव कार्यों पर किया जाएगा। योजना का उद्देश्य स्कूलों में स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।-बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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शिक्षा विभाग के अनुसार इस बजट का उपयोग स्कूलों में सफाई, हाउसकीपिंग, बागवानी और रखरखाव कार्यों पर किया जाएगा। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि शैक्षणिक स्तर बेहतर हो सके। जारी की गई राशि जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाई जाएगी।
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विभाग ने निर्देश दिया है कि यह धनराशि केवल निर्धारित और स्वीकृत मदों में ही खर्च की जाएगी। इसके अलावा सभी स्कूलों को 31 मार्च 2027 तक इस राशि का उपयोग करना अनिवार्य होगा। राशि खर्च के बाद प्रत्येक विद्यालय को उपयोग प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी होगा।
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इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि राशि का सही और पारदर्शी तरीके से उपयोग हुआ है। विभाग का मानना है कि इस पहल से स्कूलों का वातावरण स्वच्छ और आकर्षक बनेगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और उनकी उपस्थिति व सीखने की क्षमता में भी सुधार होगा।
ये है योजना का उद्देश्य
स्कूल परिसरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। इसके तहत नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके। साथ ही बागवानी और सुंदरीकरण को बढ़ावा देकर स्कूलों को आकर्षक बनाया जाएगा। योजना का फोकस स्वच्छ माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
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स्कूलों की संख्या और स्वीकृत राशि
जिला
हिसार
भिवानी
चरखी दादरी
फरीदाबाद
फतेहाबाद
गुरुग्राम
अंबाला
झज्जर
जींद
कैथल
करनाल
कुरुक्षेत्र
महेंद्रगढ़
नूंह (मेवात)
पलवल
पंचकूला
पानीपत
रेवाड़ी
रोहतक
सिरसा
सोनीपत
यमुनानगर
वर्जन
स्वच्छ प्रांगण योजना के तहत जारी की गई राशि का उपयोग पारदर्शिता और नियमों के अनुसार किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल को 8 हजार रुपये दिए गए हैं जिनका उपयोग साफ-सफाई, हाउसकीपिंग, बागवानी और रखरखाव कार्यों पर किया जाएगा। योजना का उद्देश्य स्कूलों में स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।-बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।