{"_id":"67f5653bce2c7c0b720e94ab","slug":"chc-phc-will-be-monitored-sex-ratio-will-have-to-be-increased-by-3-points-every-month-rewari-news-c-198-1-rew1001-217637-2025-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: सीएचसी-पीएचसी की होगी मॉनिटरिंग, हर माह 3 पॉइंट बढ़ाना होगा लिंगानुपात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: सीएचसी-पीएचसी की होगी मॉनिटरिंग, हर माह 3 पॉइंट बढ़ाना होगा लिंगानुपात
विज्ञापन
सिविल अस्पताल रेवाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। लिंगानुपात को लेकर अब हर सीएचसी-पीएचसी की कड़ी मॉनिटरिंग होगी। साथ ही सभी एसएमओ की जिम्मेदारी भी तय की गई है। नई जिम्मेदारी में एसएमओ को लिंगानुपात में हर माह 3 पॉइंट बढ़ाने होंगे। अगर लिंगानुपात में वृद्धि नहीं हुई तो संबंधित कर्मचारियों को नोटिस देकर उनसे रिपोर्ट भी तलब की जाएगी।
इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए नई व्यवस्था भी लागू की गई है, जिसमें सभी गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड कराने से पहले आरसीएच आईडी बनवानी अनिवार्य है। गर्भवती महिलाओं को इसके लिए 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इसके लिए उनकी तरफ से गांवों में सरपंचों के साथ जागरूकता मीटिंग से लेकर अन्य कार्यक्रम करने होंगे। विभाग के अनुसार एमटीपी रिपोर्ट पूरी विश्लेषणात्मक होनी चाहिए। यदि कोई बीएएमएस चिकित्सक एमटीपी करता पाया गया तो उसे पकड़ा जाएगा और आयुष विभाग को इसकी जानकारी दी जाएगी। पीएनडीटी एक्ट के तहत हर जिले से साप्ताहिक रिपोर्ट ली जाएगी। अवैध एमटीपी किट बिक्री पर सख्ती के लिए डीजीएचएस ने जिलों को छापेमारी के लक्ष्य देने के निर्देश दिए हैं।
आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी वर्कर को दिए निर्देश
आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी वर्कर को निर्देश दिए गए हैं कि वे गर्भवतियों का जल्द एएनसी रजिस्ट्रेशन कराएं। यदि तीन महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो सिविल सर्जन की अनुमति के बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, केवल आपात स्थिति में ही छूट मिलेगी। लिंगानुपात पर सरकार का विशेष फोकस है। इसलिए इसमें लगातार सख्ती की जा रही है। रेवाड़ी जिला भी लिंगानुपात के मामले में प्रदेशभर में पिछड़ा हुआ है। इधर, आदेशों की अनुपालना में जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी एसएमओ की मीटिंग भी ली गई, जिसमें उनको उन निर्देशों के बारे में बताया गया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
अवैध एमटीपी किट बिक्री की सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम
अवैध एमटीपी किट बिक्री की सूचना देने वाले को 10 हजार और डिकोय ऑपरेशन में शामिल व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' फंड से दी जाएगी। इसके अलावा पांच महिला सरपंचों को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। इनमें प्राथमिकता उन सरपंचों को दी जाएगी, जिनके सभी बच्चे बेटियां हैं।
एमटीपी की अवैध बिक्री रोकने के लिए होगी जांच
पीएनडीटी एक्ट के जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि डीजीएचएस के आदेश अनुसार अब एमटीपी की अवैध बिक्री रोकने के लिए जांच की जाएगी। एमटीपी किट की बिक्री केवल पंजीकृत एमटीपी केंद्र ही कर सकते हैं, लेकिन उनको बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और विभाग को भी समय पर भेजना अनिवार्य है।
विज्ञापन
इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए नई व्यवस्था भी लागू की गई है, जिसमें सभी गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड कराने से पहले आरसीएच आईडी बनवानी अनिवार्य है। गर्भवती महिलाओं को इसके लिए 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इसके लिए उनकी तरफ से गांवों में सरपंचों के साथ जागरूकता मीटिंग से लेकर अन्य कार्यक्रम करने होंगे। विभाग के अनुसार एमटीपी रिपोर्ट पूरी विश्लेषणात्मक होनी चाहिए। यदि कोई बीएएमएस चिकित्सक एमटीपी करता पाया गया तो उसे पकड़ा जाएगा और आयुष विभाग को इसकी जानकारी दी जाएगी। पीएनडीटी एक्ट के तहत हर जिले से साप्ताहिक रिपोर्ट ली जाएगी। अवैध एमटीपी किट बिक्री पर सख्ती के लिए डीजीएचएस ने जिलों को छापेमारी के लक्ष्य देने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी वर्कर को दिए निर्देश
आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी वर्कर को निर्देश दिए गए हैं कि वे गर्भवतियों का जल्द एएनसी रजिस्ट्रेशन कराएं। यदि तीन महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो सिविल सर्जन की अनुमति के बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, केवल आपात स्थिति में ही छूट मिलेगी। लिंगानुपात पर सरकार का विशेष फोकस है। इसलिए इसमें लगातार सख्ती की जा रही है। रेवाड़ी जिला भी लिंगानुपात के मामले में प्रदेशभर में पिछड़ा हुआ है। इधर, आदेशों की अनुपालना में जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी एसएमओ की मीटिंग भी ली गई, जिसमें उनको उन निर्देशों के बारे में बताया गया।
विज्ञापन
अवैध एमटीपी किट बिक्री की सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम
अवैध एमटीपी किट बिक्री की सूचना देने वाले को 10 हजार और डिकोय ऑपरेशन में शामिल व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' फंड से दी जाएगी। इसके अलावा पांच महिला सरपंचों को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। इनमें प्राथमिकता उन सरपंचों को दी जाएगी, जिनके सभी बच्चे बेटियां हैं।
एमटीपी की अवैध बिक्री रोकने के लिए होगी जांच
पीएनडीटी एक्ट के जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि डीजीएचएस के आदेश अनुसार अब एमटीपी की अवैध बिक्री रोकने के लिए जांच की जाएगी। एमटीपी किट की बिक्री केवल पंजीकृत एमटीपी केंद्र ही कर सकते हैं, लेकिन उनको बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और विभाग को भी समय पर भेजना अनिवार्य है।