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टोकन कटने के बाद बाजरे की खरीद बंद करने पर किसानों ने किया प्रदर्शन
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अनाज मंडियों में बाजरा बेचने के लिए पहुंच रहे किसानों को सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। टोकन कटवाने के बाद भी किसानों को बाजरा बेचने के लिए हंगामा करना पड़ रहा है।
मंगलवार को कोसली अनाज मंडी में करीब एक घंटे की खरीद के बाद अचानक खरीद प्रक्रिया बंद कर दिए जाने से गुस्साएं करीब 200 से अधिक किसानों ने सुबह मंडी में जमकर बवाल काटा तथा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों द्वारा हंगामा किए जाने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम कुशल कटारिया भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम द्वारा पटवारियों को मौके पर ही बुलाकर गिरदावरी कराने के बाद आदेश के बाद किसान शांत हुए।
बता दें कि कोसली अनाज मंडी में मंगलवार को करीब 500 किसान बाजरा की फसल बेचने के लिए पहुंचे। टोकन कटवाने के बाद कुछ किसानों का बाजरा खरीद लिया गया था, लेकिन करीब एक घंटा बाद खरीद को बंद कर दिया गया। खरीद प्रक्रिया बंद कर दिए जाने से गुस्साएं किसानों हंगामा कर दिया तथा धरने पर बैठ गए। किसानों के हंगामा की सूचना मिलने के बाद एसडीएम कुशल कटारिया ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान खरीद शुरू करने की मांग पर अड़े रहे। करीब आधा घंटा बाद एसडीएम के आदेश के बाद संबंधित पटवारियों को मौके पर ही बुुलाकर गिरदावरी कराने के बाद बाजरा खरीदने के बाद आदेश दिए। इसके बाद किसान शांत हुए तथा अनाज मंडी का कार्य सुचारु हुआ।
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रेवाड़ी व बावल में भी किसान रहे परेशान
पटवारी से वेरिफिकेशन के बाद बाजरा खरीदने के आदेश के बाद मंगलवार को दिनभर सैकड़ों किसान किसान भवन में पटवारियों के पास चक्कर काटते रहे। पटवारियों द्वारा जमीन की वेरिफिकेशन कराने के बाद ही किसानों के टोकन काटे गए। इसके चलते रेवाड़ी स्थित अनाज मंडी में बने किसान भवन में सैकड़ों की संख्या में किसान वेरिफिकेशन करते दिखाई दिये।
किसान परेशान.. जवाब एक.. सबकुछ पंचकूला से
जिले में करीब 46 हजार किसानों ने बाजरा की उपज बेचने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकरण कराया हुआ है, लेकिन पांच हजार से अधिक किसानों के पास मैसेज ही नहीं पहुंचे। इसके बाद किसानों से पत्र लिखवाकर पंचकूला भेजने की बात कही गई। मंडी प्रशासन की माने तो चार हजार किसानों के पास मैसेज आ चुके हैं, एक हजार किसान बचे हुए हैं। मंगलवार को भी ये किसान नंबर आने की शिकायत लेकर मंडी सचिव कार्यालय व किसान भवन का चक्कर काटते रहे, लेकिन अधिकारियों की ओर से केवल एक जवाब दिया गया कि सब कुछ पंचकूला से हो रहा है। ऐसे में सवाल है कि आखिर किसानों की समस्याओं का समाधान कौन करेगा, क्यों पंचकूला का नाम लेकर परेशान किया जा रहा है।
किसानों की समस्या देखते हुए खरीद 27 नवंबर तक बढ़ा दी गई है, जिन किसानों के पास मैसेज नहीं आये उनकी शिकायत दर्ज कर खरीद की जाएगी। 20 नवंबर के बाद जिला स्तर पर ही ऐसे किसानों की लिस्ट तैयार कर उन्हें खरीद के लिए बुलाया जाएगा।
- सत्यप्रकाश यादव, मार्केट कमेटी सचिव, रेवाड़ी
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मंगलवार को कोसली अनाज मंडी में करीब एक घंटे की खरीद के बाद अचानक खरीद प्रक्रिया बंद कर दिए जाने से गुस्साएं करीब 200 से अधिक किसानों ने सुबह मंडी में जमकर बवाल काटा तथा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों द्वारा हंगामा किए जाने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम कुशल कटारिया भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम द्वारा पटवारियों को मौके पर ही बुलाकर गिरदावरी कराने के बाद आदेश के बाद किसान शांत हुए।
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बता दें कि कोसली अनाज मंडी में मंगलवार को करीब 500 किसान बाजरा की फसल बेचने के लिए पहुंचे। टोकन कटवाने के बाद कुछ किसानों का बाजरा खरीद लिया गया था, लेकिन करीब एक घंटा बाद खरीद को बंद कर दिया गया। खरीद प्रक्रिया बंद कर दिए जाने से गुस्साएं किसानों हंगामा कर दिया तथा धरने पर बैठ गए। किसानों के हंगामा की सूचना मिलने के बाद एसडीएम कुशल कटारिया ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान खरीद शुरू करने की मांग पर अड़े रहे। करीब आधा घंटा बाद एसडीएम के आदेश के बाद संबंधित पटवारियों को मौके पर ही बुुलाकर गिरदावरी कराने के बाद बाजरा खरीदने के बाद आदेश दिए। इसके बाद किसान शांत हुए तथा अनाज मंडी का कार्य सुचारु हुआ।
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रेवाड़ी व बावल में भी किसान रहे परेशान
पटवारी से वेरिफिकेशन के बाद बाजरा खरीदने के आदेश के बाद मंगलवार को दिनभर सैकड़ों किसान किसान भवन में पटवारियों के पास चक्कर काटते रहे। पटवारियों द्वारा जमीन की वेरिफिकेशन कराने के बाद ही किसानों के टोकन काटे गए। इसके चलते रेवाड़ी स्थित अनाज मंडी में बने किसान भवन में सैकड़ों की संख्या में किसान वेरिफिकेशन करते दिखाई दिये।
किसान परेशान.. जवाब एक.. सबकुछ पंचकूला से
जिले में करीब 46 हजार किसानों ने बाजरा की उपज बेचने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकरण कराया हुआ है, लेकिन पांच हजार से अधिक किसानों के पास मैसेज ही नहीं पहुंचे। इसके बाद किसानों से पत्र लिखवाकर पंचकूला भेजने की बात कही गई। मंडी प्रशासन की माने तो चार हजार किसानों के पास मैसेज आ चुके हैं, एक हजार किसान बचे हुए हैं। मंगलवार को भी ये किसान नंबर आने की शिकायत लेकर मंडी सचिव कार्यालय व किसान भवन का चक्कर काटते रहे, लेकिन अधिकारियों की ओर से केवल एक जवाब दिया गया कि सब कुछ पंचकूला से हो रहा है। ऐसे में सवाल है कि आखिर किसानों की समस्याओं का समाधान कौन करेगा, क्यों पंचकूला का नाम लेकर परेशान किया जा रहा है।
किसानों की समस्या देखते हुए खरीद 27 नवंबर तक बढ़ा दी गई है, जिन किसानों के पास मैसेज नहीं आये उनकी शिकायत दर्ज कर खरीद की जाएगी। 20 नवंबर के बाद जिला स्तर पर ही ऐसे किसानों की लिस्ट तैयार कर उन्हें खरीद के लिए बुलाया जाएगा।
- सत्यप्रकाश यादव, मार्केट कमेटी सचिव, रेवाड़ी