फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   civic issuse,grain market,Rewari News

टोकन कटने के बाद बाजरे की खरीद बंद करने पर किसानों ने किया प्रदर्शन

Wed, 18 Nov 2020 12:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2020 12:08 AM IST
विज्ञापन
civic issuse,grain market,Rewari News
अनाज मंडियों में बाजरा बेचने के लिए पहुंच रहे किसानों को सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। टोकन कटवाने के बाद भी किसानों को बाजरा बेचने के लिए हंगामा करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

मंगलवार को कोसली अनाज मंडी में करीब एक घंटे की खरीद के बाद अचानक खरीद प्रक्रिया बंद कर दिए जाने से गुस्साएं करीब 200 से अधिक किसानों ने सुबह मंडी में जमकर बवाल काटा तथा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों द्वारा हंगामा किए जाने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम कुशल कटारिया भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम द्वारा पटवारियों को मौके पर ही बुलाकर गिरदावरी कराने के बाद आदेश के बाद किसान शांत हुए।
विज्ञापन

बता दें कि कोसली अनाज मंडी में मंगलवार को करीब 500 किसान बाजरा की फसल बेचने के लिए पहुंचे। टोकन कटवाने के बाद कुछ किसानों का बाजरा खरीद लिया गया था, लेकिन करीब एक घंटा बाद खरीद को बंद कर दिया गया। खरीद प्रक्रिया बंद कर दिए जाने से गुस्साएं किसानों हंगामा कर दिया तथा धरने पर बैठ गए। किसानों के हंगामा की सूचना मिलने के बाद एसडीएम कुशल कटारिया ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान खरीद शुरू करने की मांग पर अड़े रहे। करीब आधा घंटा बाद एसडीएम के आदेश के बाद संबंधित पटवारियों को मौके पर ही बुुलाकर गिरदावरी कराने के बाद बाजरा खरीदने के बाद आदेश दिए। इसके बाद किसान शांत हुए तथा अनाज मंडी का कार्य सुचारु हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रेवाड़ी व बावल में भी किसान रहे परेशान
पटवारी से वेरिफिकेशन के बाद बाजरा खरीदने के आदेश के बाद मंगलवार को दिनभर सैकड़ों किसान किसान भवन में पटवारियों के पास चक्कर काटते रहे। पटवारियों द्वारा जमीन की वेरिफिकेशन कराने के बाद ही किसानों के टोकन काटे गए। इसके चलते रेवाड़ी स्थित अनाज मंडी में बने किसान भवन में सैकड़ों की संख्या में किसान वेरिफिकेशन करते दिखाई दिये।
किसान परेशान.. जवाब एक.. सबकुछ पंचकूला से
जिले में करीब 46 हजार किसानों ने बाजरा की उपज बेचने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकरण कराया हुआ है, लेकिन पांच हजार से अधिक किसानों के पास मैसेज ही नहीं पहुंचे। इसके बाद किसानों से पत्र लिखवाकर पंचकूला भेजने की बात कही गई। मंडी प्रशासन की माने तो चार हजार किसानों के पास मैसेज आ चुके हैं, एक हजार किसान बचे हुए हैं। मंगलवार को भी ये किसान नंबर आने की शिकायत लेकर मंडी सचिव कार्यालय व किसान भवन का चक्कर काटते रहे, लेकिन अधिकारियों की ओर से केवल एक जवाब दिया गया कि सब कुछ पंचकूला से हो रहा है। ऐसे में सवाल है कि आखिर किसानों की समस्याओं का समाधान कौन करेगा, क्यों पंचकूला का नाम लेकर परेशान किया जा रहा है।

किसानों की समस्या देखते हुए खरीद 27 नवंबर तक बढ़ा दी गई है, जिन किसानों के पास मैसेज नहीं आये उनकी शिकायत दर्ज कर खरीद की जाएगी। 20 नवंबर के बाद जिला स्तर पर ही ऐसे किसानों की लिस्ट तैयार कर उन्हें खरीद के लिए बुलाया जाएगा।
- सत्यप्रकाश यादव, मार्केट कमेटी सचिव, रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed