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Rewari News: प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक, पुलिस ने घसीटते हुए सड़क से हटाया
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रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे मृतका के परिजन व ग्रामीण। संवाद
रेवाड़ी। शहर में नागरिक अस्पताल के बाहर सर्कुलर रोड पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच काफी नोकझोंक हुई। गांव श्याम नगर के ग्रामीणों ने एक निजी अस्पताल में महिला की उपचार के दौरान मौत होने पर सोमवार की सुबह सर्कुलर रोड पर जाम लगाया था। ग्रामीणों ने अस्पताल के डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
इस दौरान पुलिस ने उन्हें सड़क से हटने को कहा, लेकिन काफी देर बाद भी जब ग्रामीण नहीं हटे तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ते हुए सड़क से हटाया। इस बीच प्रदर्शनकारियों की डीएसपी पवन कुमार के साथ भी काफी देर तक बहस हुई। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों में डालकर लेकर जाने लगी तो महिलाएं पुलिस की गाड़ी के सामने बैठ गईं।
दरअसल, जिले के गांव श्याम नगर निवासी वीना (49) का शहर के आंबेडकर चौक स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को पथरी का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी हालत गंभीर बन गई। इसी कारण उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया, जहां वीना ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान गलत नस काट दी, जिस वजह से अधिक खून बहा और डॉक्टर की लापरवाही से वीना की मौत हो गई।
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डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी
परिजनों ने बताया कि वीना शनिवार को दवाई लेने के लिए अपनी बेटी के साथ अस्पताल आई थी। उसी समय डॉक्टर ने उन्हें पथरी का ऑपरेशन कराने की सलाह दी और साथ में आयुष्मान कार्ड के बारे में भी पूछा गया। वीना का आयुष्मान कार्ड बना हुआ था, ऐसे में उसी समय उसका ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। रविवार को परिजन रोहतक पीजीआई से वीना के शव को लेकर अस्पताल के बाहर पहुंचे और काफी हंगामा भी किया। पुलिस ने उस वक्त परिजनों को समझाकर शांत करा दिया था।
सर्कुलर रोड पर धरने पर बैठे ग्रामीण
सोमवार को वीना के शव का पोस्टमार्टम कराया जाना था। परिजन डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। गांव श्याम नगर से बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर के सामने शहर के सबसे व्यस्तम सर्कुलर रोड पर धरना शुरू कर दिया। सर्कुलर रोड ब्लॉक होने से ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमरा गई। सूचना के बाद डीएसपी पवन कुमार पुलिस बल के साथ ग्रामीणों को समझाने के लिए पहुंचे। डीएसपी ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी जब ग्रामीण नहीं हटे तो पुलिस ने उन्हें सड़क से खदेड़ दिया।
अस्पताल ने आरोपों को नकारा
अस्पताल संचालक देवेंद्र यादव ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टर गौरव यादव की ओर से ये ऑपरेशन किया गया था। हर केस में कोई न कोई कॉम्पलिकेशन होते हैं। इसी तरह की समस्या इस केस में भी थी। ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्त बहने से महिला की तबीयत बिगड़ी। इसी के चलते हमने उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया था। इसमें अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही जैसी कोई बात ही नहीं हैं।
एसपी से मिले परिजन
पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई और निजी अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर मृतका वीना के परिजन एसपी शशांक कुमार सावन से मिलने पहुंचे। एसपी ने परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि पहले आप पोस्टमार्टम कराइए। इसके बाद जो भी रिपोर्ट आएगी, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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इस दौरान पुलिस ने उन्हें सड़क से हटने को कहा, लेकिन काफी देर बाद भी जब ग्रामीण नहीं हटे तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ते हुए सड़क से हटाया। इस बीच प्रदर्शनकारियों की डीएसपी पवन कुमार के साथ भी काफी देर तक बहस हुई। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों में डालकर लेकर जाने लगी तो महिलाएं पुलिस की गाड़ी के सामने बैठ गईं।
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दरअसल, जिले के गांव श्याम नगर निवासी वीना (49) का शहर के आंबेडकर चौक स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को पथरी का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी हालत गंभीर बन गई। इसी कारण उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया, जहां वीना ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान गलत नस काट दी, जिस वजह से अधिक खून बहा और डॉक्टर की लापरवाही से वीना की मौत हो गई।
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डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी
परिजनों ने बताया कि वीना शनिवार को दवाई लेने के लिए अपनी बेटी के साथ अस्पताल आई थी। उसी समय डॉक्टर ने उन्हें पथरी का ऑपरेशन कराने की सलाह दी और साथ में आयुष्मान कार्ड के बारे में भी पूछा गया। वीना का आयुष्मान कार्ड बना हुआ था, ऐसे में उसी समय उसका ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। रविवार को परिजन रोहतक पीजीआई से वीना के शव को लेकर अस्पताल के बाहर पहुंचे और काफी हंगामा भी किया। पुलिस ने उस वक्त परिजनों को समझाकर शांत करा दिया था।
सर्कुलर रोड पर धरने पर बैठे ग्रामीण
सोमवार को वीना के शव का पोस्टमार्टम कराया जाना था। परिजन डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। गांव श्याम नगर से बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर के सामने शहर के सबसे व्यस्तम सर्कुलर रोड पर धरना शुरू कर दिया। सर्कुलर रोड ब्लॉक होने से ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमरा गई। सूचना के बाद डीएसपी पवन कुमार पुलिस बल के साथ ग्रामीणों को समझाने के लिए पहुंचे। डीएसपी ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी जब ग्रामीण नहीं हटे तो पुलिस ने उन्हें सड़क से खदेड़ दिया।
अस्पताल ने आरोपों को नकारा
अस्पताल संचालक देवेंद्र यादव ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टर गौरव यादव की ओर से ये ऑपरेशन किया गया था। हर केस में कोई न कोई कॉम्पलिकेशन होते हैं। इसी तरह की समस्या इस केस में भी थी। ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्त बहने से महिला की तबीयत बिगड़ी। इसी के चलते हमने उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया था। इसमें अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही जैसी कोई बात ही नहीं हैं।
एसपी से मिले परिजन
पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई और निजी अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर मृतका वीना के परिजन एसपी शशांक कुमार सावन से मिलने पहुंचे। एसपी ने परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि पहले आप पोस्टमार्टम कराइए। इसके बाद जो भी रिपोर्ट आएगी, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे मृतका के परिजन व ग्रामीण। संवाद

रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे मृतका के परिजन व ग्रामीण। संवाद

रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे मृतका के परिजन व ग्रामीण। संवाद