{"_id":"69249ffceef8b1a214056145","slug":"chaudhary-chhotu-ram-jayanti-celebrated-in-a-riot-rewari-news-c-198-1-rew1001-229432-2025-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: बावल में मनाई चौधरी छोटूराम जयंती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: बावल में मनाई चौधरी छोटूराम जयंती
विज्ञापन
बावल में चौधरी छोटूराम की जयंती मनाते लोग। स्रोत : संगठन
- फोटो : टूंडला के अकबरपुर में श्रीमद भागवत कथा सुनते गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत व अन्य संवाद
बावल। कस्बे के मेन बाजार स्थित चौधरी छोटूराम की प्रतिमा पर जयंती के अवसर पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भाकियू प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि चौधरी छोटूराम किसान, मजदूर, गरीब और दबे-कुचले लोगों की आवाज थे।
उन्होंने समाज कल्याण के इतने कार्य किए कि उन्हें रहबरे-ए-आजम और दीनबंधु जैसी उपाधियों से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि छोटूराम का मानना था कि किसान की कोई जाति नहीं होती।
रामकिशन महलावत ने कहा कि आज जरूरत है कि लोग महापुरुषों को सिर्फ याद न करें बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज में बढ़ रही जागरूकता से सामाजिक परिवर्तन तेज होगा और जातीय बंधन कमजोर पड़ेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, मजदूर और कमेरा वर्ग देश की रीढ़ है लेकिन लंबे समय से इन्हें धार्मिक और सामाजिक शोषण का सामना करना पड़ा है। आज जब बहुजन एकजुट हो रहे हैं तो समाज में सकारात्मक बदलाव दिखने लगा है।
विज्ञापन
उन्होंने समाज कल्याण के इतने कार्य किए कि उन्हें रहबरे-ए-आजम और दीनबंधु जैसी उपाधियों से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि छोटूराम का मानना था कि किसान की कोई जाति नहीं होती।
विज्ञापन
रामकिशन महलावत ने कहा कि आज जरूरत है कि लोग महापुरुषों को सिर्फ याद न करें बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज में बढ़ रही जागरूकता से सामाजिक परिवर्तन तेज होगा और जातीय बंधन कमजोर पड़ेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, मजदूर और कमेरा वर्ग देश की रीढ़ है लेकिन लंबे समय से इन्हें धार्मिक और सामाजिक शोषण का सामना करना पड़ा है। आज जब बहुजन एकजुट हो रहे हैं तो समाज में सकारात्मक बदलाव दिखने लगा है।