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चार साल से बंद पड़े सीसीटीवी कैमरे, कैसे हो शहर की सुरक्षा
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रेवाड़ी। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बाजारों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे करीब चार साल से बंद पड़े हैं। विभाग की ओर से कैमरों की मरम्मत कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इससे शहर की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
दुकानदारों ने कहा कि सीसीटीवी सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि सांसद कोष से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए राव इंद्रजीत सिंह ने जिला प्रशासन को 10 लाख रुपये दिए थे। नगर परिषद ने इस बजट में शहर के बाजारों व प्रमुख चौराहों पर 24 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम शहर थाना में बनाया गया था। कैमरे लगवाने के कुछ दिन बाद से ही इनके टूटने का सिलसिला शुरू हो गया था। पहले गोकल गेट के पास लगे दो कैमरे टूटकर नीचे लटक गए थे। इसके बाद जीवली बाजार के निकट एक ट्रक के साइड मारने से दो और कैमरे नीचे लटक गए थे। बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगने के कारण पुलिस को चोरी आदि वारदात को सुलझाने व आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलती थी। सीसीटीवी कैमरे खराब होने से पुलिस को भी मदद नहीं मिल पा रही है।
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खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे
शहर में लगभग चार साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मरम्मत के अभाव में अब ये खराब होकर बंद पड़े हैं। शहर में महत्वपूर्ण बाजार में सीसीटीवी कैमरे होने ही चाहिए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहे। कोई आपराधिक घटना होती है तो तुरंग उस पर लगाम लगाई जा सके।
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- नीरज सोनी, सदस्य संयुक्त व्यापार संगठन
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चार सालों से चालू नहीं सीसीटीवी कैमरे
शहर के मोती चौक पर करीब चार साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मुश्किल से डेढ़ या दो महीने ही चले होंगे इसके बाद कैमरे खराब हो गए। सांसद कोष द्वारा लगाए गए कैमरे की प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है। नप व पुलिस विभाग के सहयोग से लगाए गए कैमरे शोपीस बनकर रह गए हैं।
- अनिल अरनेजा, सदस्य संयुक्त व्यापार संगठन
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मरम्मत न होने के कारण लटके कैमरे
चार साल पहले सांसद कोष द्वारा लगाए गए कैमरे बंद पड़े हैं। इसके कारण सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। 4 साल पहले लगाए गए कैमरे को सिटी थाने से जोड़ा गया था, लेकिन इसका कोई परिणाम सामने ही नहीं आया। सुरक्षा को लेकर दुकानदारों ने अपनी दुकान पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए है।
- दीपेश भार्गव, प्रधान संयुक्त व्यापार संगठन
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अपने स्तर पर लगवाएंगे सीसीटीवी कैमरे
बाजार में लगाए गए सीसीटीवी काफी सालों से बंद पड़े हुए हैं। अब तो हम सभी दुकानदारों को अपने स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे। आए दिन बाजार में भीड़ का फायदा उठाकर अपराधी वारदात को अंजाम देता है। किसी की जेब कट रही है व किसी का सामान चोरी हो रहा है। चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री बाजार में आए थे। उन्होंने सांसद कोष से सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मंजूरी दी थी। अब उनका हाल बदहाल हो रहा है।
- विपिन अग्रवाल, सदस्य, संयुक्त व्यापार संगठन
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सीसीटीवी कैमरे खराब हैं तो उनकी जांच कराएंगे। गाइडलाइन के अनुसार नप की ओर से बाजारों में कैमरे लगाए गए थे। जोकि पुलिस विभाग को सौंप दिए गए थे।
- अभे सिंह, ईओ, नगर परिषद
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सीसीटीवी कैमरे खराब हैं तो उनको चेक करवाया जाएगा। चेक करवाने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- हंसराज, डीएसपी, प़ुलिस विभाग
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दुकानदारों ने कहा कि सीसीटीवी सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि सांसद कोष से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए राव इंद्रजीत सिंह ने जिला प्रशासन को 10 लाख रुपये दिए थे। नगर परिषद ने इस बजट में शहर के बाजारों व प्रमुख चौराहों पर 24 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम शहर थाना में बनाया गया था। कैमरे लगवाने के कुछ दिन बाद से ही इनके टूटने का सिलसिला शुरू हो गया था। पहले गोकल गेट के पास लगे दो कैमरे टूटकर नीचे लटक गए थे। इसके बाद जीवली बाजार के निकट एक ट्रक के साइड मारने से दो और कैमरे नीचे लटक गए थे। बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगने के कारण पुलिस को चोरी आदि वारदात को सुलझाने व आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलती थी। सीसीटीवी कैमरे खराब होने से पुलिस को भी मदद नहीं मिल पा रही है।
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खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे
शहर में लगभग चार साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मरम्मत के अभाव में अब ये खराब होकर बंद पड़े हैं। शहर में महत्वपूर्ण बाजार में सीसीटीवी कैमरे होने ही चाहिए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहे। कोई आपराधिक घटना होती है तो तुरंग उस पर लगाम लगाई जा सके।
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- नीरज सोनी, सदस्य संयुक्त व्यापार संगठन
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चार सालों से चालू नहीं सीसीटीवी कैमरे
शहर के मोती चौक पर करीब चार साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मुश्किल से डेढ़ या दो महीने ही चले होंगे इसके बाद कैमरे खराब हो गए। सांसद कोष द्वारा लगाए गए कैमरे की प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है। नप व पुलिस विभाग के सहयोग से लगाए गए कैमरे शोपीस बनकर रह गए हैं।
- अनिल अरनेजा, सदस्य संयुक्त व्यापार संगठन
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मरम्मत न होने के कारण लटके कैमरे
चार साल पहले सांसद कोष द्वारा लगाए गए कैमरे बंद पड़े हैं। इसके कारण सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। 4 साल पहले लगाए गए कैमरे को सिटी थाने से जोड़ा गया था, लेकिन इसका कोई परिणाम सामने ही नहीं आया। सुरक्षा को लेकर दुकानदारों ने अपनी दुकान पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए है।
- दीपेश भार्गव, प्रधान संयुक्त व्यापार संगठन
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अपने स्तर पर लगवाएंगे सीसीटीवी कैमरे
बाजार में लगाए गए सीसीटीवी काफी सालों से बंद पड़े हुए हैं। अब तो हम सभी दुकानदारों को अपने स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे। आए दिन बाजार में भीड़ का फायदा उठाकर अपराधी वारदात को अंजाम देता है। किसी की जेब कट रही है व किसी का सामान चोरी हो रहा है। चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री बाजार में आए थे। उन्होंने सांसद कोष से सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मंजूरी दी थी। अब उनका हाल बदहाल हो रहा है।
- विपिन अग्रवाल, सदस्य, संयुक्त व्यापार संगठन
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सीसीटीवी कैमरे खराब हैं तो उनकी जांच कराएंगे। गाइडलाइन के अनुसार नप की ओर से बाजारों में कैमरे लगाए गए थे। जोकि पुलिस विभाग को सौंप दिए गए थे।
- अभे सिंह, ईओ, नगर परिषद
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सीसीटीवी कैमरे खराब हैं तो उनको चेक करवाया जाएगा। चेक करवाने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- हंसराज, डीएसपी, प़ुलिस विभाग